Advertisement

IC 814 Kandahar Hijack: सीट नंबर16सी पर बैठा पैसेंजर असल में था इंडिया का रॉ एजेंट...हाईजैक के वक्त छुपाया गया था उसका नाम

IC 814, 29 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है. सीरीज में प्लेन में बैठे एक VIP पैसेंजर की बात की गई है, क्या आप जानते हैं वो वीआईपी पैसेंजर कौन था?

IC 814: The Kandahar Hijack (Photo: Netflix)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:10 PM IST
  • प्लेन में बैठा वो VIP कौन था
  • नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है सीरीज

अनुभव सिन्हा की नेटफ्लिक्स सीरीज IC 814, 1999 के कंधार हाईजैक के अलावा एक भारतीय जासूस पर भी फोकस करती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि हाईजैक हुए विमान में एक यात्री ऐसा भी था जिसकी जानकारी मीडिया और पब्लिक के साथ शेयर नहीं की गई थी. फ्लाइट IC 814 में सवार ये सीक्रेट यात्री कौन था और भारतीय अधिकारियों ने उसका नाम क्यों नहीं बताया? चलिए जानते हैं.

कौन था वो VIP...
सीरीज के एक सीन में दिल्ली क्राइसेस मैनेजमेंट के अधिकारियों को जानकारी दी जाती है कि विमान में एक 'वीआईपी' है. वह 'वीआईपी' कोई और नहीं बल्कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के एजेंट शशि भूषण सिंह तोमर थे. वो सीट 16 सी पर बैठे थे. शशि भूषण उस समय काठमांडू में भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव के रूप में तैनात थे और काठमांडू के स्टेशन हेड भी थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांधार हाईजैक के वक्त अधिकारियों ने तोमर का नाम लिस्ट में शामिल नहीं किया, क्योंकि उन्हें डर था कि अगर हाइजैकर्स को रॉ एजेंट के रूप में उनकी पहचान पता चल गई तो उन्हें मार दिया जाएगा.

वो बेचारा 8 दिन तक प्लेन में फंसा रहा...
रॉ के तत्कालीन प्रमुख एएस दुलत ने इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में बताया, ''वो बेचारा जो 8 दिन तक प्लेन में फंसा रहा. वह कुछ नहीं जानता था. समस्या यही थी. रॉ के स्टेशन हेड को पता होना चाहिए था और संबंधित अधिकारियों को जानकारी देनी थी लेकिन वह भारत के विमानन इतिहास में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण अपहरणों में से एक का शिकार बन गया.''

वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण स्वामी ने 2000 में द फ्रंटलाइन की रिपोर्ट में कहा था कि सीट 16सी पर बैठा वो यात्री भारतीय अधिकारी था, जिस पर नेपाल में आतंकवादी गतिविधि की निगरानी की जिम्मेदारी थी. नेपाल में भारतीय दूतावास में तैनात रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के ऑपरेटिव एसएस तोमर उस समय अपनी पत्नी से मिलने के लिए दिल्ली आ रहे थे. यह महज संयोग ही था कि तोमर को उस विमान में पकड़ लिया गया था जिसे हाईजैक किया गया था क्योंकि तोमर ही थे जिसने अपहरण की संभावना के अलर्ट को खारिज किया था.

Kandahar hijack (Image: AFP)

सीरीज को लेकर क्या है विवाद
IC 814- द कंधार हाईजैक में आतंकियों के हिंदू नामों पर विवाद था.  इस पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने नेटफ्लिक्स को नोटिस भेजकर सफाई मांगी. जिसके बाद नेटफ्लिक्स ने सीरीज के ओपनिंग डिस्क्लेमर में ही हाईजैकर्स के रियल और कोड नाम शामिल कर दिए हैं. 

नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है सीरीज
IC 814, 29 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है. सीरीज में विजय वर्मा, नसीरुद्दीन शाह, पंकज कपूर, मनोज पाहवा, अरविंद स्वामी, अनुपम त्रिपाठी ने अभिनय किया है. दीया मिर्जा, पत्रलेखा, अमृता पुरी, दिब्येंदु भट्टाचार्य और कुमुद मिश्रा प्रमुख भूमिकाओं में हैं.

क्या हुआ था
IC 814- द कंधार हाईजैक की कहानी 24 दिसंबर 1999 की सत्य घटना पर आधारित है. जब पांच आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस के विमान IC 814 को काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नई दिल्‍ली के लिए उड़ान भरते वक्त हाईजैक कर लिया था. इस विमान में 176 यात्री सवार थे. आतंकवादियों ने इन यात्रियों के बदले भारत सरकार से अहमद उमर सईद शेख, मसूद अजहर और मुश्ताक अहमद को रिहा करने की मांग की थी. भारत सरकार विमान पर सवार यात्रियों के साथ-साथ आईसी 814 के चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित रिहाई के बदले में कैद तीन आतंकवादियों को रिहा करने पर सहमत हुई.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement