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Mahashivratri 2025: छोटी काशी में लगता है शिवरात्रि महोत्सव, 200 से ज्यादा देवी-देवता करेंगे शिरकत, सीएम करेंगे शुभारंभ

मान्यता है कि 1527 ई में मंडी शहर की स्थापना के बाद से ही इस जनपद में शिवरात्रि महोत्सव मनाया जाता रहा है.

Mahashivratri Mahotsav
gnttv.com
  • मंडी ,
  • 26 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:42 AM IST

हिमाचल प्रदेश के मंडी को छोटी काशी कहा जाता है. यहां 27 फरवरी से शुरू हो रहे अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. मान्यता है कि 1527 ई में मंडी शहर की स्थापना के बाद से ही इस जनपद में शिवरात्रि महोत्सव मनाया जाता रहा है. उस समय के तत्कालीन राजा अजबर सेना के द्वारा इस शहर की स्थापना की गई थी. यह शहर अपने प्राचीन मंदिरों व देव संस्कृति के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है. 

छोटी काशी में भगवान भोले नाथ को समर्पित महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके मंडी के शिवरात्रि मेले का राज परिवार से गहरा नाता है. जब तक शहर में भगवान माधव राय की पालकी नहीं निकलती तब तक शिवरात्रि महोत्सव की शोभायात्रा नहीं निकाली जाती है। राज माधव राय को भगवान श्री कृष्ण का रूप माना जाता है, 18 वीं शताब्दी के दौरान राजा सूरज सेन के 18 पुत्रों का निधन हो गया और उन्होंने अपना सारा राजपाठ भगवान श्री कृष्ण के रूप राज माधव राय को सौंप दिया और खुद सेवक बन गए.

हवन यज्ञ से शुरू होता है महोत्सव
शिवरात्रि महोत्सव की एक मान्यता यह भी है कि इसमें शैव, वैष्णव और लोक देवताओं का मिलन होता है. शैव को भगवान शिव, वैष्णव को भगवान कृष्ण और लोक देवता जनपद के आराध्य देव को देव कमरूनाग को कहा गया है. इन तीन देवताओं के अनुमति के बाद ही शिवरात्रि का महोत्सव शुरू होता है. सर्व देवता समिति के प्रधान शिवपाल शर्मा ने बताया कि आज से देवी-देवताओं का आगमन छोटी में शुरू हो जाएगा. देवी देवताओं के आगमन से पहले हर साल की भांति इस बार भी देव संस्कृति सदन में हवन यज्ञ का आयोजन कराया गया है.

जिला प्रशासन के हाथ में बागडोर
रियासत काल में जनपद में शिवरात्रि महोत्सव की कमान राज परिवारों के हाथों होती थी. आजादी के बाद धीरे-धीरे सभी देशी रियासतों का विलय भारत में हो गया और राजाओं का राज पाठ भी समाप्त हो गया. राजाओं के राजपाठ की समाप्ति के बाद आज इस शिवरात्रि महोत्सव की बागडोर जिला प्रशासन के हाथों में है. जिले में सर्व देवता समिति के पास 216 देवी देवता पंजीकृत है, इनमें से 200 के करीब देवी देवता शिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करते हैं. मेला कमेटी अध्यक्ष व डीसी मंडी, अपूर्व देवगन ने बताया कि महोत्सव को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. 

सीएम करेंगे शिवरात्रि महोत्सव के मेले का शुभारंभ
बता दें कि इस बार छोटी काशी मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि दिवस 27 फरवरी से 5 मार्च मार्च तक मनाया जा रहा है. 27 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किया जाएगा. इसी दिन पहली शाही जलेब यानि शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसकी अगवानी सीएम के द्वारा की जाएगी. राज माधव राय मंदिर परिसर से पड्डल मैदान तक यह जलेब निकाली जाएगी. मंडी में होने वाले इस महोत्सव के दौरान तीन प्रमुख जलेब निकाली जाती है. मध्य व दूसरी जलेब 2 मार्च व अंतिम जलेब 5 मार्च को निकाली जाएगी. अंतिम जलेब में महामहिम राज्यपाल इस जलेब में शिकरत कर, मेले का विधिवत समापन करेंगे. महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक संध्याएं भी होंगी, जिसमें हिमाचली, पंजाबी, लोक कलाकार अपनी गायकी का जादू बिखेरेंगे.

(धरम वीर की रिपोर्ट)

 

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