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Casting Call: क्या होता है कास्टिंग कॉल, Movies-Serials में काम करने के लिए Artist क्यों करते हैं इसके आने का इंतजार, कौन होते हैं इसके Directors, कॉस्टिंग डायरेक्शन के बारे में सबकुछ जानिए

What is Casting Call: किसी मूवी या टीवी सीरियल में काम पाने के लिए संघर्ष कर रहे किसी भी नवोदित कलाकार के लिए स्टार या सुपरस्टार बनने का पहला दरवाजा एक कास्टिंग डायरेक्टर ही खोलता है. वह ही कास्टिंग कॉल करता है. कास्टिंग कॉल एक कलाकार के करियर में महत्वपूर्ण क्षण होता है. 

Casting Call
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:06 AM IST
  • फर्जी कॉस्टिंग कॉल की खबरों पर राजश्री प्रोडक्शन ने दी सफाई 
  • कहा- राजश्री प्रोडक्शन ने कभी भी कलाकारों से कोई पैसा नहीं मांगा है और न ही कभी मांगेगा

Rajshri Productions: हिंदी फिल्मों (Hindi Movies) के मशहूर निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखक सूरज बड़जात्या (Suraj Barjatya) की कंपनी राजश्री प्रोडक्शंस ने उसका नाम लेकर लोगों को की जा रही फर्जी कास्टिंग कॉल (Casting Call) को लेकर एक बयान जारी किया है. इसमें राजश्री प्रोडक्शन ने सफाई दी है कि उसकी तरफ से कास्टिंग के लिए कॉल नहीं की जा रही है. राजश्री प्रोडक्शन ने कभी भी कलाकारों से कोई पैसा नहीं मांगा है और न ही कभी मांगेगा. 

राजश्री प्रोडक्शन ने जारी किया है चेतावनी नोटिस
भुगतान के लिए इस तरह के अनुरोध को धोखाधड़ी माना जाए. राजश्री प्रोडक्शन ने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक चेतावनी नोटिस भी जारी किया है. इसमें लिखा है कि हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि राजश्री प्रोडक्शंस लिमिटेड के टीवी और ओटीटी विंग के लिए कास्टिंग डायरेक्टर होने का दावा करने वाले लोग झूठे हैं.

कृपया ध्यान दें कि केवल राखी लूथरा और वैलेंटिना चोपड़ा राजश्री प्रोडक्शंस लिमिटेड के टीवी और ओटीटी विंग के लिए अधिकृत कास्टिंग डायरेक्टर हैं. आपको मालूम हो कि राजश्री प्रोडक्शंस के बैनर तले फिल्म नदिया के पार, मैंने प्यार किया, हम आपके हैं कौन, हम साथ साथ हैं, विवाह, प्रेम रतन धन पायो, दोस्ती, सूरज, चितचोर जैसी सफल मूवी बनाई गई हैं. इतना ही नहीं राजश्री प्रोडक्शंस ने कई टीवी शो भी बनाए हैं.

आइए जानते हैं आखिर क्या होता है कास्टिंग कॉल
कास्टिंग कॉल को कास्टिंग नोटिस और एक्टर ब्रेकडाउन के नाम से भी जाना जाता है. यह कास्टिंग एजेंसियों को दिया जाने वाला नोटिस है कि आगामी प्रोडक्शन के लिए एक्टर-एक्ट्रेस की आवश्यकता है. कास्टिंग कॉल कलाकारों को फिल्म, टीवी शो, थिएटर, प्रोडक्शन या अन्य मनोरंजन माध्यमों में विभिन्न भूमिकाओं के लिए ऑडिशन देने के लिए दिया गया एक तरह का निमंत्रण होता है. कास्टिंग कॉल एक कलाकार के करियर में महत्वपूर्ण क्षण हो सकता है, क्योंकि उसे इसके माध्यम से किसी फिल्म या टीवी शो में काम करने का मौका मिलता है. 

कास्टिंग कॉल के जरिए ही कास्टिंग डायरेक्टर किसी कलाकार से मिलते हैं और उसकी प्रतिभा को पहचानते हैं. आपको मालूम हो कि कास्टिंग कॉल और ऑडिशन में एक सूक्ष्म अंतर है. कास्टिंग कॉल एक्टर या एक्ट्रेस के किसी फिल्म या धारावाहिक में लेने की पहली प्रक्रिया होती है. यह एक तरह से किसी भी कलाकार के आने और अपनी प्रतिभा साबित करने का एक खुला निमंत्रण है. उधर, ऑडिशन किसी कलाकार के चयन की दूसरी प्रक्रिया होती है. इसमें कलाकार को किसी फिल्म या टीवी सीरियल के लिए अपनी एक्टिंग, लुक और आवाज के माध्यम से परफॉर्म करना होता है. यदि कोई कलाकार ऑडिशन में असफल हो जाता है, तो उस शुरू होने जा रही फिल्म में शामिल नहीं किया जाता है.  

अब जानिए कास्टिंग डायरेक्टर के बारे में 
किसी फिल्म की सफलता में बेहतर कहानी और उसके निर्देशक का तो हाथ होता ही है, सबसे बड़ा रोल उसमें काम करने वाले एक्टर-एक्ट्रेस व अन्य कलाकारों का होता है. मूवी में काम करने वाले कलाकार फिल्म को अपने बेजोड़ अभिनय से हिट भी करा सकते हैं तो उसे फ्लॉप भी करा सकते हैं. यही वजह है की किसी फिल्म को सुपरहिट कराने के लिए एक टैलेंटेड कास्ट का होना बेहद जरूरी होता है. 

