पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बज चुका है. यहां चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होने हैं. पहले चरण में विधानसभा की कुल 294 सीटों में से 152 सीटों पर गुरुवार को मतदान शुरू हो गया है. इस बार चुनाव में मुख्य लड़ाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) में है. पहले चरण का चुनाव बीजेपी और टीएमसी दोनों के लिए काफी अहम है.
कुल इतने उम्मीदवार चुनावी मैदान में
पहले चरण में कुल 1478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. इनमें शुभेंदु अधिकारी, रंजन चौधरी सहित कई दिग्गज शामिल हैं जिनकी किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी. बीजेपी ने पहले चरण की सभी 152 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, तो वहीं टीएमसी ने 148 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को टिकट दिया है. उधर, कांग्रेस पहले चरण में 151 सीटों पर सीपीएम 98 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. पहले चरण में कुल 929 प्रत्याशी निर्दलीय व अन्य छोटी पार्टियों से उतरे हैं.
कहां और कितनी सीटों पर हो रहा मतदान
बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है. इनमें पूर्व मेदिनीपुर की 16 विधानसभा सीटें, पश्चिम मेदिनीपुर की 15, उत्तर बंगाल के 8 जिले, दक्षिण बंगाल के 3 और जंगलमहल अंचल के 5 जिले शामिल हैं. मुर्शिदाबाद की 22 विधानसभा सीटें, कूचबिहार की 9 सीटें, जलपाईगुड़ी की 7, अलीपुरद्वार की 5, कलिंपोंग की 1, दार्जिलिंग की 5, उत्तर दिनाजपुर की 9, दक्षिण दिनाजपुर की छह, मालदा की 12, बीरभूम की 11, पश्चिम बर्द्धमान की 9, झाड़ग्राम की 4, पुरुलिया की 9 व बांकुड़ा की 12 सीटें शामिल हैं.
BJP और TMC दोनों के लिए क्यों अहम है पहले चरण का चुनाव
आपको मालूम हो कि ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव उनकी 15 साल की सत्ता को बचाने की चुनौती है. उधर, बीजेपी हर हाल में इस बार टीएमसी को सत्ता से बेदखल करना चाह रही है. आपको मालूम हो कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में बीजेपी ने पहले चरण की 152 सीटों में से 59 सीटें जीती थीं, जबकि दूसरे चरण की 142 सीटों में भारतीय जनता पार्टी सिर्फ 18 सीट जीतने में सफल हुई थी. इस बार बीजेपी चाहेगी कि पहले चरण में अधिक से अधिक सीटें जीती जाएं क्योंकि सत्ता की राह में भाजपा के लिए पहले चरण में बढ़त बनाना बहुत जरूरी है. यदि बीजेपी पहले ही चरण में कमजोर पड़ी तो आगे की राह कठिन हो जाएगी. यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत पहले चरण में झोंक रखी थी. कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों की ज्यादातर सीटें बीजेपी के पास हैं.
आपको मालूम हो कि बीजेपी विधानसभा चुनाव 2021 में कुल 77 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल हुई थी. उधर, ममता की पार्टी टीएमसी भी पहले चरण में अधिक से अधिक सीटों पर विजय चाह रही है. टीएमसी ने विधानसभा चुनाव 2021 में पहले चरण के चुनाव में 152 सीटों में से 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों में से 123 सीटों पर जीत दर्ज की थी.यदि टीएमसी पहले चरण के चुनाव में बीजेपी को अधिक से अधिक सीटों पर हरा देती है तो ममता बनर्जी के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह आसान हो सकती है. पहले चरण की सीटों में मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिले अहम हैं, जहां 50 से 66 फीसदी तक मुस्लिम हैं. इन तीन जिलों की 43 सीटों में से पिछली बार टीएमसी ने 35 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 8 सीटें मिली थीं. इस बार भारतीय जनता पार्टी ने हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण पर जोर देते हुए यहां TMC की बढ़त को चुनौती देने की रणनीति बनाई है. उधर, टीएमसी इन तीनों जिलों में अपनी सीटें और बढ़ाने के लिए पूरी जोर लगा दी है. पहले चरण में हार का मतलब सत्ता की दौड़ से बाहर होना. ऐसे में बीजेपी और टीएमसी दोनों के लिए पहला चरण का चुनाव काफी अहम माना जा रहा है.
पहले चरण के चुनाव में इन दिग्गजों की किस्मत का फैसला
1. शुभेंदु अधिकारी
पहले चरण के चुनाव में सबसे चर्चित सीटों में नंदीग्राम मानी जा रही है. बंगाल में बीजेपी का चेहरा माने जा रहे और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर पहले ही चरण में चुनाव हो रहा है. नंदीग्राम सीट 2021 में काफी चर्चा में थी क्योंकि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी के सामने खड़ी थीं. दोनों में मुकाबला तो इस बार भी हो रहा है, लेकिन भवानीपुर में. शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों जगहों से चुनाव लड़ रहे हैं. बीजेपी नंदीग्राम सीट फिर जीतना चाह रही है. इस बार शुभेंदु अधिकारी के सामने टीएमसी उम्मीदवार पबित्र हैं.
2. दिलीप घोष
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष खड़गपुर सदर से चुनावी मैदान में हैं. इस सीट पर पहले चरण में चुनाव हो रहा है. दिलीप घोष का सामना टीएमसी के प्रदीप सरकार से है.
3. अग्निमित्रा पॉल
पहले चरण के चुनाव में ही बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल की भी अग्निपरीक्षा हो रही है. वह आसनसोल दक्षिण सीट से चुनाव लड़ रही हैं. उनका मुकाबला टीएमसी के तापस बनर्जी से है. दोनों नेता अपनी-अपनी पार्टियों में खास पहचान रखते हैं. ऐसे में यह सीट हाई-प्रोफाइल मानी जा रही है.
4. अधीर रंजन चौधरी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर सीट से चुनावी मैदान में हैं. पहले चरण के चुनाव में उनका मुकाबला बीजेपी के सुभ्रत माईत्रा से है. यह सीट कांग्रेस की गढ़ मानी जाती है. हालांकि पिछले कुछ सालों से यहां काफी बदलाव आया है.
5. निसिथ प्रमाणिक
माथाभांगा सीट पर केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक बीजेपी के टिकट पर ताल ठोक रहे हैं. उनके सामने टीएमसी के साब्लु बर्मन हैं. माथाभांगा सीट उत्तर बंगाल की महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जाती है.
6. कृष्णा कल्याणी और कौशिक चौधरी
टीएमसी उम्मीदवार कृष्णा कल्याणी और बीजेपी प्रत्याशी कौशिक चौधरी रायगंज सीट से किस्मत आजमा रहे हैं. इस सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक माने जाते हैं. यह सीट लगातार राजनीतिक बदलावों के कारण चर्चा में रहती है.
7. लिपिका बर्मन घोष और गोपाल चंद्र साहा
मालदा सीट पर मुख्य मुकाबला टीएमसी की लिपिका बर्मन घोष और बीजेपी के गोपाल चंद्र साहा के बीच है. आपके मालूम हो कि यह सीट कभी कांग्रेस की गढ़ मानी जाती थी.
8. हुमायूं कबीर
पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर अपनी नई पार्टी से डोमकल सीट से किस्मत आजमा रहे हैं. उनका मुकाबला सीपीआई एम के मुस्तफिजुर रहमान से है.