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Sushant Singh Rajput: कभी नहीं भूल पाएंगे तुम्हें! सबके दिलों में तुम हमेशा जिंदा रहोगे सुशांत

सुशांत सिंह राजपूत केस में अभी तक जो नहीं मिला, वो है इंसाफ. सुशांत के फैन और उनके परिवार वाले आज भी इंसाफ की उम्मीद लिए दो साल से खड़े हैं. एक्टर की मौत की गुत्थी आज भी आत्महत्या और हत्या के बीच झूल रही है. ऐसा लगता है जैसे सुसांत की मौत का राज शायद सियासत की भेंट चढ़ चुका है.

सुशांत सिंह राजपूत
नाज़िया नाज़
  • नई दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 11:19 AM IST
  • बॉलीवुड एक्टर सुशांत स‍िंंह राजपूत का आज है जन्मद‍िन
  • साल 2020 में एक्टर की लाश उनके फ्लैट से बरामद हुई

बॉलीवुड इंडस्ट्री के शानदार अभिनेता रहे सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. 14 जून 2020 को सुशांत का शव उनके बांद्रा स्थित फ्लैट में मिला था. इस घटना ने बॉलीवुड इंडस्ट्री की हिलाकर रखा दिया था. अगर सुशांत सिंह राजपूत आज जिंदा होते, तो वह अपना 36वां जन्मदिन बेहद ही धूमधाम से मना रहे होते. सुशांत स‍िंंह राजपूत का जन्म 21 जनवरी 1986 को पटना में हुआ था. सुशांत सिंह के बचपन का नाम गुलशन था, जो उनकी मां उषा सिंह ने रखा था. वो पढ़ने में बहुत होशियार थे. पिता केके सिंह सुशांत की उंगली पकड़कर स्कूल छोड़ने जाया करते थे. पत्नी की मौत के बाद पिता केके सिंह बेटे के सहारे जी रहे थे, लेकिन बुढ़ापे में वो भी उनका साथ छोड़ गया.

सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून साल 2020 को मुंबई में उनके घर में रहस्यमयी हालत में उनका शव जब बरामद हुआ था, तो हर तरफ सनसनी फैल गई. सुशांत के करोड़ों फैंस के लिए ये यकीन करना मुश्किल था कि बॉलीवुड का एक चमकता हुआ सितारा हमेशा के लिए डूब गया है. मुंबई पुलिस ने बताया कि सुशांत ने खुदकुशी की है. लेकिन कई ऐसे सबूत थे, जो हत्या की तरफ इशारा कर रहे थे. आज सुशांत सिंह की मौत को दो साल होने को आया लेकिन सुशांत को इंसाफ नहीं मिल पाया है. सुशांत की मौत के बाद से ही  #JusticeforShushant मीडिया का एक ट्रेंडिंग टॉपिक है, उनके बर्थडे और बरसी पर ये ट्रेंड बढ़ जाता है. 

अब तक नहीं मिला सुशांत का रिप्‍लेसमेंट

सुशांत एक बेहतर अभिनेता तो थे ही, सुशांत ने टीवी सीरियल में भी अपनी अदाकारी के दम पर फैंस का दिल जीता था. टीवी सीरियल 'पवित्र रिश्ता' से शुरू हुआ उनका अभिनय सफर फिल्म 'दिल बेचारा' पर खत्म हुआ. इस दौरान सुशांत ने 'काई पो चे', पीके, केदारनाथ, एमएस धोनी की बायोपिक और छिछोरे जैसी फिल्मों में दमदार अदाकारी की बदौलत इंडस्ट्र्री के लोंगो के साथ फैंस का दिल जीत लिया . सुशांत ने अपने कम समय के फिल्मी करियर और चुंनिदा फिल्मों के बावजूद जो मुकाम हासिल किया वो किसी शब्द की मोहताज नहीं हैं. सुशांत ने अपने करियर में महज 9 फिल्‍में ही की थीं, क्योंकि वो काफी चूजी थे. इन 9 फिल्‍मों में उनकी दो फिल्‍में 'छिछोरे' और 'धोनी' 100 करोड़ क्‍लब से ऊपर की थीं. 'पीके' 300 करोड़ क्‍लब में शामिल थी. सुशांत की मौत के बाद करीब 10 फिल्म प्रोजेक्ट्स को होल्ड करना पड़ा. उनकी इन अपकमिंग फिल्‍मों की रिप्‍लेसमेंट अब तक नहीं मिली है. 

