अब कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में इस तरह सहायक होगा AI, जानें कैसे मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'अमूल एआई' का लोकार्पण कर दिया है, जो खास करके कृषि और पशुपालकों महिलाओं को ध्यान में रख कर विकसित किया गया है.

अब पशुपालकों के लिए अमूल AI बनेगा सहायक
gnttv.com
  • आणंद,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:33 PM IST

श्वेत क्रांति के लिए पहचानी जाने वाली गुजरात के आणंद की धरती से डेयरी क्षेत्र में एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत हुई है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'अमूल एआई' का लोकार्पण कर दिया है, जिसे पशुपालकों के लिए एक आधुनिक सहायक के रूप में देखा जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य तकनीक को सीधे किसानों और पशुपालकों तक पहुंचाना है, ताकि वे रोजमर्रा के फैसले बेहतर जानकारी के साथ ले सकें.

पशुपालकों के लिए एआई की मदद
'अमूल एआई' को इस तरह तैयार किया गया है कि पशुपालक अपनी गाय-भैंस के स्वास्थ्य, आहार और टीकाकरण जैसी जरूरी जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकें. इस योजना के केंद्र में एआई सहायक का इस्तेमाल करना आसान है, जो आसान भाषा में पशुपालकों को मार्गदर्शन देने के लिए बनाई गई है. इसका मकसद तकनीक को जटिल न बनाकर उपयोग में आसान रखना है, ताकि छोटे किसान भी बिना झिझक इसका लाभ उठा सकें.

सशक्तिकरण और नीतिगत समर्थन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक खास तौर पर छोटे किसानों और पशुपालक महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद करेगी. डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्रीय बजट में भी पशु चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया है. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में भारतीय पशुपालकों के हितों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है, ताकि देश का डेयरी सेक्टर प्रतिस्पर्धी बना रहे.

सरकार, सहकार और तकनीक का संगम
अमूल की ये पहल साबित करती है कि जब सरकार, सहकार और टेक्नोलॉजी एक साथ मिलते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि एआई आधारित यह सहायता पशुपालकों के काम को कितना आसान बनाती है और उत्पादन व प्रबंधन में किस तरह सुधार लाती है और AI की मदद से खेती किसानी किस स्तर पर पहुंचता है.

(रिपोर्ट- ब्रिजेश दोशी)

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