नक्सल मुक्त बनाने वाले शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि, अब दहशत नहीं विकास के नाम से जाना जाएगा सुकमा

सुकमा के कभी खतरनाक माने जाने वाले इलाकों में आज शांति और विकास का परचम लहरा रहा है. 9 अप्रैल 2026 को सीआरपीएफ की सेकेंड बटालियन ने शौर्य दिवस के अवसर पर उन वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस क्षेत्र को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए अपनी आहुति दी.

सुकमा
gnttv.com
  • सुकमा,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) सेकेंड बटालियन ने 9 अप्रैल 2026 को शौर्य दिवस पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाया. कार्यक्रम का नेतृत्व कमांडेंट कमलेश कुमार ने किया, जहां शहीद जवानों को नमन करते हुए उनकी वीरता को याद किया गया. समारोह की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई, इसके बाद क्वार्टर गार्ड पर विशेष गार्ड ने सलामी दी.

1965 के रण ऑफ कच्छ की वीरगाथा को किया याद
अपने संबोधन में कमांडेंट कमलेश कुमार ने 9 अप्रैल 1965 के ऐतिहासिक दिन को याद किया, जब गुजरात के रन ऑफ कच्छ में पाकिस्तानी सेना ने हमला किया था. सीआरपीएफ के जवानों ने लगभग 12 घंटे तक चली भीषण लड़ाई में दुश्मन को करारा जवाब देते हुए उनके 34 सैनिकों को ढेर किया और 4 को जीवित गिरफ्तार किया. हालांकि, मातृभूमि की रक्षा करते हुए सीआरपीएफ के 8 जवान अमर शहीद हो गए. इस गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए जवानों को शौर्य शपथ दिलाई गई और देश सेवा में समर्पित रहने का संकल्प कराया गया.

शहीदों के सम्मान में विशेष श्रद्धांजलि सभा
कार्यक्रम के दौरान बटालियन मुख्यालय में शहीदों को समर्पित श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. जवानों और अधिकारियों ने मौन रखकर देश के उन वीर सपूतों को नमन किया जिन्होंने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों का बलिदान दिया. इस दौरान शहीद परिवारों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक याद किया गया.

कमांडेंट कमलेश कुमार का भावुक बयान
कमांडेंट कमलेश कुमार ने कहा कि सुकमा की तस्वीर बदलने में CRPF जवानों की भूमिका अतुलनीय है. उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि सुकमा को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए कई बहादुर जवानों ने अपनी जान कुर्बान की है. उन्हीं की शहादत का परिणाम है कि आज यह क्षेत्र डर और हिंसा नहीं, बल्कि विकास और खुशहाली के नाम से पहचाना जा रहा है.

शांति और प्रगति की ओर कदम
कभी नक्सली गतिविधियों का गढ़ माना जाने वाला सुकमा जिला अब शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है. सुरक्षा बलों की लगातार मुस्तैदी और कड़ी कार्रवाई ने नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया है. अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान संकल्प दोहराया कि इस क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और विकास की रफ्तार को और तेज किया जाएगा.

खेलकूद प्रतियोगिताएं और सामूहिक भोज का आयोजन
कार्यक्रम के अंत में बटालियन की ओर से खेलकूद प्रतियोगिताएं कराई गईं, जिससे जवानों में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ. इसके बाद सभी जवानों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया गया. बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान मौजूद रहे और सभी ने राष्ट्र सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया.

(रिपोर्ट- धर्मेंद्र सिंह)

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