अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की एक्सीडेंट में हुई मौत के बाद जब जेल में बंद दोनों बेटे उमर और अली छोटे भाई के सुपुर्द खाक में प्रयागराज आए तो भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. जनाजे में उमड़ी भीड़ और जनाजे में हो रही मांग को देखते हुए अतीक के बेटे की होंठ पर रखी ऊंगली वाली तस्वीर खूब वायरल हुई. दरअसल यह भीड़ अब अतीक अहमद की सियासी विरासत को संभालने की मांग अतीक के दोनों बेटों से कर रही थी.
अतीक के बेटों की AIMIM लीडर से मुलाकात-
उसी जनाजे की नमाज के वक्त दोनों भाइयों की मुलाकात असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से हई. अतीक के बेटों ने ओवैसी को अपना सलाम भेजा, जिसकी तस्दीक शौकत अली ने की. यहीं से यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या 2027 के चुनाव में अतीक के बेटे विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. चर्चा है कि बड़े बेटे उमर को चुनाव लड़ने की मांग प्रयागराज पश्चिम के अतीक के समर्थक कर रहे हैं.
AIMIM का चुनाव लड़ने वाली बात से इनकार-
एआईएमआईएम हालांकि इस बात से इनकार कर रही है कि परिवार ने चुनाव की कोई बात की है या पार्टी अतीक के किसी बेटे को चुनाव लड़ने जा रही है. लेकिन चर्चा को देखते हुए एआईएमआईएम के स्थानीय नेता कहने लगे हैं कि अगर अतीक़ के परिवार से कोई लड़ने आएगा तो स्वागत करेंगे, क्योंकि 2022 में गुजरात जेल में बंद अतीक अहमद ने परिवार समेत एआईएमआईएम पार्टी ज्वाइन की थी और लखनऊ में खुद शाइस्ता ने बाकायदा ओवैसी के मंच पर जाकर पार्टी की सदस्यता ली थी.
पलवी पटेल ने भी की मुलाकात-
उधर अपना दल कामेरावादी की नेता और विधायक पलवी पटेल ने अतीक अहमद के परिवार से जाकर प्रयागराज में मुलाकात थी. इस मुलाकात ने भी चर्चा को बल दिया कि क्या परिवार 2027 की तैयारी में जुटा है? हालांकि पलवी पटेल ने भी इस बारे में अभी तक कुछ नहीं कहा है. लेकिन अतीक अहमद से सोनेलाल पटेल के घनिष्ठ रिश्ते रहे हैं. ऐसे में चर्चा यह भी है कि अपना दल कमेरावादी भी परिवार को ऑफर कर सकती है.
अतीक की सियासी विरासत संभालेंगे बेटे?
फिलहाल यह दो दल खुलकर अतीक के परिवार के साथ दिखाई दे रहे हैं. वैसे तो मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी भी उमर और अली से मिलने जनाजे के वक्त आए थे. लेकिन असल लड़ाई अब प्रयागराज में अतीक के सियासी विरासत को लेकर भी शुरू हो गई है. अतीक समर्थक इस परिवार को चुनाव में उतारना चाहते हैं. लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े तेवर को देखते हुए फिलहाल अतीक का परिवार कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है. इसीलिए ना तो परिवार ने अभी तक चुनाव को लेकर कोई बात की है और ना ही उन्हें कथित तौर पर ऑफर करने वाले दलों ने. लेकिन प्रयागराज में यह चर्चा जोरों पर है कि अतीक के बेटों को चुनाव में उतरना चाहिए.
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