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Dhod Band: 700 से अधिक कलाकारों को दिला चुके अंतरराष्ट्रीय पहचान... 119 देशों में लाइव परफॉर्मेंस... अब इटली से आमंत्रण... राजस्थान के रहीस भारती एंड धोद ग्रुप की विदेशों में सांस्कृतिक राजदूत के नाम से पहचान 

Rahis Bharti and Dhod Band: लोक कलाकार रहीस भारती अपने धोद बैंड के साथ राजस्थान की संस्कृतिक छटा को 25 सालों से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में बिखेर रहे हैं. आज रहीस भारती और उनके धोद बैंड का पूरी दुनिया में डंका बज रहा है लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए रहीस भारती को कई सारी चुनौतियों को पार करना पड़ा. आइए रहीस भारती एंड धोद ग्रुप के बारे जानते हैं. 

Rahis Bharti and Dhod Band
रिदम जैन
  • जयपुर,
  • 27 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST
  • वर्ल्ड टूर के साथ 25वीं वर्षगांठ मनाएगा राजस्थान का रहीस भारती एंड धोद ग्रुप
  • इटली में राजस्थानी प्रवासियों के बीच करेंगे परफॉर्म

लोक कलाकार रहीस भारती (Rahis Bharti) और उनका धोद बैंड (Dhod Band) अपनी 25वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक मौके पर वर्ल्ड टूर के लिए रवाना हो रहा है. फ्रांस के लूमो शहर से इस टूर की शुरुआत होगी. 29 मार्च 2025 को राजस्थान दिवस पर इटली में प्रवासी राजस्थानियों के बीच यह राजस्थानी ग्रुप परफॉर्म करेगा. भारतीय दूतावास ने इस खास मौके पर धोद ग्रुप को आमंत्रित किया है. 

राजस्थान दिवस के मद्देनजर, यह वर्ल्ड टूर राजस्थान और भारत की संस्कृति को दुनिया के सबसे बड़े मंचों तक पहुंचाने का काम करेगा. करीब दो दर्जन कलाकारों का यह ग्रुप 6 से 7 माह विदेश टूर पर रहेगा, जहां राजस्थानी संस्कृति को अलग-अलग देशों के मंच पर हजारों ऑडियंस के बीच परफॉर्म करेगा. गौरतलब है कि विदेशों में सांस्कृतिक राजदूत के नाम से पहचान रखने वाला धोद ग्रुप पिछले 24 साल में 119 देशों में 1500 से अधिक कॉन्सर्ट्स कर चुका है. इस ऐतिहासिक यात्रा के राजस्थान भर से 700 से ज्यादा कलाकार गवाह रहे हैं, जो शादी-विवाह में बजाते थे.

फ्रांस से होगी भव्य शुरुआत
धोद बैंड अपने अंतरराष्ट्रीय दौरे की शुरुआत 6 मार्च, 8 और 11 मार्च को फ्रांस के लूमो शहर से करेगा. इसके बाद 21 से 30 मार्च तक फ्रांस के रैन शहर में आयोजित इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेगा, जहां भारत मुख्य अतिथि देश रहेगा. इस भव्य आयोजन में प्रतिदिन 20000 से अधिक दर्शकों के आने की संभावना है. इसके बाद धोद बैंड स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, रियूनियन आइलैंड, जर्मनी, इटली, फिनलैंड सहित विभिन्न देशों की यात्रा करेगा और वहां अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों से राजस्थान की कला व संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा.

घूमर और सूफी संगीत को दुनिया के प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचाया
सीकर के धोद गांव में जन्मे रहीस भारती ने धोद बैंड की स्थापना कर राजस्थान के परंपरागत लोक संगीत, कालबेलिया, घूमर और सूफी संगीत को दुनिया के प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचाया. धोद बैंड ने 700 से अधिक राजस्थानी कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है. रहीस भारती की प्रेरणादायक यात्रा से प्रभावित होकर प्रसिद्ध फ्रांसीसी लेखिका मार्टिन ले कोज ने उन पर 'Dhoad: Heartbeat of Rajasthan' नामक पुस्तक लिखी है, जो उनके संघर्ष, कलात्मक सफर और भारत-फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को उजागर करती है. 

देश का नाम किया रोशन
धोद बैंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित ‘नमस्ते फ्रांस 2023’, ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के डायमंड जुबली समारोह, ग्रीस ओलंपिक (2004) और फॉर्मूला 1 सिंगापुर ग्रांप्री जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में अपनी प्रस्तुति देकर भारत का नाम रोशन कर चुका है. बैंड ने फ्रांसीसी रॉकस्टार एम के साथ मंच साझा किया. इतना ही नहीं फ्रांस के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, लिविंग लीजेंड मिक जैगर व बड़ी वैश्विक हस्तियों के समक्ष धोद बैंड परफॉर्म कर चुका है. वैश्विक स्तर के प्रसिद्ध समारोह में धोद बैंड को भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आवश्यक रूप से आमंत्रित किया जाता है. 

धोद बैंड केवल संगीत समूह नहीं...
रहीस भारती ने कहा कि धोद बैंड केवल संगीत समूह नहीं, बल्कि राजस्थान की आत्मा और भारत की सांस्कृतिक पहचान है. यह वर्ल्ड टूर धोद बैंड की गौरवशाली यात्रा में एक और ऐतिहासिक व स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है, जिसमें राजस्थान की कला, संगीत और परंपरा को पूरी दुनिया तक पहुंचाया जाएगा.

 

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