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वैक्सीन के मिक्स एंड मैच से संक्रमण का खतरा 79 प्रतिशत तक कम : स्टडी

स्वीडन में हुए एक राष्ट्रव्यापी अध्ययन में पता चला है कि जिन लोगों ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (AZ)कोविड वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त की और दूसरी खुराक के लिए एमआरएनए शॉट लिया है उन्हें संक्रमण का खतरा कम है. अध्ययन के मुताबिक एस्ट्राजेनेका की पहली डोज लेने के बाद, दूसरी डोज के तौर पर जिन्होंने mRNA पर आधारित टीके फाइजर या मॉडर्ना लिए हैं, उन्हें दोनों ही डोज एस्ट्रेजेनेका लेने वालों के मुकाबले कोविड का खतरा कम है.

मिक्स एंड मैच से संक्रमण का खतरा कम
सुरभि शुक्ला
  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 12:43 PM IST
  • अध्ययन में 7 लाख लोग शामिल हुए थे.
  • वैक्सीन के मिक्स एंड मैच से संक्रमण का खतरा कम

स्वीडन में हुए एक राष्ट्रव्यापी अध्ययन में पता चला है कि जिन लोगों ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (AZ)कोविड वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त की और दूसरी खुराक के लिए एमआरएनए शॉट लिया है उन्हें संक्रमण का खतरा कम है.अध्ययन के मुताबिक एस्ट्राजेनेका की पहली डोज लेने के बाद, दूसरी डोज के तौर पर जिन्होंने mRNA पर आधारित टीके फाइजर या मॉडर्ना लिए हैं, उन्हें दोनों ही डोज एस्ट्रेजेनेका लेने वालों के मुकाबले कोविड का खतरा कम है.

अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने दोनों टीके के तौर पर ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ली थी उनमें कोरोना जोखिम 67 प्रतिशत कम था जबकि एक डोज एस्ट्राजेनेका और दूसरी खुराक में मॉडर्ना का टीका लेने वालों में खतरा 79 प्रतिशत कम था. एस्ट्राजेनेका का भारत में ब्रांड नेम कोविशील्ड वैक्सीन है.

क्यों की गई स्टडी?
स्वीडन में सुरक्षा चिंताओं के कारण 65 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए AZ के वेक्टर-आधारित टीके का उपयोग रोक दिया गया था. सभी व्यक्तियों को जिन्होंने पहले ही इस टीके की पहली खुराक प्राप्त कर ली थी, उनकी दूसरी खुराक के रूप में एक mRNA वैक्सीन की सिफारिश की गई थी.

अध्ययन में सात लाख लोग शामिल
यूमिया यूनिवर्सिटी में जेरियाट्रिक मेडिसिन के प्रोफेसर पीटर नॉर्डस्ट्रॉम ने कहा ,"हमारा अध्ययन उन लोगों के लिए जोखिम में कमी दिखाता है, जिन्होंने वेक्टर-आधारित टीके की पहली खुराक प्राप्त करने के बाद एमआरएनए टीका प्राप्त किया है. दोनों खुराक के लिए वेक्टर-आधारित टीका लेने वालों में जोखिम थोड़ा ज्यादा है." यह अध्ययन सोमवार को लैंसेट रीजनल हेल्थ-यूरोप जर्नल में प्रकाशित हुआ था. मुख्य विश्लेषण में लगभग 7,00,000 व्यक्तियों को शामिल किया गया था. 

दावों में कितना दम?
दूसरी खुराक के बाद 2.5 महीने की औसत अनुवर्ती अवधि के दौरान,अध्ययन में AZऔर फाइजर शॉट्स के संयोजन के लिए संक्रमण का खतरा 67 प्रतिशत कम देखा गया. शोधकर्ताओं ने कहा कि बिना टीकाकरण वाले व्यक्तियों की तुलना में AZ और मॉडर्न शॉट्स के लिए संक्रमण का जोखिम 79 प्रतिशत कम था. उन्होंने कहा कि AZ वैक्सीन (भारत में कोविशील्ड) की दो खुराक पाने वाले लोगों के लिए जोखिम में 50 प्रतिशत की कम देखी गई.

पिछले शोध ने प्रदर्शित किया है कि मिक्स-एंड-मैच वैक्सीन शेड्यूल एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये कार्यक्रम किस हद तक संक्रमण के जोखिम को कम कर सकते हैं. 

भारत में क्या है ट्रायल स्थिति?
दवा नियामक डीजीसीआई ने वैल्लोर मेडिकल कॉलेज को मिक्स-एंड-मैच टीके के ट्रायल की अनुमति प्रदान की है. कोविशील्ड और कोवैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है.

 

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