गर्मी से राहत के लिए आगे आईं कंपनियां.. डिलिवरी वर्कर्स को मिलेगी अनेक सलूलियत.. अमेजन, जोमैटो, स्विगी शामिल

समय पर डिलीवरी करने वाले वर्कर्स के लिए कंपनियों ने राहत देने की घोषणा की है. इसमें अमेजन कंपनी ने ‘प्रोजेक्ट आश्रय’ शुरू किया है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:04 PM IST

भारत में लगातार बढ़ती गर्मी ने सड़कों पर काम करने वाले डिलीवरी ब्वॉय की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. लू, लंबी दूरी और समय पर ऑर्डर पहुंचाने का दबाव के चलते इन लोगों को मुश्किल हालात में काम करना होता है. ऐसे में अमेजन, जोमैटो, स्विगी और जेप्टो जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने डिलीवरी वर्कफोर्स की सुरक्षा और राहत के लिए कई अहम कदम उठाए हैं.

गर्मी से राहत के लिए ‘कूल जोन’ की पहल
डिलीवरी ब्वॉय को तेज धूप से बचाने के लिए कंपनियां खास आराम करने वाली जगह तैयार की हैं. अमेजन ने ‘प्रोजेक्ट आश्रय’ के तहत बड़े शहरों में लगभग 100 एयर-कंडीशंड रेस्ट सेंटर शुरू किए हैं. यहां ठंडा पानी, मोबाइल चार्जिंग और साफ-सुथरे टॉयलेट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं. 

यहां केवल अमेजन के ही नहीं, बल्कि अन्य कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स आराम कर सकते हैं. वहीं जोमैटो ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स के साथ मिलकर 5,000 से अधिक ऐसे स्थान तैयार किए हैं, जहां डिलीवरी कर्मी छांव में आराम कर सकते हैं और ठंडा पानी पी सकते हैं. बिग बास्केट ने भी अपने डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर आरामदायक बैठने और पानी की व्यवस्था की है.

तकनीक और इनोवेशन से राहत
गर्मी से निपटने के लिए कंपनियां आधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रही हैं. स्विगी अपने डिलीवरी पार्टनर्स को ‘कूलिंग जैकेट’ उपलब्ध करा रही है, जो शरीर के तापमान को बैलेंस रखने में मदद करती है. वहीं जेप्टो ने अपने डार्क स्टोर्स और गोदामों को कूलर और बेहतर वेंटिलेशन सिस्टम से लैस किया है, ताकि डिलीवरी कर्मी बीच-बीच में वहां रुककर राहत पा सकें.

स्वास्थ्य सुरक्षा और मेडिकल सपोर्ट
कंपनियां केवल आराम की सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी जोर दे रही हैं. जेप्टो, जोमैटो और ब्लिंकइट जैसी कंपनियां लू या डिहाइड्रेशन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बीमा कवर प्रदान कर रही हैं. इसके अलावा अमेजन देशभर में हेल्थ कैंप आयोजित कर रहा है, जहां डॉक्टर डिलीवरी कर्मियों को गर्मी से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक कर रहे हैं.

इन पहलों से साफ है कि कंपनियां अब अपने डिलीवरी कर्मचारियों की वर्क कल्चर को बेहतर बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही हैं. लेकिन यह शुरुआत भर है और भविष्य में और ठोस कदम उठाने की जरूरत होगी, ताकि इन कर्मचारियों को सुरक्षा मिल सके.

 

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