Advertisement

India Oscar Entry: क्या कोई भी ऑस्कर में भेज सकता है अपनी फिल्म? ऑफिशियल और प्राइवेट एंट्री में क्या होता है फर्क

महबूब खान की फिल्म मदर इंडिया भारत की पहली फिल्म थी जिसे ऑस्कर की ऑफिशियल एंट्री के तौर पर भेजा गया था. अब आप सोच रहे होंगे कि क्या ऑस्कर में अपनी फिल्म भेजने के और भी कई तरीके हैं. तो जवाब है हां.

India Oscar Entry
अपूर्वा राय
  • नई दिल्ली,
  • 25 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST
  • संदीप सिंह की पोस्ट ने लोगों को किया कंफ्यूज
  • ऑस्कर के लिए कैसे भेजी जा सकती हैं फिल्में

‘लापता लेडीज’ (Laapataa Ladies) 97वें ऑस्कर अवॉर्ड-2025 की फॉरेन फिल्म कैटेगरी में भारत की ऑफिशियल एंट्री होगी. इस बीच 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर' के प्रोड्यूसर संदीप सिंह ने अपने एक पोस्ट से हलचल मचा दी.

संदीप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'सम्मानित महसूस कर रहा हूं! हमारी फिल्म 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर' को ऑफिशियली ऑस्कर के लिए सब्मिट कर दिया गया है. इस उल्लेखनीय सराहना के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया का धन्यवाद. हम उन सभी के बहुत आभारी हैं जिन्होंने इस सफर में हमारा साथ दिया.' 

संदीप सिंह की पोस्ट ने लोगों को किया कंफ्यूज
संदीप सिंह की इस पोस्ट के बाद लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज होने लगे कि क्या दो फिल्मों को ऑस्कर के लिए भेजा गया है? आपको बता दें, संदीप सिंह की फिल्म ऑस्कर में प्राइवेट एंट्री के तौर पर नहीं भेजी गई है. संदीप सिंह ने केवल अपनी पोस्ट में फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया को अपनी फिल्म 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर' ज्यूरी के सामने सबमिट करने और इस पर विचार करने के लिए धन्यवाद दिया है.

लापता लेडीज

महबूब खान की फिल्म मदर इंडिया भारत की पहली फिल्म थी जिसे ऑस्कर की ऑफिशियल एंट्री के तौर पर भेजा गया था. अब आप सोच रहे होंगे कि क्या ऑस्कर में अपनी फिल्म भेजने के और भी कई तरीके हैं. तो जवाब है हां.

ऑस्कर के लिए दो तरीके से भेजी जाती हैं फिल्में.

ऑफिशियल एंट्री: ऑफिशियल एंट्री में सरकार की तरफ से उस साल की सबसे बेहतरीन फिल्म को भेजा जाता है. ऑस्कर में फिल्म को भेजने का प्रोसेस सितंबर के पहले सप्ताह से ही शुरू होता है. इसमें सभी भाषाओं की फिल्में शामिल होती है. इन फिल्मों को फेडरेशन के मेंबर देखते हैं और फैसला करते हैं कि कौन सी फिल्म भारत की तरफ से ऑफिशियल एंट्री होगी.

प्राइवेट एंट्री: प्राइवेट एंट्री में सरकार का कोई दखल नहीं होता है. अगर किसी फिल्ममेकर को लगता है कि उनकी फिल्म ऑस्कर के लायक है तो उसे प्राइवेट एंट्री के तौर पर भेज सकता है, बशर्ते वो फिल्म अमेरिका में भी रिलीज हुई हो. आसान शब्दों में कहें तो अमेरिका में रिलीज हुई किसी भी भाषा की फिल्म ऑस्कर की किसी भी कैटेगरी में सीधे एंट्री भेज सकती है. इस फिल्म की लंबाई कम से कम 40 मिनट होनी चाहिए. फिल्म अंग्रेजी में नहीं होनी चाहिए.

Oscars

क्या है नियम
अकादमी का नियम यह कहता है कि हर देश से केवल एक आधिकारिक प्रविष्टि यानी ऑफिशियल एंट्री हो सकती है. लेकिन फिल्म निर्माता अपनी फिल्में प्राइवेट एंट्री के रूप में भी अकादमी के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं. 2022 में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला था जब गुजराती फिल्म Chhello Show को भारत की तरफ से ऑफिशियल एंट्री के तौर पर भेजा गया था, लेकिन एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर RRR स्वतंत्र रूप से प्रस्तुत की गई थी.

24 कैटेगरी में अकादमी देता है अवॉर्ड
ऑस्कर में फिलहाल 24 कैटेगरी में अवॉर्ड दिए जाते हैं. बेस्ट एक्टर, डायरेक्टर, फिल्म, सपोर्टिंग एक्टर, सिनेमैटोग्राफी, फिल्म एडिटिंग, एनिमेशन जैसी कुछ कैटेगरीज हैं.

हर देश अलग-अलग कैटेगरी में अपनी बेहतरीन फिल्में अकादमी को भेजता है. साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से सिर्फ नौ फिल्में फाइनल सिलेक्शन तक पहुंचती हैं और उनमें से टॉप पांच फिल्में ही फाइनल में जाती हैं और उनमें से एक को ऑस्कर मिलता है. भारतीय फिल्मों को ऑस्कर में भेजने की जिम्मेदारी फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया समिति की होती है.

Swatantrya Veer Savarkar

फेडरेशन ऑफ इंडिया की ज्यूरी तक पहुंचने वाली फिल्में
भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजे जाने के लिए इस साल जो फिल्में फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की ज्यूरी तक पहुंचीं, उनके नाम हैं, लापता लेडीज, थंगलान, वाझई, उल्लोझुक्कू, श्रीकांत, किल, हनुमान, कल्कि 2898 एडी, एनिमल, चंदू चैंपियन, सैम बहादुर, स्वातंत्र्यवीर सावरकर, गुड लक, घरत गणपति, मैदान, जोरम, कोट्टूकाली, जामा, अर्टिकल 370, आट्टम, आडुजीवितम, छोटा भीम एंड द कर्स ऑफ दमयान, घात, आभा, महाराजा, मंगलावारम, जिगरठंडा डबल एक्स और ऑल वी इमेजिन एज लाइट. जूरी ने फैसला लापता लेडीज के पक्ष में दिया.

97वें ऑस्कर के नामांकन 17 जनवरी 2025 को घोषित किए जाएंगे. 2 मार्च 2025 को ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी होगी.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement