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अब माएं और शादीशुदा महिलाएं भी ले सकेंगी मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा...नियमों में हुआ खास बदलाव

पहले 18 से 28 वर्ष की आयु की लड़कियां, जिनकी न तो शादी हुई होती है और न ही उनके बच्चे होते हैं, केवल उन्हीं महिलाओं को मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अनुमति होती थी. लेकिन अब 70 साल पुरानी परंपरा में बदलाव करते हुए शादीशुदा महिलाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा.

Now married womens can also participate for Miss Universe
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 12:49 PM IST
  • मैं बहुत खुश हूं- एंड्रिया, मिस यूनिवर्स 2020
  • बदलाव का स्वागत नहीं करने वालों पर दिखाया गुस्सा

जैसे-जैसे हमारे आसपास की दुनिया बेहतर होती है वैसे ही सदियों पुरानी परंपराएं और मानदंड भी टूटते जाते हैं. हाल ही में, जिसे पेजेंट्री (pageantry) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा सकता है, मिस यूनिवर्स (Miss Universe) ने एक क्रांतिकारी बदलाव किया है. इसका मकसद दुनिया के सबसे पॉपुलर प्लेटफार्मों में से एक का हिस्सा होने को लेकर है.

अब क्या होगा नियम?
नए नियम के अनुसार, मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में अब शादीशुदा महिलाएं और माएं भी हिस्सा ले सकेंगी. इसकी अनुमति अगले साल से होने वाली प्रतियोगिता के लिए मिल जाएगी. यह 70 साल पुरानी परंपरा में एक ताजा बदलाव के रूप में आता है, जहां एक महिला की मैरिटल और पेरेंटल स्थिति को सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने में एक प्रमुख कारक के रूप में देखा जाता है.

साल 2023 में आयोजित होने वाले मिस यूनिवर्स के 72वें संस्करण में अब अलग-अलग देशों से आई महिलाओं की एक विस्तृत श्रृंखला और दुनिया को अपनी सुंदरता, बुद्धि और आकर्षण दिखाने के लिए एक मंच पर एकत्रित होने वाली कहानियां दिखाई देंगी.

मैं बहुत खुश हूं- एंड्रिया
मिस यूनिवर्स 2020 एंड्रिया मेजा (Andrea Meza) नियमों में बदलाव के बारे में जानने के बाद काफी उत्साहित नजर आईं. उन्होंने कहा, "मैं ईमानदारी से कहती हूं कि मैं बहुत खुश हूं कि यह हो रहा है. जैसे समाज में बदलाव हो रहा है. महिलाएं अब लीडरशिप क्वालिटी में आ रही हैं जोकि अतीत में केवल पुरुष ही कर सकते थे. यह उस समय के बारे में था जब पेजेंट बदल गए और परिवारों के साथ महिलाओं के लिए भी रास्ते खुल गए."

पहले क्या था नियम?
इससे पहले 18 से 28 वर्ष की आयु की लड़कियां, जिनकी न तो शादी हुई होती है और न ही उनके बच्चे होते हैं, केवल उन्हीं महिलाओं को आवेदन करने की अनुमति थी. अब, पेजेंट ने हाल ही में एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया था, "हम सभी का मानना ​​​​है कि महिलाओं को अपने जीवन पर अधिकार होना चाहिए और एक इंसान के व्यक्तिगत निर्णय उनकी सफलता में बाधा नहीं बनने चाहिए."

बदलाव का स्वागत नहीं करने वालों पर दिखाया गुस्सा
नियमों के अनुसार प्रतियोगिता जीतने वाली लड़कियों के तब तक कोई संतान नहीं होनी चाहिए जब तक कि उनके पास खिताब और ताज है. नियम में हुए इन बदलाव का स्वागत नहीं करने वाले लोगों के बारे में बात करते हुए, मैक्सिकन मॉडल ने कहा, "कुछ लोग इन परिवर्तनों के खिलाफ हैं क्योंकि वे हमेशा एक खूबसूरत महिला को देखना चाहते थे जो रिलेशनशिप के लिए उपलब्ध हो."उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों ने इन महिलाओं के बारे में एक धारणा बनाई है जो इतनी परिपूर्ण दिखनी चाहिए कि वे "पहुंच से दूर" लगें. इस तरह की राय पर दुःख जताते हुए उन्होंने कहा, "फॉर्मर सेक्सिस्ट है और बाद वाला अवास्तविक है."

 

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