गर्मी के मौसम का एक अहम फल आम है. इसके बिना गर्मी के मौसम की बात पूरी नहीं होती है. जब आम की बात होगी तो आम की खेती करने वाले किसानों की भी होगी. गुजरात के सूरत में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और आदिवासी किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए आम महोत्सव का आयोजन किया गया. खास तौर पर इस मैंगो फेस्टिवल में दक्षिण गुजरात के आदिवासी बेल्ट में बिना पानी के खेती से पैदा हुए मीठे आम विशेष रूप से रखे गए.
फेस्टिवल में केमिकल फ्री आम-
सूरत यूं तो रत्नों के लिए जाना जाता है. लेकिन यहां के आम भी किसी रत्न से कम नहीं हैं. सूरत में मैंगो फेस्टिवल लगा है. जिसमें केसर और हापुस जैसी वैरायटी के आम प्रदर्शित किए गए. वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कांफ्रेंस में लगे मैंगो फेस्टिवल में यहां के किसानों ने अपने केमिकल फ्री आम प्रदर्शित किए. गुजरात के बागवानी विभाग ने इस मेगा 'आम महोत्सव' का आयोजन किया.
इस मैंगो फेस्टिवल में दक्षिण गुजरात के विभिन्न जिलों के किसान यहां अपने हाई क्वालिटी वाले प्राकृतिक रूप से उगाए गए आमों के साथ यहां आए और इनका प्रदर्शन और बिक्री कर रहे हैं.
स्वादिष्ट आम खरीदने का मौका मिला-
वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन यहां 5 मई तक आयोजित किया गया है. जहां साउथ गुजरात के 40 से 50 किसान शामिल हुए हैं. वाइब्रेंट गुजरात रीजनल काफ्रेंस में इन किसानों से सीधे केमिकल फ्री, नैचुरल, मीठे और स्वादिष्ट आम खरीदने का भी मौका बना है.
बेहतर मार्केट उपलब्ध कराना मकसद-
सम्मेलन में मैंगो फेस्टिवल का उद्घाटन सीएम भूपेंद्र पटेल ने किया. इस प्रदर्शनी में औद्योगिक विकास के साथ-साथ इलाके की कृषि विविधता को भी उजागर किया गया. मैंगो फेस्टिवल का उद्देश्य आदिवासी किसानों को बेहतर बाजार और पहुंच प्रदान करना है.
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