देश में आज कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 100 करोड़ तक पहुंच गया है. इस मौके पर दिल्ली के RML अस्पताल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें पीएम मोदी भी शामिल हुए. इसी साल 13 जून को भारत ने 25 करोड़ लोगों को टीका लगाकर पहला कीर्तिमान स्थापित किया था.उससे पहले वैक्सीनेशन की रफ्तार कम थी और टीकाकरण की राह में तमाम दुश्वारियां थीं. लेकिन भारत ने दृढ़ इच्छा दिखाई और आज देश 100 करोड़ तक पहुंच गया.
कैसे लोगों ने इस अभियान को 100 करोड़ तक पहुंचा दिया
- इस बार नवरात्र के त्योहार को लोगों ने टीकोत्सव में बदल दिया.
- कई पूजा पंडालों ने वैक्सीन को थीम बनाया और लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की.
- पूजा पंडालों के जरिए जागरुकता अभियान चलाए गए जिसका बड़ा असर हुआ.
-धार्मिक स्थलों के बाहर वैक्सीन कैंप लगाए गए. जिससे लोगो में वैक्सीन को लेकर भ्रम कम हुआ और टीकाकरण की रफ्तार बढ़ी.
- टीकाकरण की इस मुहिम में तमाम संगठन भी शामिल हुए, जिन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किए.
- कोरोना के टीके को लेकर लोगों का भ्रम दूर हो, इसके लिए तमाम तरह के रचनात्मक प्रयोग किए गए.
- स्वास्थ्य विभाग ने दूरदराज के इलाकों में ड्रोन के जरिए वैक्सीन पहुंचाई, जो कि अभियान में मील का पत्थर साबित हुई.
- यही नहीं बाजारों में और व्यापारियों ने वैक्सीन लगवाने वालों को शानदार ऑफर दिए.जिससे वैक्सीन को लेकर जागरुकता बढ़ी.
- सबसे बढ़कर वैक्सीन को लेकर देशवासियों ने दृढ़इच्छा दिखाई, जिसकी वजह से देश 100 करोड़ टीके के आंकड़े तक पहुंच गया है.
100 करोड़ टीके के लक्ष्य तक भारत कैसे पहुंचा
इसी साल 13 जून को भारत ने 25 करोड़ लोगों को टीका लगाकर पहला कीर्तिमान स्थापित किया था.उससे पहले वैक्सीनेशन की रफ्तार कम थी और टीकाकरण की राह में तमाम दुश्वारियां थीं. लेकिन भारत ने दृढ़ इच्छा दिखाई और 5 अगस्त आते आते 50 करोड़ टीके का नया रिकॉर्ड बना डाला. 75 करोड़ लोगों को टीके का शुभ समाचार देश को पिछले महीने 13 सितंबर को मिला. आज 21 अक्टूबर है और भारत 100 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने के लक्ष्य को छू लिया है.
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इन राज्यों के बूते आज देश टीकोत्सव मना रहा है
उत्तर प्रदेश की बात करें तो टीकाकरण के मामले में ये राज्य पहले पायदान पर है.19 तारीख तक राज्य में 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं.टीकाकरण के मामले में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है.जहां 9 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीके की कम से कम एक डोज दी जा चुकी है.पश्चिम बंगाल का रिकॉर्ड भी टीकाकरण के मामले में बेहतर है.यहां साढ़े 6 करोड़ से ज्यादा को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है.अगला नंबर गुजरात का है, यहां भी 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है.जो आबादी के हिसाब से बेहतर प्रदर्शन है. टॉप 5 राज्यों में मध्यप्रदेश भी है, जहां 19 अक्टूबर तक 6 करोड़ 67 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा चुका है.
