Kim Kardashian की तरह दिखना चाहती थी मॉडल...अब करा रही de-transitioning,जानिए क्या है पूरा प्रोसेस

किम कर्दाशियन की तरह दिखने के लिए ब्राजील की एक मॉडल ने 12 सालों में 40 सर्जरी करवा डाली. सर्जरी के बाद मॉडल को अपना लुक पसंद नहीं आया और अब वो de-transitioning प्रोसेस करवाना चाहती है यानी कि दोबारा से अपने पुराने लुक में आना चाहती है.

Jennifer Pamplona
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST
  • खर्च कर डाले लाखों रुपए
  • 17 साल की उम्र में हुई थी पहली सर्जरी

दुनियाभर में तमाम लोग हैं जो सुंदर दिखने के लिए या शरीर  के किसी अंग को सुधारने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवाते हैं. फिर चाहें वह उनका चेहरा हो या कोई अन्य भाग. लेकिन सर्जरी के बाद आपको ऐसा बहुत कम सुनने को मिला होगा कि इंसान सर्जरी को रिवर्स करवाकर दोबारा से अपने पुराने अवतार में जाना जाता है. आपको बता दें कि यह एक जटिल प्रक्रिया है जोकि पूरी तरह से असंभव है. 

न्यूयॉर्क पोस्ट के एक लेख के अनुसार, जेनिफर पैम्प्लोना (Jennifer Pamplona)जोकि एक मॉडल है. हाल ही में तब वायरल हुई जब उसने कैटर्स को बताया कि रियलिटी टीवी स्टार और इंटरप्रेन्योर किम कार्दशियन की तरह दिखने के लिए उसने 12 साल में 40 कॉस्मेटिक ऑपरेशन करवाए और अब वो 'डी-ट्रांज़िशन' करवाकर वापस से अपने पुराने लुक में आना चाहती है.

खर्च कर डाले लाखों रुपए
माना जाता है कि पैम्प्लोना ने किम की तरह दिखने के लिए लगभग $600K(INR 4,77,11,400) खर्च किए और अब खुद की तरह दिखने के लिए $120K (INR 95,43,162) खर्च कर रही है. मॉडल ने आउटलेट से कहा कि वह एक सेलिब्रिटी की तरह दिखना चाहती थी, लेकिन इस प्रक्रिया में उसने महसूस किया कि जो आनंद असली  दिखने में है वो आर्टिफिशियल में नहीं.

उसने कहा"लोग मुझे कार्दशियन कहते थे और यह मुझे परेशान करने लगा." मैंने पढ़ाई की है और कई जगह काम किया है. मैं एक बिजनेसवुमेस हूं. मैंने ये सभी काम किए थे और ये सभी उपलब्धियां मेरे निजी जीवन में भी थीं, लेकिन मुझे केवल इसलिए पहचाना जा रहा था क्योंकि मैं कार्दशियन की तरह दिखती थी.”

17 साल की उम्र में हुई थी पहली सर्जरी
रिपोर्ट्स की मानें तो पैम्प्लोना महज 17 साल की थीं, जब उनकी पहली सर्जरी हुई थी. तब से उसकी "तीन राइनोप्लास्टी और बॉटम के आठ ऑपरेशन हो चुके हैं, जिसमें बट ट्रांसप्लांट और फैट इंजेक्शन शामिल हैं." मॉडल ने यह भी बताया कि उसे पता चला कि वह सर्जरी से एडिक्टेड थी लेकिन वो खुश नहीं थी. मैं अपने चेहरे पर फिलर लगा रही थी जैसे मैं सुपरमार्केट में थी."
मॉडल ने आगे कहा,"यह एक लत थी और मैं सर्जरी के एक चक्र में पड़ गई जो प्रसिद्धि और धन के बराबर था, मैंने बस हर चीज पर नियंत्रण खो दिया. मैं बहुत कठिन समय से गुजरी. ”

हालांकि, मॉडल ने यह भी साझा किया कि "डी-ट्रांज़िशन" प्रक्रिया के बाद, एक बीमारी के कारण उन्हें तीन दिनों तक "उनके गालों से खून बहना" पड़ा। "मैंने सोचा था कि मैं मर रहा था। मैं अपने आप से सोच रहा था, 'मैंने अपने जीवन के साथ क्या किया है?'

एक बार में एक ही सर्जरी
जानी मानी अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सर्जन देवयानी बर्वे ने इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से कहा, 'जब मरीज चेहरे की बहुत सारी सर्जरी करवाते हैं, तो यह उनके दिखने के तरीके को बदल देता है और यह उनके जीवन की एक बड़ी घटना होती है. “सर्जन के रूप में, हम एक समय में बहुत सारे परिवर्तनों की सलाह नहीं देते हैं. हम उन्हें इसे धीरे-धीरे लेने के लिए कहते हैं. हम उन्हें बताते हैं कि अगर उन्हें अपनी नाक और होंठ पसंद नहीं हैं, तो वे पहले नाक या फिर होंठ में से एक चीज पर काम कर सकते हैं. एक पूरा प्रोसेस खत्म होने के बाद ही दूसरी चीज को छुआ जाएगा.'

सर्जरी से पहले करनी चाहिए काउंसलिंग
अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार और इंडियन एसोसिएशन ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जन के पूर्व अध्यक्ष डॉ अनूप धीर ने उनके साथ सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि पैम्प्लोना पर यह प्रोसेस करने वाले सर्जन को सावधान रहना चाहिए था और उनकी काउंसलिंग करनी चाहिए थी. "यह बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर (body dysmorphic disorder) का विशिष्ट है, जो एक कम्पल्सिव डिसऑर्डर है. इसमें आप अपने एपियेरेंस में एक या अधिक कथित दोषों या दोषों के बारे में सोचना बंद नहीं कर सकते हैं. ये खामियां दूसरों को मामूली लगती हैं. लेकिन मरीज शर्मिंदा और चिंतित महसूस करता है और कई सामाजिक स्थितियों से बचता है." उन्होंने कहा कि ट्रांजीशन करके दोबारा उसी रूप में  लाना एक जटिल प्रक्रिया है और इसके प्रतिकूल परिणाम हो सकते हैं."

 

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