खेसारी लाल का बड़ा बयान, कहा- 'मैं कलाकार हूं, राजनीति नहीं करूंगा', बेटियों की सुरक्षा पर भी जताई चिंता

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता खेसारी लाल यादव ने राजनीति में एंट्री को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है. पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि वे भी भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं.

खेसारी लाल यादव
gnttv.com
  • पटना,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता खेसारी लाल यादव ने राजनीति में एंट्री को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है. पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि वे भी भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं. लेकिन खेसारी ने साफ शब्दों में कहा कि वे एक कलाकार हैं और कलाकार ही रहना चाहते हैं. उनका कहना है कि राजनीति उनके स्वभाव के अनुकूल नहीं है.

दरअसल, यह अटकलें तब और बढ़ गई जब बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने बयान दिया कि भोजपुरी गायक रितेश पांडे उनकी पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं. इसके बाद चर्चा होने लगी कि खेसारी लाल यादव भी राजनीति में कदम रख सकते हैं. इस पर उन्होंने दो टूक कहा कि राजनीति में अक्सर झूठ बोलना पड़ता है, जबकि वे सच बोलने वाले इंसान हैं. इसलिए वे राजनीति से दूर ही रहना चाहते हैं.

अभिनेत्री अक्षरा सिंह को लेकर कही बात
अभिनेत्री अक्षरा सिंह और ज्योति सिंह से जुड़े पारिवारिक विवाद पर भी खेसारी से सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि यह निजी मामला है और फिलहाल कोर्ट में चल रहा है, इसलिए वे इस पर कुछ नहीं बोलना चाहते. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वे एक बेटी के पिता हैं, इसलिए ऐसे मामलों में संवेदनशील हो जाते हैं, लेकिन कुछ भी कहने से विवाद खड़ा हो जाता है.

भोजपुरी स्टार पवन सिंह और अन्य कलाकारों को लेकर उन्होंने कहा कि जो भी भोजपुरी या बिहार-झारखंड का नाम रोशन कर रहा है, वह सबका गौरव है. सभी कलाकारों का सम्मान होना चाहिए. वहीं राजनेता तेज प्रताप यादव के बयान पर उन्होंने कहा कि स्टारडम स्थायी नहीं होता. आज कोई स्टार है, तो कल कोई और होगा यही प्रकृति का नियम है.

बिहार में खुले में मटन-चिकन की बिक्री पर रोक और शराबबंदी की समीक्षा के सवाल पर खेसारी ने कहा कि यह सरकार का विषय है और इसकी समीक्षा भी सरकार को ही करनी चाहिए. वहीं नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत और बेटियों की सुरक्षा पर उन्होंने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जिस राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, वहां सरकार को गंभीरता से सोचने की जरूरत है. हर घर में एक बेटी जरूर होनी चाहिए, ताकि लोग बेटियों का दर्द समझ सकें.

रिपोर्टर: शुभम लाल

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