CJP प्रोटेस्ट में छात्रों की पिटाई पर भड़के नसीरुद्दीन शाह, पुलिस को बताया 'गुंडा'

सोमवार को CJP की ओर से 'चलो संसद' मार्च निकाला गया था. दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए थे. पुलिस के मुताबिक, कई बार समझाने और धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी देने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और कानून का उल्लंघन किया.

Naseeruddin Shah
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST
  • पुलिस की तुलना अमेरिकी ICE एजेंट्स से की
  • छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर भड़के नसीरुद्दीन शाह

बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह प्रोटेस्ट के बीच बच्चों के साथ हुई मारपीट और बर्बरता देख भावुक हो गए हैं. उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि छात्रों पर हो रही कार्रवाई देखकर उनका दिल दुखा है और वे गुस्से से भरे हुए हैं. शाह ने लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों की तुलना अमेरिका की इमिग्रेशन एजेंसी ICE के एजेंट्स से की और प्रदर्शन कर रहे छात्रों से हिम्मत न हारने की अपील करते हुए कहा कि देश के कई लोग उनके साथ खड़े हैं.

'बच्चों पर हो रहे जुल्म से गुस्सा आता है'
Cockroach Janta Party (CJP) के सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में नसीरुद्दीन शाह ने उर्दू में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अगर किसी अयोग्य व्यक्ति के हाथ में देश की बागडोर हो तो वह चाहेगा कि पूरा देश भी उसकी तरह अज्ञानी और असंवेदनशील बन जाए. इसके बाद उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देखकर उनका दिल भर आया है. उन्होंने कहा कि चेहरे पर नकाब और हाथ में डंडा लिए पुलिसकर्मियों को देखकर उन्हें अमेरिका के ICE एजेंट्स की याद आ गई.

 

छात्रों से बोले- हिम्मत मत हारना
वीडियो के आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए समर्थन जताया. उन्होंने कहा कि युवा अपनी लड़ाई जारी रखें क्योंकि देश के बहुत से लोग उनकी आवाज के साथ हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा देश की युवा पीढ़ी पर भरोसा रहा है और यह भरोसा अब और मजबूत हुआ है.

क्या हुआ था 'चलो संसद' मार्च में?
सोमवार को CJP की ओर से 'चलो संसद' मार्च निकाला गया था. दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए थे. पुलिस के मुताबिक, कई बार समझाने और धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी देने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और कानून का उल्लंघन किया. इसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी.

हालांकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बिना भेदभाव के लाठीचार्ज किया, जिससे कई छात्र घायल हो गए. सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ती दिखाई दे रही है. प्रदर्शनकारियों का यह भी दावा है कि सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने भी उन पर हमला किया.

किस बात को लेकर हो रहा है प्रदर्शन?
CJP के नेतृत्व में पिछले दो सप्ताह से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं, खासकर NEET परीक्षा में पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर. इसी मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे.

मंगलवार को प्रदर्शनकारियों की केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत भी हुई, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है. इसी दिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी कई कांग्रेस नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन में शामिल हुए, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

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