सुशांत  का जाना और बुजुर्ग बाप का बेसहारा हो जाना

सुशांत सिंह के परिवार में पिता कृष्ण कुमार सिंह और पांच बहनें बचीं. उसमें से भी एक बहन की मौत 22 साल की उम्र में हो गई. बाकी चार बहनों की शादी हो चुकी है. सुशांत के पिता एक सरकारी अफसर रहे हैं. सुशांत सिंह राजपूत की मौत से 18 साल पहले उनकी मां उषा सिंह का निधन हो गया था. अपने इकलौते बेटे के निधन के बाद बुजुर्ग पिता बुरी तरह से टूट चुके हैं. सुशांत तो उनके बुढ़ापे का इकलौता सहारा था, बॉलीवुड का चमकता सितारा था, पिता को उम्मीद थी कि बेटा उनकी मौत के बाद अर्थी को कंधा देगा. लेकिन उनको क्या पता कि उनकी आंखों के सामने ही उनके बेटे की मौत हो जाएगी और उसे उनको कंधा देना पड़ेगा. सुशांत की मौत ने उनकी बहनों को भी बुरी तरह से तोड़कर रख दिया है. सुशांत की फैमिली अब किस हाल में है इसकी जानकारी किसी को नहीं है. कुछ दिनों पहले सुशांत के जीजा और बहन के एक्सिडेंट की खबर आई थी. 

फैंस चाह कर भी भूला नहीं पाएंगे

फैंस के दिलों में सुशांत ने जो जगह बनाई वो बहुत कम सितारों को मिल पाती है. ये कहना गलत नहीं होगा कि सुशांत सिंह राजपूत इन सितारों की फेहरिस्त में नंबर वन रहे हैं. सुशांत की मौत के बाद पूरे देश में जिस तरह उनके लिए इंसाफ की मांग उठी. सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक सुशांत के नाम और उनके चले जाने के दर्द में गिरफ्त हो गए थे. सुशांत की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके फैन सुशांत को कितना चाहते थे. आज सुशांत को गए हुए एक वक्त बीत गया है,और अक्सर लोग  किसी की घटना के चंद दिनों बाद ही भूल जाते हैं. लेकिन आज भी उनके फैन सुशांत को उतना ही चाहते हैं. 

सियासतदानों को सियासी फायदा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद यह केस पूरी तरह सियासी रंग में रंग गया. विरोधी दलों ने परिवार को सहानुभूति दिखाकर अपने साथ करने की कोशिश की गई, जिससे मामला पूरी तरह राजनीति की भेंट चढ़ गया. उसी वक्त बिहार में चुनाव होने वाले थे. सत्तारूढ जेडीयू और बीजेपी ने इस केस को हाथों हाथ लपक किया, तो वहीं विपक्षी दल आरजेडी भी इस मामले में पीछे नहीं रहा. यहां तक कि बिहार पुलिस के तत्कालीन मुखिया गुप्तेश्वर पांडे, इस केस में ऐसे कूदे जैसे ये सूबे की अस्मिता का सवाल बन गया है. चुनाव से पहले बिहार के नेता तेज आवाजों में बिहार के बेटे सुशांत के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे थे. जिस तरह से नए- नए एंगल सामने लाए जा रहे थे, उससे लगा था जैसे ये महज एक एक्टर नहीं बल्कि उनके पूरे राज्य के साथ हुए अन्याय का मामला है. कई लोग सड़कों पर धरना प्रदर्शन करते हुए सीबीआई जांच और न्याय की मांग कर रहे थे, इन सभी रैलियों को किसी नेता द्वारा ही लीड किया जा रहा था. लेकिन अब कोई भी सुशांत का नाम नहीं ले रहा है.

सुशांत के बाद ... वो जो अभी भी अधूरा है..

सुशांत सिंह राजपूत केस में अभी तक जो नहीं मिला, वो है इंसाफ. सुशांत के फैन और उनके परिवार वाले आज भी इंसाफ की उम्मीद लिए दो साल से खड़े हैं. एक्टर की मौत की गुत्थी आज भी आत्महत्या और हत्या के बीच झूल रही है. ऐसा लगता है जैसे सुशांत की मौत का राज  शायद सियासत की भेंट चढ़ चुका है.


 

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