उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को वोटिंग होगी. जिसमें 8 सीटें भाजपा के कोटे में जाना तय माना जा रहा है. चूंकि 7 राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है. ऐसे में नजरें इस ओर टिकी हैं कि कौन अपनी जगह दोबारा बना पाएगा और कौन इस बार बाहर होगा?
किसका कार्यकाल हो रहा खत्म?
उत्तरप्रदेश से भाजपा के अरूण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा दिवेदी और हरदीप पुरी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा हैं. फिलहाल इन 7 सदस्यों में दो केंद्र में मंत्री हैं. बीएल वर्मा उत्तर प्रदेश में पिछडी लोध जाति से आते हैं, केंद्र में मंत्री हैं. ऐसे में उनके दोबारा राज्यसभा जाने की संभावना सबसे ज्यादा है, क्योंकि बीएल वर्मा को शीर्ष नेतृत्व का नजदीकी भी माना जाता है और उन्हें दोबारा राज्यसभा भेज कर बीजेपी लोध बिरादरी में अपना संदेश भी देना चाहेगी.
दिनेश शर्मा के पहले ही अंडमान और निकोबार द्धीप समूह के उपराज्यपाल बनाए जा चुके हैं और उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा भी दे दिया है.
पूर्व डीजीपी बृजलाल का खत्म हो रहा कार्यकाल-
यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल का कार्यकाल खत्म हो रहा है. लेकिन वह दलित बैकग्राउंड से आते है. तेजतर्रार आईपीएस रहे. मुलायम सिंह यादव परिवार और खासकर अखिलेश यादव और शिवपाल यादव को हमेशा निशाने पर लेते रहे हैं. वो राज्यसभा दोबारा जाने के प्रबल दावेदार हैं. बृजलाल उत्तरप्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
2 महिला सांसदों का भी हो रहा कार्यकाल खत्म-
दो महिला राज्यसभा सांसदों का भी कार्यकाल खत्म हो रहा हैं. सीमा द्विवेदी ब्राम्हण चेहरा तो गीता शाक्य ओबीसी चेहरा हैं. चर्चा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में इन दोनों चेहरों को उतार सकती है. ऐसे में एक महिला के तौर पर स्मृति ईरानी की प्रबल दावेदारी है और माना जा रहा है कि उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है. वह दो राज्यों की प्रभारी भी बनाई गई हैं.
क्योंकि गीता शाक्य ओबीसी बिरादरी, ओबीसी मोर्चे की अध्यक्ष रह चुकी हैं. चर्चा है कि उन्हें पार्टी दोबारा राज्यसभा दे सकती है.
हरीश द्विवेदी जा सकते हैं राज्यसभा-
ब्राह्मण चेहरे के तौर पर हरीश द्विवेदी को भी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा जा सकता है. उन्हें भी दो-दो राज्यों का प्रभारी बनाया गया है और कद कही बड़ा हुआ है. सीमा द्विवेदी तीन बार विधायक और अब राज्यसभा में रही मुमकिन है. उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ाया जाए.
नीरज शेखर को मिल पाएगा मौका?
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे और ठाकुर समुदाय से आने वाले नीरज शेखर का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा. क्या बीजेपी एक बार फिर उन्हें राज्यसभा भेजेगी या उनके परिवार को 2027 के विधानसभा चुनाव में लड़ाएगी? नीरज शेखर फिर से राज्यसभा जाने के इच्छुक हैं, लेकिन उनके नाम को लेकर पार्टी में दुविधा बनी हुई है.
अरुण सिंह की भी चर्चा-
चर्चा है कि इस बार पूर्वांचल से ही आने वाले पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की भी तगड़ी दावेदारी मौजूद है.
माना जा रहा है 8 में कम से कम कई नए नाम होंगे, जो राज्यसभा जाएंगे और इसमें सामाजिक समीकरणों का ख्याल रखा जाएगा. हरीश द्विवेदी और स्मृति ईरानी यह दो नाम लगभग तय माने जा रहे हैं. देखना है कि बचे हुए नाम में कितने नाम राज्यसभा पहुंचते हैं और कितने बाहर रह जाते हैं?
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