भारतीय रेलवे एक तरफ ट्रेनों के परिचालन को लेकर जहां संजीदा दिखाई देता है. वहीं दूसरी तरफ अपने यात्रियों की सुविधा के लिए भी अलग-अलग उपाय करता रहता है. इसी क्रम में दिल्ली हावड़ा रेल रूट के सर्वाधिक व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर मातृशक्ति की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेबी फीडिंग रूम की शुरुआत की है. ताकि अपने दूध मुहे बच्चों को फीड कराने के लिए माताओं को अलग से प्राइवेसी मिल सके. इस बेबी फीडिंग रूम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया के साथ-साथ रेलवे प्लेटफार्म पर भी की गई है.
मदर्स डे पर रेलवे का गिफ्ट
मदर्स डे के मौके पर मातृशक्ति को एक अनोखा गिफ्ट देने का प्रयास रेलवे द्वारा किया गया. रेलवे की तरफ से एक ऐसा केबिन स्थापित कराया गया है, जहां अपने बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाएं सुविधाजनक तरीके से अपने बच्चों को फीड करा सकेंगी. साथ ही उनको भीड़भाड़ वाले जगह पर बच्चों को फीड करने में असहजता महसूस न हो और वह यहां पर बैठकर आराम से अपने बच्चे को दूध पिला सकें. मदर्स डे के मौके पर बाकायदा इसकी शुरुआत की गई. इस बेबी फीडिंग रूम का उद्घाटन पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल की महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष चित्रा सिंह और उनकी टीम ने किया.
बच्चे हों सकेंगे सुरक्षित तरीके से फीड
इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने बताया कि आज मातृत्व दिवस है और इसी मौके पर हमने यहां पर बेबी फीडिंग जोन बनवाया है जिसका उद्घाटन किया है. जिससे महिला बहुत ही सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से अपने बच्चों को फीड करवा सकें. साथ ही सुखद यात्रा का अनुभव कर सकें. पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल ने इस तरह की पहल FNR रिवेन्यू मॉडल के तहत किया है. जिसके तहत रेलवे को अर्निंग भी होगी और साथ ही साथ महिला यात्री सुविधा पूर्वक अपनी यात्रा कर सकेंगी. जिस तरह से पूरे देश में नारी सशक्तिकरण को लेकर के मही छेड़ी गई है उसी के तहत यह एक प्रयास है.
महिलाओं को मिली बड़ी सुविधा
मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष चित्रा सिंह ने बताया कि हम समझते हैं कि जो भी स्त्री एक नई मां बनी है उसको यह सुविधा मिलेगी. यह एक ऐसी गतिविधि है जो हर एक मां के लिए आवश्यक है. वह हर जगह हर स्टेशन पर एक ऐसा स्थान ढूंढती है जहां वह सम्मान पूर्वक यह काम कर सके. हमने यह एक पहल की है और मुझे लगता है कि यह पहला पूर्व मध्य रेल में पहली बार की गई है. हर महिला के डिग्निटी के लिए यह एक पहल है. ताकि वह अच्छे से सुविधा पूर्वक और सम्मान से अपने बच्चों को आहार दे सके.