UPSC Success Story: स्वच्छ भारत अभियान की डायरेक्टर बनी गुंजन द्विवेदी, जानें कौन हैं 2 बार IAS परीक्षा में फेल होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारने वाली ये अधिकारी

यूपी शासन ने हाल ही में आईएएस अधिकारियों के तबादलों में 2018-19 बैच की तेज-तर्रार अधिकारी गुंजन द्विवेदी को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का मिशन निदेशक नियुक्त किया है. लखनऊ की रहने वाली गुंजन की कहानी उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए मिसाल है जो शुरुआती हार से टूट जाते हैं.

IAS Gunjan Dwivedi
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:02 PM IST

बुधवार को उत्तर प्रदेश शासन ने आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर और नई तैनाती से जुड़े आदेश जारी किए. इस बार कुल पांच अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है. सरकार का फोकस उन पदों को मजबूत करना है, जहां तेज कामकाज और बेहतर निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही थी.

गुंजन द्विवेदी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
2018-19 बैच की आईएएस गुंजन द्विवेदी, जो अब तक प्रतीक्षारत सूची में थीं, उनको सीधे एक महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है. उन्हें मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन नियुक्त किया गया है. यह पद ग्रामीण इलाकों में सफाई, शौचालय निर्माण, और गांवों में स्वच्छता जागरूकता जैसे क्षेत्रों को बेहद बनाना है, जिन्हें महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि इन बदलावों के बाद महत्वपूर्ण योजनाओं की मॉनिटरिंग और कार्यान्वयन में तेजी आएगी.

ऐसे रखा सबसे कठिन परीक्षा में कदम
गुंजन मुल रूप से लखनऊ की रहने वाली हैं. उनका सपना शुरू से IAS बनने का था. उन्होंने साल 2014 में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. 

असफलता के दो कठिन साल 
पहले शुरुआती 2 साल, 2014 से 2016 तक गुंजन ने जम कर परीक्षा के लिए खुद को तैयार किया. उन्होंने 2016 में पहली बार परीक्षा दी और प्रीलिम्स में फैल हो गईं. फिर दूसरी बार भी उनके हाथ निराशा लगी. लेकिन गुंजन इस हार से निराश नहीं हुईं और खुद को और बेहतर बनाया. 

2019 रहा गुंजन के लिए ऐतिहासिक, 9वां रेंक हासिल कर बनाया रिकार्ड
2019 का साल गुंजन द्विवेदी के लिए सचमुच ऐतिहासिक रहा, जब उन्होंने यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर रिकॉर्ड बनाया. अपनी सफलता के बाद उन्होंने तैयारी करने वाले युवाओं को साफ सलाह दी कि शुरुआत हमेशा NCERT से करनी चाहिए, क्योंकि यही असली आधार बनाती है. गुंजन का मानना है कि पूरा सिलेबस समझकर उसी के हिसाब से तैयारी को दिशा देना सबसे जरूरी है. साथ ही आंसर राइटिंग, नियमित अभ्यास और मॉक टेस्ट गलती सुधारने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. 

गुंजन द्विवेदी की पृष्ठभूमि 
गुंजन शुरू से ही एक तेज-तर्रार और मेहनती स्टूडेंट रही हैं. क्लास 10 में उन्होंने 93.5% और क्लास 12 में 87.6% अंक हासिल किए. उनकी स्कूली पढ़ाई ICSE बोर्ड से हुई. आगे उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से 71.5% अंकों के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया. कॉलेज में उनका विषय पॉलिटिकल साइंस था, जिसे उन्होंने UPSC में अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट भी चुना.

सिविल सर्विसेज क्यों चुनीं?
दरअसल गुंजन के पिता रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं, और उनके मुताबिक वही बचपन से उनकी रोल मॉडल रहे. गुंजन कहती हैं, 'मेरे पिता ने मुझे हमेशा प्रेरित किया. मेरी मां और भाई ने हर मुश्किल में मेरा साथ दिया और यह सुनिश्चित किया कि मैं खुश रहूं. मेरी बहन भी सहारनपुर, यूपी में कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के रूप में कार्यरत है.' 

हालांकि कई लोग कटऑफ देख कर परीक्षा देने में घबरा जाते हैं, वहीं गुंजन की कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा बनेगी. सपने देखना बहुत आसान होता है, लेकिन उन सपनों का सच कर जीना उतना ही मुश्किल है. लेकिन जो ऐसे मुश्किलों को पार करता है, समय उन्हें ही हमेशा याद रखता है.  

 

ये भी पढ़ें 

 

Read more!

RECOMMENDED