राम मंदिर में दान चोरी के मामले पर अभिनेता अनुपम खेर के हालिया बयान के बाद अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का छह साल पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गया है. यह वीडियो 2020 के एक इंटरव्यू का है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह ने अनुपम खेर की राजनीतिक सोच पर टिप्पणी करते हुए उन्हें जोकर कहा था. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है.
2020 के इंटरव्यू में क्या बोले थे नसीरुद्दीन शाह?
2020 में दिए गए इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह से पूछा गया था कि फिल्म इंडस्ट्री में कुछ कलाकार सरकार की आलोचना करते हैं, जबकि कुछ खुलकर सरकार का समर्थन करते हैं. इस सवाल के जवाब में शाह ने कहा था कि सरकार का विरोध करने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है.
अनुपम खेर को बताया था चापलूस
इसी दौरान उन्होंने अनुपम खेर का नाम लेते हुए कहा था कि वह काफी मुखर हैं, लेकिन उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है. शाह ने कहा था कि अनुपम खेर क्लाउन हैं और उनके नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) तथा फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के कई समकालीन उनके स्वभाव के बारे में बता सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि चापलूसी करना उनके स्वभाव में है.
अनुपम खेर ने दिया था करारा जवाब
नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी के बाद अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी शाह के खिलाफ कुछ नहीं कहा, लेकिन अब वह जवाब देना चाहते हैं.
खेर ने कहा था कि नसीरुद्दीन शाह ने अपने जीवन में दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, शाहरुख खान और विराट कोहली जैसे लोगों की भी आलोचना की है. ऐसे में अगर वह भी उनकी आलोचना कर रहे हैं तो वह खुद को अच्छी संगत में मानते हैं.
इसके साथ ही अनुपम खेर ने यह भी कहा था कि नसीरुद्दीन शाह वर्षों से जिन नशीले पदार्थों का सेवन करते रहे हैं, उसकी वजह से उन्हें सही और गलत का फर्क समझ नहीं आता. यह बयान उस समय काफी विवादों में रहा था.
राम मंदिर दान चोरी पर क्या बोले अनुपम खेर?
हाल ही में इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में अनुपम खेर से अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी के मामले पर सवाल पूछा गया था. इस पर उन्होंने कहा कि इस घटना को जरूरत से ज्यादा बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इतिहास में मुगल काल के दौरान मंदिरों को तोड़ा गया, उनकी संपत्ति लूटी गई, ब्राह्मणों की हत्या हुई और मंदिर परिसरों में महिलाओं के साथ अत्याचार हुए. उनके मुताबिक, अगर समाज उन बड़ी त्रासदियों से उबर सकता है तो मौजूदा दान चोरी की घटना उसके मुकाबले बहुत छोटी है.