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5 से 11 साल के बच्चों के लिए सुरक्ष‍ित है फाइजर का टीका, क्लिनिकल ट्रायल के रिजल्ट में खुलासा

कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कंपनी फाइजर और बायोएनटेक (Pfizer and BioNTech) ने सोमवार को कहा कि कुछ परिक्षणों से पता चला है कि उनका कोरोनावायरस वैक्सीन सुरक्षित है और पांच से 11 साल की उम्र के बच्चों में एक मजबूत इम्यूनिटी बनाता है. अमेरिकी दिग्गज फाइजर और उसके जर्मन साथी ने एक संयुक्त बयान में कहा,'पांच से 11 साल की उम्र के प्रतिभागियों में, टीका सुरक्षित था, उनके शरीर ने टीकों को अच्छी तरह से सहन किया और उनके शरीर में मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रिया भी पाई गई.'

फाइजर वैक्सीन (फाइल फोटो)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:59 PM IST
  • कोरोना के खि‍लाफ जंग में गुड न्यूज़
  • कंपनी इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए जल्द करेगी आवेदन
  • कहा- 5 से 11 उम्र वर्ग के बच्चों पर ट्रायल में मिली सुरक्षित

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने कोहराम मचाया तो अब तीसरी लहर आने की आशंकाएं दुनियाभर में जताई जा रही हैं. तीसरी लहर को लेकर आशंकाएं ये भी जताई जा रही हैं. इस दौरान सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को है जिन्हें वैक्सीन कवर नहीं मिल सका है. अब वैक्सीन निर्माता कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि उसकी वैक्सीन पांच से 11  साल के उम्र वर्ग के बच्चों पर प्रभावी है.

कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कंपनी फाइजर और बायोएनटेक (Pfizer and BioNTech) ने सोमवार को कहा कि कुछ परिक्षणों से पता चला है कि उनका कोरोनावायरस वैक्सीन सुरक्षित है और पांच से 11 साल की उम्र के बच्चों में एक मजबूत इम्यूनिटी बनाता है. अमेरिकी दिग्गज फाइजर और उसके जर्मन साथी ने एक संयुक्त बयान में कहा,'पांच से 11 साल की उम्र के प्रतिभागियों में, टीका सुरक्षित था, उनके शरीर ने टीकों को अच्छी तरह से सहन किया और उनके शरीर में मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रिया भी पाई गई.'

दरअसल, फाइजर और मॉडर्ना दोनों जैब्स पहले से ही दुनिया भर के देशों में 12 साल से ज्यादा उम्र के किशोरों और वयस्कों को दिए जा रहे हैं हालांकि माना जाता है कि बच्चे के शरीर में किसी तरह की बीमारी नहीं होने के कारण उन्हें कोरोना का खतरा कम होता है. और इम्यूनिटी अच्छी होती है. लेकिन चिंताएं हैं कि अत्यधिक संक्रामक डेल्टा संस्करण अधिक गंभीर मामलों को जन्म दे सकता है.

 

'अमेरिकी प्राधिकरण से मिल जाएगी मंजूरी'
फाइजर की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि कंपनी को जल्द ही इस उम्र वर्ग के बच्चों के लिए अमेरिकी प्राधिकरण से मंजूरी मिल जाएगी. फाइजर ने इसे इस उम्र वर्ग के लोगों के वैक्सीनेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. ये वैक्सीन फाइजर ने बनाई है. फाइजर की जर्मन पार्टनर बायोएनटेक की वैक्सीन पहले से ही उपलब्ध है जो 12 साल और 12 साल से अधिक उम्र वर्ग के लोगों पर प्रभावी है. 

गौरतलब है कि अब स्कूल भी खुलने लगे हैं. बच्चे स्कूलों में जाने लगे हैं. कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के कारण भी बच्चों के संक्रमित होने के मामलों में बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है. इन सब हालात में लोगों को अपने बच्चों के लिए वैक्सीन के आने का इंतजार था. प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को फाइजर ने काफी कम डोज दिया और परीक्षण किया.

 

'वैक्सीन की डोज बच्चों में सुरक्षित साबित हुई'

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक फाइजर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉक्टर बिल ग्रुबर ने बताया कि दूसरी डोज के बाद पांच से 11 साल के बच्चों में भी किशोर और युवाओं की ही तरह कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी विकसित हुई. उन्होंने दावा किया कि वैक्सीन की डोज बच्चों में सुरक्षित साबित हुई. हमें लगता है हमें लगता है कि हम वास्तव में अच्छे स्थान पर पहुंच गए हैं.

ग्रुबर ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य इस महीने के अंत तक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पास इमरजेंसी यूज के लिए अनुमति प्राप्त करने को आवेदन करने का है. इसके बाद यूरोपियन और ब्रिटिश नियामको के पास भी इमरजेंसी यूज की अनुमति के लिए आवेदन किया जाएगा.
 

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