बिहार के मुजफ्फरपुर की शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे 'मुक्ति' ब्रांड के उत्पाद अब लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं. शुद्ध गुणवत्ता और उचित कीमत की वजह से इनकी मांग लगातार बढ़ रही है. इसी को देखते हुए जेल प्रशासन ने अब इन उत्पादों की बिक्री का दायरा बढ़ाते हुए शहर के खादी मॉल में भी विशेष स्टॉल शुरू किया है. इस पहल का उद्देश्य सिर्फ उत्पादों की बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि बंदियों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है.
खादी मॉल तक पहुंचा 'मुक्ति' ब्रांड
अब तक 'मुक्ति' ब्रांड के उत्पाद मुख्य रूप से जेल परिसर में संचालित 'मुक्ति बाजार' में ही उपलब्ध थे. लेकिन लोगों के बढ़ते भरोसे और मांग को देखते हुए जेल प्रशासन ने शहर के खादी मॉल में भी इनकी बिक्री शुरू कर दी है. इससे ज्यादा लोग इन उत्पादों तक आसानी से पहुंच सकेंगे.
बंदियों के हाथों से तैयार होते हैं कई उत्पाद
जेल की निर्माणशाला में बंदियों द्वारा हल्दी, मिर्च, धनिया जैसे शुद्ध मसाले, सत्तू, सरसों का तेल, फिनायल, साबुन और लकड़ी के फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. जेल प्रशासन का कहना है कि सभी उत्पाद बिना मिलावट और अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाए जाते हैं. यही वजह है कि शहर के लोगों का इन पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
2023 में मिला 'मुक्ति' ब्रांड का विस्तार
जेल अधीक्षक यूसुफ रिजवान के अनुसार, केंद्रीय कारा में निर्माणशाला पहले से संचालित थी, लेकिन वर्ष 2023 में इसे 'मुक्ति' ब्रांड के रूप में नया स्वरूप दिया गया. वर्तमान में इन उत्पादों की आपूर्ति खादी मॉल के अलावा अन्य स्थानों पर भी की जा रही है. जेल परिसर में संचालित बिक्री केंद्र से जेलकर्मी, बंदियों के परिजन और न्यायालय आने वाले लोग नियमित रूप से खरीदारी करते हैं.
पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर है जोर
जेल प्रशासन का कहना है कि इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य बंदियों का पुनर्वास और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है. निर्माणशाला में उन्हें औद्योगिक और रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि जेल से रिहा होने के बाद वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और स्वरोजगार के जरिए अपने भविष्य को नई दिशा दे सकें. प्रशासन को उम्मीद है कि खादी मॉल में बिक्री शुरू होने से 'मुक्ति' ब्रांड की पहचान और मजबूत होगी तथा बंदियों के कौशल विकास को भी नई गति मिलेगी.
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