आंकड़ों के मुताबिक देश में 99 करोड़ 12 लाख से ज्यादा लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है. जबकि 28 करोड़ 89 लाख से ज्यादा लोग सुरक्षा का दूसरा टीका लगवा चुके हैं. इसी वजह से अब सरकार का फोकस दूसरे चरण पर है. टीकाकरण को लेकर भारत की उपलब्धि कई मायनों में खास है.क्योंकि ये भारत के सामूहिक प्रयासों की जीत है.
कोरोना के मामलो में उम्र भी बड़ा फैक्टर बना है.
40 साल से 60 साल के बीच के लोगों की बात करें तो इस कटेगरी में 26 करोड़ 79 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है. वहीं 60 साल से ऊपर 16 करोड़ से ज्यादा लोगो को कोरोना से सुरक्षा की गारंटी मिल चुकी है. 18 से 44 साल के लोगों की बात करें तो इस उम्र सीमा के 55 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है.
बता दें कि जब टीकाकरण शुरु हुआ था तो चुनौती ज्यादा से ज्यादा युवाओं को वैक्सीन लगाने की थी.आज जब आंकड़ा 100 करोड़ के करीब है तो भारत के ज्यादातर युवा वैक्सीन की कम से कम एक डोज ले चुके हैं.आंकड़ों से समझें तो 18 प्लस की 74 फीसदी आबादी को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है. जबकि 18 प्लस में 30 फीसदी से ज्यादा वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं.
कुछ राज्यों ने कमाल का प्रदर्शन किया
- लद्दाख में 94 फीसदी लोगों को पहली डोज लग चुकी है.
- हिमाचल प्रदेश में 100 फीसदी आबादी पहली डोज लगवा चुकी है.
- जम्मू कश्मीर में भी पहली डोज का आंकड़ा 100 फीसदी है.
- हरियाणा में 87 फीसदी लोग वैक्सीन की पहली डोज ले चुके हैं.
- महाराष्ट्र में पहली डोज लगवाने वालों का आंकड़ा 70 फीसदी से ज्यादा है.
- गोवा में 100 फीसदी आबादी को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है.
- कर्नाटक में 86 फीसदी से ज्यादा आबादी वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुकी है.
- केरल की बात करें तो यहां 87 फीसदी से ज्यादा को वैक्सीन की पहली डोज ले चुके है.
सरकार का फोकस ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज देना
- लद्दाख अपने यहां 67 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगा चुका है.
- हिमाचल में 56 फीसदी लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है.
- यूपी दूसरी डोज के मामले में अभी थोड़ा पीछे है. यहां महज 17 फीसदी को ही वैक्सीन की दूसरी डोज लग पाई है.
- गुजरात अपने यहां 49 फीसदी से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दे चुका है.
- केरल में दूसरी डोज का आंकड़ा 42 फीसदी से ज्यादा है.
- जबकि गोवा अपने यहां 71 फीसदी से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगा चुका है.
100 करोड़ टीके का सफर
-19 फरवरी को देश में 1 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगी थी.
-1 करोड़ से 10 करोड़ वैक्सीन लगाने में भारत को 50 दिन लगे.
-10 से 20 करोड़ वैक्सीन का आंकड़ा पाने में देश को 46 दिन लगे.
-20 से 30 करोड़ का आंकड़ा भारत ने महज 28 दिन में ही हासिल कर लिया.
-20 जुलाई को भारत में 40 करोड़ को वैक्सीन लग चुकी थी.
-6 अगस्त को भारत ने 50 करोड़ टीके का कीर्तिमान बना लिया.
-26 अगस्त को भारत में 60 करोड़ लोगों को टीके लग चुके थे.
-7 सितंबर को महज 12 दिनों में देश ने 60 करोड़ से 70 करोड़ डोज का आंकड़ा छू लिया था.
-19 सितंबर तक देश में 80 करोड़ लोगों को टीका लग चुका था.
-जबकि 2 अक्टूबर को देश में 90 करोड़ लोग वैक्सीन की कम से कम पहली डोज ले चुके थे.
-आज देश ने 100 करोड़ के आंकड़ों को छू लिया है.