राजस्थान के अलवर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल छू लिया. इससे पुलिस की एक बेहतर छवि समाज के सामने आई है. एक SHO ने दो गरीब बेटियों का विवाह कराया. भगवान सहाय मीणा नाम से एसएचओ ने दोनों बेटियों का कन्यादान किया. उनके इस कदम की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है. इन बेटियों के सिर से मां का साया उठ चुका है और पिता मजदूरी करके घर चलाते हैं.
2 बेटियों के लिए मसीहा बनकर आए SHO-
राजगढ़ क्षेत्र के ग्राम पलवा में भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस की वर्दी में सेवा देने वाले भगवान सहाय मीणा ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी पूरे इलाके में सराहना हो रही है. 2 निर्धन बेटियों की मां इस दुनिया में नहीं है. पिता मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे थे. ऐसे में बेटियों की शादी परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई थी. लेकिन तभी भगवान सहाय मीणा और उनकी पत्नी मुस्कान मीणा इन बेटियों के लिए मसीहा बनकर सामने आए.
रीति-रिवाज से बेटियों का विवाह कराया-
मीणा कपल ने अपने ही निवास स्थान को बेटियों का मायका बनाया और पूरे रीति-रिवाजों के साथ दोनों बेटियों का विवाह संपन्न करवाया. शादी में गांव और आसपास के लोगों ने भी परिवार बनकर जिम्मेदारी निभाई. हर आंख नम थी, लेकिन बेटियों की विदाई के साथ चेहरे पर सुकून और खुशी भी साफ दिखाई दे रही थी.
जरूरतमंदों की मदद करना हमारा कर्तव्य- एसएचओ
ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में जहां लोग अपनों से दूरी बना लेते हैं, वहां भगवान सहाय मीणा ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है. भगवान सहाय मीना ने कहा कि जरूरतमंद बेटियों की मदद करना हमारा कर्तव्य है. अगर हमारे छोटे से प्रयास से किसी परिवार के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो इससे बड़ा सौभाग्य कुछ नहीं.
एक पुलिस अधिकारी की यह संवेदनशील पहल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. यह सिर्फ दो बेटियों की शादी नहीं, बल्कि मानवता, अपनापन और सामाजिक जिम्मेदारी का ऐसा संदेश है, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा.
(हिमांशु शर्मा की रिपोर्ट)
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