Advertisement

Prithviraj Kapoor Birth Anniversary: कई साइलेंट फिल्मों का हिस्सा रहे पृथ्वीराज कपूर, इस ऐतिहासिक फिल्म के बाद कहलाए बॉलीवुड के 'मुगल-ए-आजम'

बॉलीवुड के मुगल-ए-आजम पृथ्वीराज कपूर का जन्म 3 नवंबर 1906 को मौजूदा पाकिस्तान के लायलपुर की तहसील समुंद्री में हुआ था. उन्होंने वकालत की शिक्षा ली और बाद में थियेटर की तरफ जुड़ गए. पृथ्वीराज कपूर को 1969 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. 1972 में उन्हें मरणोपरांत दादा साहब फाल्के पुरस्कार भी मिला.

पृथ्वीराज कपूर
अपूर्वा राय
  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:09 PM IST
  • पृथ्वीराज कपूर को बचपन से ही अभिनय का शौक था
  • पृथ्वीराज कपूर ने अपनी उच्च शिक्षा पेशावर के एडवर्ड्स कॉलेज से पूरी की.

भारतीय रंगमंच के अग्रदूत और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के एक दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर का जन्म 3 नवंबर 1906 को हुआ था. पृथ्वीराज कपूर कपूर परिवार के पितामह थे. आठ साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्कूली नाटक में हिस्सा लिया. पृथ्वीराज कपूर ने अपनी उच्च शिक्षा पेशावर के एडवर्ड्स कॉलेज से पूरी की. उन्होंने लॉ की पढ़ाई की, लेकिन बाद में अभिनय में उनका रुझान हुआ और उन्होंने इसी में अपना करियर बनाने का फैसला किया. पृथ्वीराज कपूर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत एक थिएटर कलाकार के रूप में पेशावर में की थी.

कई साइलेंट फिल्मों का हिस्सा भी रहे

1928 में पृथ्वीराज कपूर अपनी चाची से पौसे उदार लेकर बम्बई आ घए और यहां आकर इम्पीरियल फिल्म्स से जुड़ गए. इम्पीरियल फिल्म्स के जरिए उन्होंने कई छोटी-बड़ी फिल्मों में काम किया. 1929 में पृथ्वीराज कपूर को उनकी पहली बतौर लीड एक्टर वाली फिल्म मिली. इसका नाम था-सिनेमा गर्ल. पृथ्वीराज कपूर को दो धारी तलवार, शेर-ए-अरब और प्रिंस विजयकुमार जैसी करीब 9 साइलेंट फिल्मों में भी काम करने का मौका मिला. पृथ्वीराज कपूर भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' के सहायक हीरो थे. ये फिल्म साल 1931 में रिलीज हुई थी.  यह ऐतिहासिक फिल्म थी और इसमें पृथ्वीराज कपूर के अभिनय की सराहना की गई. इस वक्त उनकी उम्र 24 साल थी. इसके बाद पृथ्वीराज कपूर ग्रांट एंडरसन थिएटर कंपनी से जुड़े. 

मुगल ए आजम के लिए लिया सिर्फ एक रुपया

साल 1941 में सोहराब मोदी के निर्देशन में बनी फिल्म सिकंदर वह फिल्म थी जिसने पृथ्वीराज कपूर को सुपरस्टार बना दिया. 1946 पृथ्वीराज कपूर ने पृथ्वी थिएटर की स्थापना की. यह समूह देश भर में घूम घूमकर कला प्रदर्शन करता था. मुगल ए आजम में पृथ्वीराज कपूर ने अकबर की भूमिका निभाई थी, इस फिल्म के लिए  के. आसिफ़ ने उन्हें ब्लैक चेक साइन कर के दिया था और कहा था कि वे मनचाही रकम भर लें. आपको जानकर हैरानी होगी कि पृथ्वीराज कपूर ने इस चेक में महज एक रुपया भरा था. यह फिल्म हिंदी सिनेमा के इतिहास में तब सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी.
 

फिल्मी विरासत को आगे बढ़ाया

पृथ्वीराज कपूर ने रामसरनी मेहरा से शादी की. उनके चार बच्चे हुए-, राज कपूर, उर्मिला कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर. पृथ्वीराज कपूर के तीनों बेटे आगे चलकर एक्टर बने. कपूर ख़ानदान को बॉलीवुड का सबसे प्रतिष्ठित खानदान माना जाता है. पृथ्वीराज कपूर की एक फिल्म कल आज और कल में कपूर परिवार की तीन पीढ़ियां दिखाई गई थीं- बेटा राज कपूर, पोता रणधीर कपूर और खुद पृथ्वीराज. पृथ्वीराज के पिता, दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने भी राज कपूर की फिल्म आवारा में कैमियो किया था. कपूर परिवार भारत में एकमात्र ऐसा परिवार है जिसमें फिल्म कलाकारों की पांच पीढ़ियां हैं.

पृथ्वीराज कपूर को 1969 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. 1972 में उन्हें मरणोपरांत दादा साहब फाल्के पुरस्कार भी मिला.

 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement