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जाको राखे साइयां मार सके ना कोई! 23 महीने 100% ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहा 8 साल का बच्चा, PGIMS के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

डिस्चार्ज के मौके पर पूरा पीआईसीयू वार्ड भावुक हो गया. बच्चे के पिता सोमबीर दहिया गांव गढ़ी सिसाना ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के पैर छुए और केक काटकर बच्चे के नए जन्म पर सभी डॉक्टरों का आभार जताया.

PGIMS ICU
gnttv.com
  • रोहतक,
  • 06 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:32 PM IST
  • 23 महीने वेंटिलेटर पर रहने के बाद 8 साल के बच्चे को नया जीवन
  • नर्सिंग स्टाफ के लिए परिवार का सदस्य बन गया था बच्चा

हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में डॉक्टरों की करीब दो साल की मेहनत के बाद 8 साल का बच्चा स्वस्थ होकर घर लौटा. बच्चा करीब 23 महीने तक 100% ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहा. इस दौरान डॉक्टरों के साथ उसके माता-पिता भी लगातार अस्पताल में डटे रहे. डिस्चार्ज के समय पीआईसीयू का माहौल भावुक हो गया.

6 साल की उम्र में गंभीर हालत में आया था बच्चा
पीआईसीयू इंचार्ज डॉ. कुंदन मित्तल के मुताबिक, बच्चे को 5 अक्टूबर 2024 को महज 6 साल की उम्र में अस्पताल लाया गया था. उसे तेज बुखार था और वह अपने हाथ-पैर तक नहीं हिला पा रहा था. हालत इतनी गंभीर थी कि उसे पीआईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा. डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चे की हालत को स्थिर करना और लंबे समय तक उसकी देखभाल करना था. उपचार के साथ लगातार निगरानी की गई.

इलाज के साथ फिजियोथेरेपी और पोषण पर भी ध्यान
डॉ. मित्तल ने बताया कि बच्चे को केवल दवाओं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर नहीं रखा गया. उसकी रिकवरी के लिए लगातार फिजियोथेरेपी और न्यूट्रिशनल सपोर्ट भी दिया गया. लंबे समय तक आईसीयू में रहने के दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने बच्चे की छोटी-छोटी जरूरतों का भी ध्यान रखा. धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार हुआ और अब वह अपने शरीर को हिला-डुला पा रहा है.

पिता ने 2 साल तक छोड़ा काम
बच्चे के पिता सोमबीर दहिया दिल्ली में टैक्सी चलाते हैं और परिवार में अकेले कमाने वाले हैं. बेटे की गंभीर बीमारी के कारण उन्हें अपना काम छोड़कर करीब दो साल तक अस्पताल में रहना पड़ा. उनकी पत्नी भी लगातार बच्चे के साथ अस्पताल में मौजूद रहीं. परिवार के लिए आर्थिक स्थिति भी चुनौती थी. डॉक्टरों और टीम ने इलाज के दौरान परिवार की आर्थिक मदद करने का प्रयास किया.

डिस्चार्ज के समय पूरा PICU हुआ भावुक
बच्चे के स्वस्थ होकर घर जाने पर पीआईसीयू में भावुक माहौल रहा. पिता सोमबीर ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के पैर छुए और उनका आभार जताया. परिवार ने केक काटा, मिठाई बांटी और मेडिकल टीम को मोमेंटो भी भेंट किए. सोमबीर ने कहा कि डॉ. कुंदन मित्तल और उनकी टीम ने उनके इकलौते बेटे को दो साल तक संभाला. उनके मुताबिक, पीजीआईएमएस उनके परिवार के लिए इन दो वर्षों में दूसरे घर जैसा बन गया.

नर्सिंग स्टाफ के लिए परिवार का सदस्य बन गया था बच्चा
नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि लंबे समय तक पीआईसीयू में रहने के कारण बच्चा सभी के लिए परिवार के सदस्य जैसा हो गया था. उसका जन्मदिन भी पूरा वार्ड मिलकर मनाता था. परिवार के किसी खास मौके पर स्टाफ बच्चे के परिजनों के लिए घर से खाना तक लेकर आता था.

-सुरेंद्र सिंह की रिपोर्ट

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