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Agenda Aaj Tak 2025: जब अमेरिका में सुनसान सड़क पर जान पर बन आई थी, शत्रुघ्न सिन्हा ने सुनाया वो किस्सा

एजेंडा आजतक के 13वें संस्करण के मंच पर एक्टर और पॉलिटिशियन शत्रुघ्न सिन्हा ने शिरकत की. एक्टर ने एक किस्सा सुनाया कि कैसे अमेरिका में एक बार वो फंस गए थे. देर रात सुनसान जगह पर अकेले फंस गया था. उनकी जान जाने वाली थी. लेकिन कुछ सिख लोगों ने उनको बचाया था और होटल पहुंचाया था.

Shatrughan Sinha
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 8:22 PM IST

एजेंडा आजतक 2025 के मंच पर बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर और मशहूर पॉलिटिशियन शत्रुघ्न सिन्हा ने शिरकत की. इस दौरान दिग्गज एक्टर ने अमेरिका का एक किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि वो एक पंजाबी फिल्म 'पुत्त जट्टां दे' धर्मेंद्र के साथ काम किया था और इस फिल्म की वजह से एक बार उनकी जान बची थी. अमेरिका में सिख लोगों ने मेरी जान बचाई थी.

शत्रुघ्न सिन्हा ने सुनाया अमेरिका में जान बचने वाला किस्सा-
एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि फिल्म से शोहरत तो होती ही है, लेकिन कभी-कभी फिल्म जान बचाने के काम भी आती है. उन्होंने कहा कि मेरी जिंदगी में ऐसी घटना कभी नहीं घटी. एक मेरी फ्रेंड थी, जिनके यहां मैं खाना खाने न्यूयॉर्क गया था और मैं रेडिसन होटल में ठहरा हुआ था. शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि फ्रेंड ने कहा कि मैं तुमको छोड़ देती हूं. उस समय न्यूयॉर्क में मगिंग का दौर था. सन्नाटा था, रात के करीब एक बजे थे. आते-आते उन्होंने कहा कि मैं यहां उतार देती हूं तुमको. इस जगह से चले जाओगे, वो रहा रेडिसन होटल. मैंने कहा- चला जाऊंगा. मैं उतर गया. मेरे साथ शॉपिंग का बहुत सामान था. एक्टर ने बताया कि मगिंग के लिए मेरे पास सारा सामान था. शॉपिंग का सामान था, एक अकेला आदमी था. अकेले रास्ते में सन्नाटे में खड़ा हूं.

मैंने एक शख्स से पूछा तो उसने मुझे डांट दिया- शत्रुघ्न
उन्होंने बताया कि मैं अचानक सामने एक शख्स दिखा. मेरी गाड़ी चली गई, तब मैंने महसूस किया कि वो रेडिसन होटल है ही नहीं. मैं तो परेशान हो गया. मैंने सोचा कि आज आखिरी रात है. आज कुछ हो जाएगा. मैंने देखा कि सामने एक ब्लैक आदमी था, मैंने उससे पूछा कि रेडिसन कहां है? उसने कहा कि गेट लॉस्ट. उसने मुझे डांट दिया, मैं अकेला था, मैं क्या करता? 10-15 साल पहले की बात है.

सिख लोगों ने मेरी जान बचाई- शत्रुघ्न सिन्हा
एक्टर ने बताया कि रात के 2 बज गए थे, चारों तरफ सन्नाटा था. मैं मौत का इंतजार कर रहा था, मैं सो रहा था कि मेरे साथ कुछ हुआ. मेरे पास बहुत सामान था. उन्होंने बताया कि अचानक एक गाड़ी आई. वो मेरे आगे गई, गाड़ी पर ब्रेक लगा और वो पीछे आई. इसके बाद गाड़ी से आवाज आई, पुत्त जट्टां दे, ये पुत्त जट्टां दे, ठहरा, रुककर उसने रेडियो किया. बोला- मर जाओगे, कहां फंस गए? कुछ देर बाद 25-30 गाड़ियां आ गई. उन लोगों ने मुझे घेर लिया. वो बोले- घबराना नहीं. उन्होंने मुझे होटल छोड़कर आए. मैंने उनको बहुत ऑफर दिया कि ये रख लो. लेकिन उन्होंने मना कर दिया. उन लोगों ने कहा कि तुम हमारे हीरो हो. शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि उसके बाद हमने कभी उनका चेहरा नहीं देखा. एक्टर ने कहा कि मैं वो घटना कभी नहीं भूल सकता.

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