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Bareilly News: छात्रा की साइकिल हुई चोरी, पहुंची डीएम दरबार, मिल गई फौरन नई साइकिल

जब एक छात्रा की साइकिल चोरी हो गई, जिसके बाद उसके लिए कोचिंग वगैराह जाना एक मुश्किल साबित होने लगा. तो उसने डीएम का दरवाजा खटखटाया. डीएम ने भी बिना देरी किए छात्रा के हक में फैसला दे दिया.

जिलाधिकारी और नीतू
कृष्ण गोपाल राज
  • बरेली,
  • 26 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली है. यहां जब एक छात्रा को जब पुलिस से इंसाफ नहीं मिला, तो वह डीएम के पास शिकायत लेकर पहुंची. जिसके बाद डीएम ने भी बिना देरी करते हुए इंसाफ कर दिया. 

जानकारी के अनुसार आंवला थाना क्षेत्र के रामगंगा गोटिया निवासी 22 वर्षीय नीतू अपनी साइकिल चोरी होने की फरियाद लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं. नीतू ने बताया कि करीब तीन महीने पहले बरेली आईटीआई कॉलेज के छात्रावास से उसकी साइकिल चोरी हो गई थी. साइकिल चोरी होने के बाद पढ़ाई के लिए आने-जाने में उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. 

इस परेशानी को नीतू ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार को बताई. जिसके बाद तुरंत ही छात्रा की परेशानी को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने अपने स्टाफ के साथ उसे बड़े बाजार ले जाकर नई साइकिल खरीदवाई. इसके बाद डीएम ने अपने हाथों से नीतू को साइकिल सौंपकर सम्मानित किया.

खुशी-खुशी जिलाधिकारी कार्यलय से रवाना हुई नीतू

जिलाधिकारी ऑफिस से नई साइकिल मिलने पर नीतू बेहद खुश नजर आई. उसने जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि वह इस पल को हमेशा याद रखेगी. नीतू ने कहा कि वह भी भविष्य में कुछ बनने के बाद जरूरतमंद लोगों के बीच जाकर इसी तरह उनकी सेवा करना चाहती है. 

छात्रा ने डीएम की इस पहल की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया. इस मामले के बाद शहर में जिलाधिकारी की जमकर तारीफ हो रही है. शहर की जनता में कुछ तारीफ कर रही है. क्योंकि ऐसा सिर्फ फिल्मों में देखने को मिलता है की आधिकारिक इस तरीके से भी एक फरियादी के साथ इंसाफ कर दें.

क्या बोले डीएम साहब अविनाश सिंह

आज हम लोग जनता दर्शन में बैठे हुए थे और इस दौरान एक मामला संज्ञान में आया एक छात्रा समाज कल्याण हॉस्टल में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रही है. अपनी परेशानी को लेकर वह इससे पहले भी दो बार आ चुकी थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ था. उसकी जो मुख्य समस्या थी उसकी जो साइकिल चोरी हुई थी उसकी साइकिल मिल नहीं रही थी. उसे काफी दूर पढ़ने के लिए जाना पड़ता था वह पढ़ने के लिए जा नहीं पा रही थी. उसे काफी दिक्कत हो रही थी. वहीं मामले में साइकिल मिलने के बाद नीतू ने भी अपनी खुशी जाहिर की.

 

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