पुणे-सुपौल एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी, RPF जवानों ने फरिश्ता बनकर चलती ट्रेन में कराया सुरक्षित प्रसव

ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रही 28 वर्षीय रुकसाना खातून को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. सूचना मिलते ही अहिल्यानगर पोस्ट पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल सोमनाथ पाथाडे और हेड कांस्टेबल विश्वजीत काकड़े मौके पर पहुंचे और रेलवे के 'ऑपरेशन मातृशक्ति' के तहत जवानों ने सूझबूझ और इंसानियत दिखाते हुए महिला का प्रसव सुरक्षित तरीके से कराया.

चलती ट्रेन में करवाया प्रसव
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST

मां बनना हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत पल होता है, लेकिन जब वही पल मुश्किल हालात में सामने आ जाए तो डर भी उतना ही बढ़ जाता है. कुछ ऐसा ही भावुक कर देने वाला मामला पुणे-सुपौल एक्सप्रेस में सामने आया, जहां एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया. जैसे ही सूचना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) तक पहुंची, अहिल्यानगर पोस्ट पर तैनात कांस्टेबल सोमनाथ पाथाडे और हेड कांस्टेबल विश्वजीत काकड़े बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे. स्थिति आसान नहीं थी, लेकिन दोनों जवानों ने घबराने के बजाय इंसानियत दिखाते हुए पूरी जिम्मेदारी संभाली.


ट्रेन संख्या 11401 पुणे-सुपौल एक्सप्रेस के गार्ड साइड जनरल कोच में सफर कर रही महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. दर्द बढ़ता गया और कोच में मौजूद लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी. चलती ट्रेन, बेचैन परिवार और मां बनने जा रही महिला का दर्द देखकर सब घबराने लगे. तभी मदद के लिए आए RPF स्टाफ ने महिला की मदद करने में कोई कमी नहीं छोड़ी. महिला दर्द से कराह रही थी, लेकिन RPF जवान लगातार उसका हौसला बढ़ाते रहे. ऐसे मुश्किल वक्त में उन्होंने सिर्फ ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि परिवार की तरह साथ खड़े नजर आए.

चलती ट्रेन में गूंजी नई जिंदगी की आवाज
रेलवे के 'ऑपरेशन मातृशक्ति' के तहत जवानों की मदद से महिला ने ट्रेन के भीतर ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. कुछ देर पहले जहां डर और बेचैनी का माहौल था, वहीं अचानक नवजात की पहली किलकारी सुनाई दी. उस पल को देखकर कई यात्रियों की आंखें भी नम हो गईं. चलती ट्रेन में एक नई जिंदगी का स्वागत होना किसी चमत्कार से कम नहीं था. जिसके बाद हर कोई राहत की सांस ले रहा था.

मां और बच्चे को तुरंत मिली मदद
डिलीवरी के तुरंत बाद मां और नवजात को सुरक्षित तरीके से कोच से बाहर निकाला गया. स्टेशन प्रशासन की मदद से तुरंत 108 नम्बर पर एम्बुलेंस बुलाई गई, ताकि दोनों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके. डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं.

महिला के बारे में
महिला की पहचान 28 वर्षीय रुकसाना खातून के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं. वह अपने पति जमील बेलावर के साथ पुणे से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन जा रही थीं. परिवार ने भावुक होकर RPF जवानों और रेलवे प्रशासन का धन्यवाद किया. उनका कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती, तो हालात मुश्किल हो सकते थे. उस सफर में RPF जवान उनके लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं साबित हुए.
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