ऋषि कपूर की विरासत पर अब परिवार का कानूनी पहरा, नाम का इस्तेमाल करने से पहले लेनी होगी इजाजत

कपूर परिवार ने दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर के नाम और उनकी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा कानूनी कदम उठाते हुए उनके नाम पर कॉपीराइट हासिल कर लिया है.

ऋषि कपूर
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST

दिवंगत बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर की विरासत को सुरक्षित रखने के लिए उनके परिवार ने एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कपूर परिवार ने ऋषि कपूर के नाम का कॉपीराइट हासिल कर लिया है ताकि उनके नाम का बिना अनुमति के कॉमर्सियल इस्तेमाल न हो सके.

इस फैसले का मतलब है कि अब कोई भी व्यक्ति या संस्था अगर किसी भी व्यावसायिक, पेशेवर या सार्वजनिक काम में ऋषि कपूर का नाम इस्तेमाल करना चाहती है, तो उसे पहले उनके परिवार से अनुमति लेनी होगी.

परिवार ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की
इंडिया टुडे को एक सूत्र ने बताया कि कपूर परिवार ने अभिनेता के निधन के बाद उनके नाम के कॉपीराइट के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है. 
सूत्र के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी भी रूप में 'ऋषि कपूर' नाम का इस्तेमाल करना चाहता है या उसका उल्लेख करना चाहता है, तो उसे पहले परिवार से मंजूरी लेनी होगी.

दुनियाभर में अपनाई जा रही है ऐसी परंपरा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह कदम केवल भारत तक सीमित नहीं है. दुनियाभर में कई प्रसिद्ध कलाकारों के परिवार या उनकी संपत्ति संभालने वाले ट्रस्ट इस तरह के अधिकार सुरक्षित रखते हैं. इसका उद्देश्य यह होता है कि दिवंगत कलाकारों की छवि और उनकी बौद्धिक संपत्ति का गलत या अनधिकृत इस्तेमाल न हो.

2020 में हुआ था ऋषि कपूर का निधन
ऋषि कपूर का निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ था. वह लंबे समय से ल्यूकेमिया नाम की बीमारी से जूझ रहे थे. भारतीय सिनेमा में उन्हें बेहद सम्मानित अभिनेता माना जाता है. उन्होंने पांच दशक से भी ज्यादा लंबे करियर में 150 से अधिक फिल्मों में काम किया और अलग-अलग तरह के किरदारों से दर्शकों का दिल जीता.

फिल्मी परिवार में हुआ जन्म
ऋषि कपूर का जन्म बॉलीवुड के मशहूर कपूर परिवार में हुआ था. उनके पिता दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता राज कपूर थे. वहीं उनके दादा पृथ्वीराज कपूर भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर के बड़े कलाकारों में गिने जाते हैं और उन्होंने प्रसिद्ध पृथ्वी थिएटर की स्थापना की थी.

फिल्मी माहौल में पले-बढ़े होने के कारण ऋषि कपूर का झुकाव बचपन से ही अभिनय की ओर था. घर में फिल्मों से जुड़ी चर्चाएं, शूटिंग और कलाकारों का आना-जाना उनके लिए सामान्य बात थी.

बाल कलाकरा के तौर पर शुरू किया करियर
ऋषि कपूर ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार फिल्म मेरा नाम जोकर (1970) से की थी, जिसे उनके पिता राज कपूर ने निर्देशित किया था. इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला.

इसके बाद उन्होंने फिल्म बॉबी से लीड एक्टर के रूप में शुरुआत की. यह फिल्म बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई और इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला.

बाद के वर्षों में उन्होंने कपूर एंड संस, मुल्क, 102 नॉट आउट, स्टूडेंट ऑफ द ईयर और दो दूनी चार जैसी फिल्मों में भी सराहनीय अभिनय किया.

फिल्म कपूर एंड संस में उनके अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था. वहीं हिंदी सिनेमा में उनके लंबे योगदान को देखते हुए वर्ष 2008 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था. 
 

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