दिल्ली में अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राजधानी की 1,511 कॉलोनियों को नियमित करने की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाया है. इसके तहत 24 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे करीब 45 लाख लोगों को फायदा मिलेगा.
सीएम का ऐलान, कहा- नया अध्याय शुरू
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस वार्ता में बताया कि वर्षों से लंबित इस समस्या का अब समाधान शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला लोगों के लिए राहत, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय लेकर आया है. अब लोगों को अपने घरों में मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
पीएम उदय योजना के तहत बढ़ा कदम
सीएम ने इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया. उन्होंने कहा कि उनके विजन के तहत पीएम उदय योजना को आगे बढ़ाया गया है. पहले इस योजना के जरिए मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, अब इसे नियमितीकरण के अगले चरण में ले जाया जा रहा है.
केंद्र ने भी दी प्रक्रिया की जानकारी
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि पहले अलग-अलग सरकारों के कारण कई मुद्दे अटके हुए थे, लेकिन अब काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल से शुरू होने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया लोगों को कानूनी अधिकार दिलाने में मदद करेगी.
कन्वेयंस डीड से मिलेगा मालिकाना हक
राजस्व विभाग के जरिए कॉलोनियों के निवासियों को कन्वेयंस डीड जारी की जाएगी. इससे लोगों को उनकी संपत्ति का स्पष्ट कानूनी स्वामित्व मिलेगा. अब वे ऑनलाइन आवेदन कर अपनी प्रॉपर्टी को अपने नाम दर्ज करा सकेंगे.
बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
नियमितीकरण के बाद इन इलाकों में सड़क, सीवर, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं का विकास तेज होगा. इससे लोगों की जीवनशैली में भी सुधार आएगा.
लोन और नक्शा पास कराने में आसानी
प्रॉपर्टी को कानूनी दर्जा मिलने से बैंक से लोन लेना आसान होगा. साथ ही भविष्य में मकान निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी. सरकार के इस फैसले से वर्षों से अनिश्चितता में जी रहे लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
-सुशांत मेहरा की रिपोर्ट
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