उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के नगर क्षेत्र स्थित वार्ड संख्या 17 की रहने वाली 7 साल की मासूम बच्ची समरा नाज ने एक सितंबर को अपने मोहल्ले की टूटी हुई जर्जर सड़क को बनवाने के लिए डीएम दरबार में पहुंचकर गुहार लगाई थी और जिलाधिकारी को सड़क बनवाने के लिए पत्रक भी सौपा था. उसने डीएम से कहा था कि जब मैं स्कूल आती-जाती हूं तो रास्ता खराब होने के कारण मैं गिर जाती हूं और स्कूल ड्रेस भी गंदी हो जाती है. इसके बाद जिलाधिकारी ने बड़े ध्यान से इस मासूम बच्ची की बात सुनते हुए बच्ची से कहा था कि ठीक है बेटा आप जाइए और पढ़ाई करिए हम आपकी सड़क बनवाते हैं.
मासूम की गुहाई, DM ने बनवाई सड़क-
बच्ची के जाने के बाद जिलाधिकारी के आदेश के बाद नगर पालिका के जेई और उनकी टीम अगले ही दिन मौके पर पहुंची थी और टूटी हुई सड़क बनाने के लिए उसकी नापी और टेंडर प्रक्रिया सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा किया. इसके बाद नगर पालिका के द्वारा उस टूटी हुई सड़क का पक्का निर्माण करा कर आज उसे पूरा कर दिया.
DM ने दी साइकिल गिफ्ट-
कार्य पूरा होने के बाद डीएम खुद इस नन्ही बच्ची समरा नाज के घर आज पहुंचे और उन्होंने बनी हुई इस सड़क का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. डीएम ने बच्ची के घर जाकर उसका दोनों हाथ पकड़ कर उससे बातचीत किया और पूछा कि अब वह खुश है तो उसने कहा यस सर. इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से उसे मिठाई खिलाया और साथ ही उसे चॉकलेट और एक साइकिल भी गिफ्ट किया. साइकिल देने के बाद समरा साइकिल चला रही थी और डीएम सहित अन्य अधिकारी उसके अगल बगल पैदल चल रहे थे.
DM ने मासूम से पढ़ाई के बारे में पूछा-
डीएम ने बच्ची से आज स्कूल में हुई पढ़ाई के बारे में पूछा और उसे अच्छी तरह से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित भी किया. उन्होंने कहा कि अब तुम्हारी सड़क बन गयी है. अब तुम खूब मन लगाकर पढ़ाई करो. समरा नाज ने भी डीएम सहित नगर पालिका के अधिकारियों को सड़क बनवाने के लिए धन्यवाद दिया. उसमें अपनी वीडियो दिखाने के लिए मीडिया को भी थैंक्यू कहा.
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