कोरोना से जंग में महाविजय की ओर भारत तेजी से कदम बढ़ा रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने जानकारी दी है कि अब तक 99 करोड़ लोगों को सुरक्षा का टीका लगाया जा चुका है. यानी भारत में जल्द ही कोरोना टीके की 100 करोड़ डोज पूरी होने वाली है. स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक अगले एक दो दिन में 100 करोड़ वैक्सीन डोज लग जाएंगी. इसके लिए देश में पर्याप्त वैक्सीन डोज हैं और हर महीने वैक्सीन की संख्या बढ़ती जा रही है. आपको बता दें कि देश में इसी साल 16 जनवरी में देश के इस सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ था.
कोरोना महामारी से बचाव के लिए कराए जा रहे टीकाकरण अभियान में भारत अन्य देशों के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहा है. भारत का लक्ष्य अक्टूबर माह तक 100 करोड़ टीके पूरा करने का था. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को बताया कि देश में अब तक 99 करोड़ लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है. खुद स्वास्थ्य मंत्री अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाने में लगे हुए हैं. टीकाकरण की जो रफ्तार है उसे देखकर उम्मीद जताई जा रही है कि भारत बहुत जल्द इस आंकड़े को हासिल कर लेगा. अगर हम देश के टीकाकरण पर नजर डालें तो यह उपलब्धि असाधारण सी लगती है.
एक ऐसे देश में जहां कोरोना महामारी के फैलने तक वैक्सीन की दूर-दूर तक कोई संभावना नजर नहीं आ रही थी, वहां एक साल में टीके बनाकर एक अरब डोज लगा देना किसी उपलब्धि से कम नहीं है. देश ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बहुत बुरा समय देखा. ऐसे में इससे लड़ने का एकमात्र सहारा ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाना ही था. कोरोना की दूसरी लहर ने निपटते हुए भारत ने जिस तेजी से यह मुकाम हासिल किया है वो वाकई तारीफ के काबिल है.
घटी रोजाना टीकों की संख्या
बुधवार को 100 करोड़ टीके पूरे हो जाने की उम्मीद है. भारत को 60 करोड़ से 80 करोड़ टीके के लक्ष्य तक पहुंचने में कुल 24 दिन लगे थे. मगर अब 80 करोड़ से 100 करोड़ होने में उसे 31 दिन का समय लगा. यानी अब रफ्तार कम हो गई है. शुरुआती 20 करोड़ टीके 131 दिन में लगे थे. अगले 20 करोड़ टीके 52 दिन में लगे थे. 24 सितंबर को रोज लगने वाले टीकों का औसत 1 करोड़ हो गया था, जोकि अब 36 लाख ही रह गया है. इतना ही औसत जून में था. इस महीने अगर रफ्तार नहीं घटती तो भारत 100 करोड़ टीकाकरण पूरा करने के लक्ष्य को 14 अक्टूबर को ही प्राप्त कर लेता.
कहां है भारत?
चीन 230 करोड़ टीकों के साथ सबसे आगे है. आबादी के हिसाब से भी वही आगे है. कुल टीकों के हिसाब से भारत दूसरे स्थान पर है, लेकिन आबादी के हिसाब से दोनों डोज दुनिया के औसत से कम हैं. चीन में 71 फीसदी आबादी को दूसरी डोज लग चुकी है, जबकि अमेरिका में 56% और भारत में 20% को दोनों डोज लग चुकी हैं.
| देश | डबल डोज | सिंगल डोज |
| चीन | 71% | 76% |
| फ्रांस | 67% | 75% |
| ब्रिटेन | 66% | 72% |
| जर्मनी | 65% | 68% |
| अमेरिका | 56% | 65% |
| भारत | 20% | 50% |
| दुनिया | 36% | 48% |
| रूस | 32% | 35% |
| पाकिस्तान | 15% | 29% |
| बांग्लादेश | 11% | 23% |
पिछले महीने ही भारत ने एक दिन में ढाई करोड़ टीके लगाने का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन इसके बाद भारत थमा नहीं बल्कि कोरोना पर वार की धार को और तेज़ करता चला गया. नतीजा ये रहा कि अब तक देश में 99 करोड़ से ज़्यादा टीके लगाए जा चुके हैं. यानि 100 का टारगेट अब बस एक कदम दूर है.
यूं तो 100 करोड़ वैक्सीन के टारगेट को हासिल करने में सारा देश जुटा रहा लेकिन भारत के कुछ राज्य और शहर ऐसे भी रहे, जिन्होंने सबसे आगे बढ़कर मिशन वैक्सीनेशन को कामयाब बनाने की मिसाल कायम कर दी. देश के कई राज्यों, ज़िलों और शहरों ने बेहद जल्दी 100% आबादी के वैक्सीनेशन का टारगेट हासिल कर लिया था. ये आसान नहीं था, लेकिन प्रशासन और नागरिकों ने गज़ब का तालमेल दिखाया और वैक्सीन के मिशन इम्पॉलिबल को पॉसिबल बना दिया. अब यहां से अगर भारत को 100 परसेंट वैक्सीनेशन का लक्ष्य भेदना है तो टीकाकरण की इसी बुलेट रफ़्तार को आगे भी बनाए रखना होगा.
जब कोई देश इतने बड़े पैमाने पर लड़ता है तो लड़ाई केवल देश की नहीं होती बल्कि ये हर देशवासी की लड़ाई होती है. कोरोना के खिलाफ़ इस मुश्किल जंग में देश में पिछले कुछ दिनों कुछ ऐसा ही माहौल बन रहा. सरकार के प्रयास एक तरफ़, लेकिन समाज के अलग-अलग तबकों के लोग और कई संस्थान भी आगे आकर कोरोना के खिलाफ़ वैक्सीनेशन के महायज्ञ में अपनी-अपनी आहुति देते रहे. यही वजह है कि भारत का मिशन वैक्सीनेशन आज इस मुकाम पर पहुंचा है.