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नवजात बच्चों के इलाज में पैसा नहीं बनेगा मुसीबत, नन्ही कली अभियान की शुरुआत, गिफ्ट भी मिलेगा

उत्तर प्रदेश के बागपत में एक नई पहल की गई है. इसको नन्ही कली पहल नाम दिया गया है. बड़ौत क्षेत्र के डॉ. नरेंद्र कुमार मूर्ति हॉस्पिटल में इस खास अभियान का शुभारंभ हुआ. इसमें इलाज में 70 फीसदी की छूट दी जाएगी. इसके साथ ही नन्हे मरीजों को नन्ही कली डॉल गिफ्ट भी दी जाएगी.

Nanhi Kali Initiative
gnttv.com
  • बागपत,
  • 18 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:03 PM IST

उत्तर प्रदेश के बागपत में पहली बार एक ऐसी पहल शुरू हुई है, जहां इलाज के साथ इंसानियत भी मिलेगी. दवा के साथ भरोसा भी और अस्पताल के दरवाजे पर गरीब परिवारों को राहत की सांस भी. जिला प्रशासन बागपत और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभिनव तोमर की संयुक्त 'नन्ही कली पहल' अब उन मासूम बेटियों और नवजात बच्चों के लिए उम्मीद बनकर सामने आई है, जिनकी जिंदगी अब तक पैसों और संसाधनों की कमी के बीच झूलती रही. बड़ौत क्षेत्र के डॉ. नरेंद्र कुमार मूर्ति हॉस्पिटल में इस खास अभियान का शुभारंभ हुआ.

नन्ही कली पहल-
यह सिर्फ एक मेडिकल योजना नहीं, बल्कि बेटियों को बचाने, उन्हें सम्मान देने और गरीब परिवारों को सहारा देने का बड़ा सामाजिक अभियान माना जा रहा है. जहां गांवों में आज भी जब किसी नवजात की तबीयत बिगड़ती है, तो परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ता है. डॉक्टर NICU या PICU की सलाह देते हैं और इलाज का खर्च सुनते ही कई गरीब परिवारों की हिम्मत जवाब दे जाती है. कोई उधार मांगता है, कोई खेत गिरवी रखने की सोचता है तो कई परिवार बड़े शहर पहुंचने से पहले ही हार मान लेते हैं. ऐसे हालात में 'नन्ही कली पहल' उन परिवारों के लिए नई जिंदगी की उम्मीद लेकर आई है.

इलाज में 70 फीसदी की छूट-
खास बात ये की इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और बीपीएल परिवारों की बेटियों और नवजात बच्चों को डॉ नरेंद्र कुमार मूर्ति हॉस्पिटल और आस्था हॉस्पिटल में इलाज, भर्ती, जांच और डॉक्टर परामर्श पर 70 प्रतिशत तक की बड़ी राहत दी जाएगी. खास बात यह है कि NICU और PICU जैसी महंगी और गंभीर चिकित्सा सुविधाओं में भी परिवारों को भारी छूट मिलेगी. यानी अब गरीब परिवार इलाज और पैसों के बीच मजबूर होकर खड़े नहीं रहेंगे. डॉक्टरों का कहना है कि सही समय पर NICU सुविधा मिल जाए तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती है. 

यही वजह है कि इस पहल को जिले में बेहद अहम माना जा रहा है. सिर्फ इलाज ही नहीं, इस अभियान में संवेदनशीलता की भी खास झलक देखने को मिलेगी. अस्पताल में 'नन्ही कली सहायता काउंटर' होगा, जहां गरीब और ग्रामीण परिवारों को इलाज की प्रक्रिया, भर्ती, जांच और जरूरी कागजी सहायता के बारे में जानकारी दी जाएगी. कई बार गांव से आए लोग अस्पताल की प्रक्रिया समझ ही नहीं पाते और भटकते रहते हैं। अब उन्हें एक ही जगह मदद मिलेगी.

गिफ्ट में मिलेगी नन्ही कली डॉल-
इलाज के लिए आने वाली हर बच्ची को एक खास देसी गुड़िया मुफ्त दी जाएगी. इसका नाम 'नन्ही कली डॉल' है. यह सिर्फ एक खिलौना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और प्यार का प्रतीक होगी. इस गुड़िया की कहानी भी बेहद खास है. जिलाधिकारी अस्मिता लाल के जीरो वेस्ट विजन के तहत तैयार की जा रही यह 'नन्ही कली डॉल' वेस्ट प्लास्टिक बोतलों से बने मुलायम फाइबर से बनाई गई है. यानी जो प्लास्टिक कभी पर्यावरण के लिए खतरा माना जाता था, वही अब बच्चों की मुस्कान का हिस्सा बनेगा. बागपत में शुरू हो रही यह पहल अब सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की उम्मीद, बेटियों के सम्मान और इंसानियत की नई मिसाल बनती दिखाई दे रही है और महिलाएं भी इसकी जमकर तारीफ कर रही है.

(मनुदेव की रिपोर्ट)

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