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Filmy Friday Tabu: 10 साल की उम्र में पहली बार की एक्टिंग, 5 साल तक अटकी रही थी पहली हिंदी फिल्म, जानिए कहानी तब्बू की...

तब्बू का तीन दशक से भी लंबा फिल्मी करियर रहा है, लेकिन वो काम के पीछे भागने वाले कलाकारों में से नहीं हैं. तब्बू को 'मकबूल', 'फितूर', 'अस्तित्व', 'चांदनी बार' और 'हैदर' जैसी फिल्मों में गंभीर भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है.

Tabu
अपूर्वा राय
  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST
  • पहली फिल्म 5 साल तक लटकी रही
  • बालों के साथ नहीं करतीं एक्सपेरिमेंट

फिल्मी फ्राइडे में आज हम जिस एक्ट्रेस की बात कर रहे हैं उन्हें संजीदा रोल के लिए जाना जाता है. उन्होंने अपने करियर में माचिस, विरासत, चांदनी बार, मकबूल और हैदर जैसी फिल्मों में काम किया. जीहां हम बात कर रहे हैं तब्बू (Tabu) की. तब्बू का जन्म 4 नवंबर, 1971 को हैदराबाद में हुआ. तब्बू का पूरा नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है. उनके पिता का नाम जमाल अली हाशमी और मां का नाम रिजवाना है. तब्बू जब तीन साल की थीं तभी उनके पिता ने उनके परिवार को छोड़ दिया. इसके बाद मां और नाना-नानी ने तब्बू की परवरिश की. 

शबाना आजमी के कहने पर की फिल्म
तब्बू की शुरुआती पढ़ाई हैदराबाद में हुई थी और 1983 में वो अपनी मां और बहन फराह के साथ मुंबई आ गईं. 10 साल की उम्र में तब्बू ने पहली बार किसी फिल्म में काम किया. उस वक्त उन्हें बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट कास्ट किया गया था. तब्बू ने अपने कॉलेज की पढ़ाई सेंट जेवियर से की. तब्बू की फिल्मों में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी लेकिन शबाना आजमी के कहने पर उन्होंने हम नौजवान (1985) फिल्म में देव आनंद की बेटी का रोल किया. उस वक्त तब्बू की उम्र 14 साल थी. शबाना आजमी रिश्ते में तब्बू की आंटी हैं.

पहली फिल्म 5 साल तक लटकी रही
इसके बाद तब्बू बोनी कपूर की फिल्म 'प्रेम' में काम करने का मौका मिला लेकिन किन्ही कारणों की वजह से ये फिल्म करीब 5 साल तक लटकी रही. बोनी कपूर ने इस फिल्म में तब्बू को 1987 में साइन किया था. इस फिल्म में उनके साथ बोनी कपूर के भाई संजय कपूर थे. फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों का अफेयर भी शुरू हुआ लेकिन खत्म होते-होते दोनों का रिश्ता भी खत्म हो गया.

विजयपथ से मिली सफलता
तो इस तरह तब्बू की बॉलीवुड डेब्यू फिल्म 'पहला प्यार' (1994) थी. हालांकि ये फिल्म चली नहीं. 1994 में तब्बू और अजय देवगन की फिल्म 'विजयपथ' उस साल की सबसे बड़ी हिट साबित हुई. इस फिल्म के लिए तब्बू ने फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड भी जीता था. 1996 में तब्बू ने जीत, साजन चले ससुराल जैसी कई हिट फिल्मों की झड़ी लगा दी.

फिल्मों में नेगेटिव किरदार भी किए
तब्बू का तीन दशक से भी लंबा फिल्मी करियर रहा है, लेकिन वो काम के पीछे भागने वाले कलाकारों में से नहीं हैं. तब्बू को 'मकबूल', 'फितूर', 'अस्तित्व', 'चांदनी बार' और 'हैदर' जैसी फिल्मों में गंभीर भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है. उन्होंने मीरा नायर द्वारा निर्देशित "द नेमसेक" और एंग ली की "लाइफ ऑफ पाई" जैसी अंग्रेजी भाषा की फिल्मों में भी अभिनय किया है. तब्बू आज भी फिल्मों में एक्टिव हैं और उसी संजीदगी से काम करती हैं जिस संजीदगी से वो 30 साल पहले करती थीं. तब्बू ने फिल्मों में जितनी खूबसूरती से हीरोइन का रोल किया है उतने ही शानदार अंदाज में उन्होंने फिल्मों में नेगेटिव किरदार भी किए हैं.  2011 में, तब्बू को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.

नागार्जुन संग रहा अफेयर
निजी जिंदगी की बात की जाए तो तब्बू का नाम कई अभिनेताओं के साथ जुड़ा इनमें संजय कपूर, साजिद नाडियाडवाला और नागार्जुन जैसे स्टार्स थे पर उन्होंने अबतक शादी नहीं की है. नागार्जुन संग तब्बू का 14 साल अफेयर रहा लेकिन दोनों की शादी नहीं हो पाई. तब्बू ने एक इंटरव्यू में बताया कि अगर वो आज तक सिंगल हैं तो इसकी वजह अजय देवगन हैं. तब्बू ने कहा था, 'मेरा कजिन समीर आर्या और अजय देवगन पड़ोसी थे. ये दोनों मुझ पर नजर रखते थे और फॉलो करते थे. अगर कोई लड़का मेरे आसपास भी आता था तो ये दोनों उसकी पिटाई कर देते थे.'

बालों के साथ नहीं करतीं एक्सपेरिमेंट
तब्बू फिल्मों में अपने एक्सपेरिमेंटल रोल्स के लिए जानी जाती हैं लेकिन उन्हें अपने बालों के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद नहीं है. तब्बू ने अपनी किसी भी फिल्म में अपन हेयर स्टाइल के साथ प्रयोग नहीं किया है. तब्बू को अपने लंबे बाल बहुत पसंद हैं, और वह इन्हें अपनी सबसे बड़ी दौलत मानती हैं. उनकी बड़ी बहन, फराह नाज ने बाप नंबरी बेटा दस नंबरी, बेगुनाह जैसी फिल्मों में काम किया है. सिनेमैटोग्राफर बाबा आज़मी तब्बू के चाचा हैं. तब्बू हिंदी और अंग्रेजी के अलावा उर्दू और तेलुगु भी अच्छे से बोलती हैं.

 

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