कहते हैं कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने का जुनून हो तो सफलता जरूर मिलती है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक 14 वर्षीय छात्र ने अपनी मेहनत और शारीरिक क्षमता के दम पर कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. कुआं खेड़ा गांव के रहने वाले जसकीरत सिंह ने महज 15 सेकंड में 39 जंपिंग जैक्स लगाकर 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ स्कूल में भी खुशी का माहौल है.
15 सेकंड में 39 बार किया कमाल
जसकीरत सिंह, स्वर्ण सिंह के बेटे हैं और अगवानपुर स्थित नैनीताल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ते हैं. कम उम्र में ही उन्होंने अपनी फिटनेस और तेजी से सबको प्रभावित किया है. जसकीरत ने केवल 15 सेकंड के अंदर 39 जंपिंग जैक्स पूरे किए. यह उपलब्धि हासिल करने के बाद उनका नाम 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया है.
जंपिंग जैक्स एक ऐसा व्यायाम है, जिसमें व्यक्ति पैरों को फैलाते हुए हाथों को सिर के ऊपर ले जाता है और फिर हाथ-पैरों को वापस सामान्य स्थिति में लाता है. इस अभ्यास में तेजी के साथ शरीर का संतुलन और तालमेल बनाए रखना भी जरूरी होता है. जसकीरत ने बेहद कम समय में लगातार 39 बार यह अभ्यास पूरा करके अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया.
ऑनलाइन लाइव दिखाया अपना हुनर
जसकीरत ने इस रिकॉर्ड के लिए कुछ दिन पहले 'बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन लाइव जुड़कर अपना करतब दिखाया था. इस दौरान उन्होंने तय समय के भीतर 39 जंपिंग जैक्स पूरे किए. उनकी इस प्रस्तुति को देखने के बाद संस्था के प्रतिनिधियों ने उनके प्रयास की सराहना की और उन्हें प्रमाण-पत्र जारी किया.
इस उपलब्धि के साथ जसकीरत ने अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता यह भी दिखाती है कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल और फिटनेस पर ध्यान देकर भी बच्चे अपनी अलग पहचान बना सकते हैं.
27 अक्टूबर को स्कूल में किया गया सम्मानित
जसकीरत की इस उपलब्धि पर 27 अक्टूबर को नैनीताल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उन्हें सम्मानित किया गया. स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने छात्र को बधाई देते हुए उनके प्रयास की सराहना की. शिक्षकों का कहना है कि जसकीरत की सफलता उनकी मेहनत, लगन और शारीरिक क्षमता को दर्शाती है. स्कूल प्रबंधन ने इस मौके पर बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने की जरूरत पर भी जोर दिया. ऐसे प्रयासों से दूसरे विद्यार्थियों को भी अपनी रुचि के क्षेत्र में बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है.
जसकीरत की सफलता दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणा
आज के समय में बच्चों की दिनचर्या में पढ़ाई और मोबाइल का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. ऐसे में जसकीरत की उपलब्धि बच्चों को खेल, व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों के लिए भी प्रेरित कर सकती है. उनकी सफलता बताती है कि किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि मेहनत, अभ्यास और आत्मविश्वास की भी जरूरत होती है.
बिजनौर के कुआंखेड़ा गांव के इस छात्र ने अपनी छोटी-सी उम्र में एक खास उपलब्धि हासिल की है. अब जसकीरत को परिवार, शिक्षकों और गांव के लोगों से बधाइयां मिल रही हैं. उनकी इस सफलता ने यह साबित किया है कि अगर लगन के साथ प्रयास किया जाए तो कम उम्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है.
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