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Indian team ने ऑस्ट्रिया में किया कमाल, जीता सिंगिंग कॉम्पटीशन, 13 देशों की 17 टीमों को हराकर गोल्डन अवार्ड पर जमाया कब्जा

ब्रह्मास्वर कोयर नाम की टीम में शामिल भारत के बच्चों ने दुनिया की 17 टीमों को हराकर गोल्डन अवार्ड पर कब्जा जमाया. इस प्रतियोगिता को जीतने के लिए टीम ने 4 महीनों तक कड़ी मेहनत की थी.

ब्रह्मास्वर कोयर टीम के सदस्य
मनीष चौरसिया
  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2023,
  • अपडेटेड 10:29 PM IST
  • तीन महीने गाने तैयार करने और चुनने में लगे थे
  • टीम भारत से 6 जून 2023 को ऑस्ट्रिया के लिए हुई थी रवाना 

भारत के बच्चों ने एक बार फिर दुनिया में देश का नाम ऊंचा किया है. ऑस्ट्रिया में आयोजित कोयर कॉम्पटीशन को जीत लिया है. कोयर का मतलब है ग्रुप में गाना गाना. ब्रह्मास्वर कोयर नाम की टीम में शामिल भारत के बच्चों ने 17 टीमों को हराकर गोल्डन अवार्ड पर कब्जा जमाया.

4 महीनों की कड़ी मेहनत का मिला फल 
म्यूजिक टीचर अपराजिता दास गुप्ता बताती हैं कि इस कंपटीशन के लिए पूरी टीम लगभग 4 महीने से मेहनत कर रही थी. 3 महीने उन्हें वो गाने तैयार करने में और चुनने में लगे जिस पर उन्हें परफॉर्म करना था. अपराजिता बताती हैं कि हमने फोक सॉन्ग विद क्लासिकल टच की थीम ली थी, जिसमें हमने बंगाली, गुजराती, तमिल, पंजाबी और राजस्थानी सॉन्ग को मिक्स किया था.

एंबेसडर ने पहले नहीं दिया टाइम, जीते तो स्पेशल इन्वीटेशन भेजा
ये पूरी टीम भारत से 6 जून 2023 को ऑस्ट्रिया के लिए रवाना हुई थी. अपराजिता बताती हैं कि रवाना होने से पहले उन्होंने ऑस्ट्रिया में इंडियन एंबेसडर को कंपटीशन के बारे में इन्फॉर्म किया और उनसे मिलने के लिए टाइम मांगा. उस वक्त इंडियन एंबेसडर ने सिर्फ शुभकामनाएं दी, मिलने का टाइम नहीं दिया. हालांकि जब यह टीम कंपटीशन जीत गई तो इंडियन एंबेसडर ने विशेष रूप से उनको इंडियन एंबेसी में आमंत्रित किया और उनका परफॉर्मेंस भी देखा. ये पूरी टीम के लिए एक गर्व का पल था.

14 महीने की बच्ची को लेकर किया सफर
यह जर्नी बहुत आसान नहीं थी. टीम में सबसे छोटा मेंबर विवान है, जिसकी उम्र महज 12 साल है तो वही नेहा हैं जिनकी उम्र लगभग 35 साल है. नेहा की एक 14 महीने की बच्ची भी है. नेहा बताती हैं कि वह बच्ची को लेकर ऑस्ट्रिया गई थी. कंपटीशन के बीच तैयारी करना और बेटी को संभालना बहुत चैलेंजिंग था लेकिन सबकुछ टीम की वजह से आसान होता चला गया. नेहा कहती हैं कि उनके पति और ससुराल वालों ने एक बार भी नहीं पूछा कि तुम कैसे मैनेज करोगी, उन्हे विश्वास था कि मैं संभाल लूंगी. ससुराल और पति दोनों ने बहुत सपोर्ट किया.

फ्लाइट कैप्टन ने दिया सबसे बड़ा सरप्राइज
टीम की पूरी यात्रा बहुत सारे सरप्राइजेज से भरी हुई थी लेकिन भारत लौटते-लौटते भी टीम को एक और खास सरप्राइज तब मिला जब उनकी फ्लाइट में उनके लिए फ्लाइट कैप्टन ने स्पेशल अनाउंसमेंट की. अपराजिता और उनकी पूरी टीम को बधाई दी.

 

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