किसी फिल्म के लिए हीरो-हीरोइन का चयन करना सबसे ज्यादा जिम्मेदारी का काम माना जाता है. आपको मालूम हो कि ये जिम्मेदारी किसी प्रोड्यूसर या डायरेक्टर नहीं बल्कि एक खास इंसान की होती है, जिसे कास्टिंग डायरेक्टर कहते हैं. कास्टिंग डायरेक्टर किसी कलाकार, निर्माता और निर्देशक के बीच की सीढ़ी है. कास्टिंग निर्देशक का मकसद कलाकारों, निर्माताओं और निर्देशकों को साथ लाना है. 

कास्टिंग डायरेक्टर का क्या होता है काम 
कोई प्रोडक्शन हाउस अपने बैनर तले कोई फिल्म बनाने जा रही है तो वह सबसे पहले कास्टिंग डायरेक्टर के साथ बैठक यानी मीटिंग करती है. इसमें प्रोडक्शन हाउस की तरफ से कास्टिंग डायरेक्टर को फिल्म की कहानी और किरदारों के बारे में ब्रीफिंग दी जाती है.

इतना ही नहीं प्रोडक्शन का बजट भी बताया जाता है. इसके बाद कास्टिंग डायरेक्टर का काम शुरू हो जाता है. आप यदि साधारण शब्दों में समझें तो कास्टिंग डायरेक्टर फिल्मों या टीवी की दुनिया में नए चेहरों का चयन करता है. फिल्मों या टीवी पर काम पाने के लिए संघर्ष कर रहे किसी भी नवोदित कलाकार के लिए स्टार या सुपरस्टार बनने का पहला दरवाजा एक कास्टिंग डायरेक्टर ही खोलता है.

किसी कलाकार को परखने में कास्टिंग डायरेक्टर का होता है बड़ा रोल
कास्टिंग डायरेक्टर अकेले काम नहीं करते हैं बल्कि उनकी एक पूरी टीम होती है. कास्टिंग डायरेक्टर अपनी टीम के साथ कास्टिंग कॉल करते हैं. इस कॉल पर कलाकार उनके पास आते हैं. इसके बाद अपनी टीम के साथ मिलकर कास्टिंग डायरेक्टर आगे कि प्रक्रिया शुरू करते हैं. कास्टिंग के लिए फॉर्मूला यह है कि कलाकारों का पहले इंट्रो (प्रोफाइल और लुक फोटो) लिया जाता है. उसके बाद उनका ऑडिशन होता है.

कास्टिंग डायरेक्टर को ऑडिशन में जो परफॉर्मेंस सही लगते हैं, उनको शॉर्टलिस्ट कर डायरेक्टर और फिल्म की प्रोडक्शन टीम को वीडियो क्लिप्स भेज देते हैं. इसके बाद फिल्म के डायरेक्टर तय करते हैं कि कौन सा एक्टर फिल्म में काम करेगा. भले ही अंतिम फैसला फिल्म के निर्देशक का होता हो, लेकिन फिल्म या टीवी सीरियल में किरदार पाने के लिए लालायित लोगों की भीड़ में से कुछ का चयन करने और उन्हें परखने में कास्टिंग डायरेक्टर का बड़ा योगदान होता है. एक कास्टिंग डायरेक्टर का दायरा शहर से गांवों तक फैला रहता है. उसके पास गांव, थिएटर ग्रुप, लोकल संस्था के कलाकारों का बैंक होता है.

सही कलाकार के चयन की होती है जिम्मेदारी 
एक कास्टिंग डायरेक्टर को थिएटर, सिनेमा और एक्टिंग की अच्छी समझ होनी चाहिए, जो भी कास्टिंग डायरेक्टर इसमें कमजोर होगा, उसे सही कलाकार के चयन में परेशानी आएगी. एक कुशल कास्टिंग डायरेक्टर का काम इतना सटीक होता है कि डायरेक्टर उसके द्वारा चुने गए कलाकार को रिजेक्ट नहीं करते हैं. यदि कास्टिंग डायरेक्टर द्वारा चुने गए कलाकार डायरेक्टर को पसंद नहीं आता तो पहले किए गए ऑडिशन के आधार पर कास्टिंग डायरेक्टर, निर्देशक को दूसरा कलाकार सुझाता है या फिर नए सिरे से ऑडिशन लेता है. उस पर सही कलाकार चयन करने की जिम्मेदारी होती है.

ये हैं फेमस कास्टिंग डायरेक्टर्स 
राज कुमार राव, रणवीर सिंह, भूमि पेडनेकर जैसे कलाकारों को बड़ा ब्रेक देने के पीछे इन कास्टिंग डायरेक्टर्स का ही हाथ है. कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने कई नए कलाकारों को बड़े पर्दे तक पहुंचाया है. उन्होंने दंगल मूवी से लेकर वासेपुर और जवान तक कई फिल्मों के लिए कास्टिंग की है.

कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा ने रणवीर सिंह, अर्जुन कपूर, परिणीति चोपड़ा जैसे कई सितारों को उनका पहला ब्रेक दिया है. एक था टाइगर, धूम 3, जब तक है जान, माय नेम इज खान, बैंड बाजा बरात जैसी कई फिल्मों की कास्टिंग उन्होंने ही की है. नंदिनी श्रीकांत भी एक फेमस कास्टिंग डायरेक्टर हैं. वह नो वन किल्ड जेसिका फेम एक्टर नील की पत्नी हैं. रॉक ऑन, लक बाय चांस, ये जवानी है दीवानी, स्टूडेंट ऑफ द ईयर, लाइफ ऑफ पाई जैसी हिट फिल्मों की कास्टिंग डायरेक्टर नंदिनी श्रीकांत ही हैं. 

 

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