पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली साप्ताहिक कैबिनेट बैठकों का स्वरूप केवल औपचारिक एजेंडे तक सीमित नहीं रहता. इन बैठकों में नीतिगत फैसलों के अलावा बीते सप्ताह की प्रमुख घटनाओं, सरकारी पहलों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा होती है. प्रधानमंत्री मंत्रियों से सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा रखते हैं. वे उनसे फीडबैक लेते हैं, सुझाव मांगते हैं और कामकाज की दिशा पर मंथन करते हैं.
गुड न्यूज शेयर करने की परंपरा
बैठक का एक दिलचस्प और सकारात्मक हिस्सा होता है गुड न्यूज शेयर करना. प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि हर मंत्री बैठक में कोई एक सकारात्मक खबर जरूर साझे करे. यह खबर दो तरह की हो सकती है.
पहला- मंत्रालय से जुड़ी उपलब्धि जैसे किसी योजना का सफल क्रियान्वयन, किसी परियोजना की समय से पहले पूरा होना या किसी सरकारी उपक्रम को घाटे से मुनाफे में लाना.
दूसरा- कोई ऐसा अनुभव या घटना जो टीम के लिए प्रेरणा बने.
सूत्रों के मुताबिक, एक वरिष्ठ मंत्री ने हाल ही में बताया था कि किस तरह उन्होंने घाटे में चल रहे एक सरकारी उपक्रम को कुछ ही महीनों में पुनर्जीवित कर सौ करोड़ रुपये के लाभ में पहुंचा दिया. इसी तरह, पिछले साल नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कैबिनेट बैठक में व्यक्तिगत खुशखबरी साझा करते हुए बताया था कि वे पिता बने हैं और उनके घर बेटे का जन्म हुआ है.
जन-जीवन से जुड़ी सकारात्मक कहानियां
कई मंत्री यह भी बताते हैं कि उनके मंत्रालय के निर्णयों से आम नागरिकों के जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव आए हैं. बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, रेलवे, शिक्षा और आईटी जैसे क्षेत्रों से जुड़ी उपलब्धियां अक्सर गुड न्यूज के रूप में सामने आती हैं.
सकारात्मक संस्कृति की पहल
प्रधानमंत्री की यह पहल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक कार्य-संस्कृति का हिस्सा है. इसका उद्देश्य मंत्रियों को जन-केंद्रित निर्णय लेने, नवाचार को बढ़ावा देने और मंत्रालयों में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है. आमतौर पर, एजेंडे पर विस्तृत चर्चा के बाद अनौपचारिक सत्र में यह गुड न्यूज साझा की जाती है, जिससे बैठक का समापन एक सकारात्मक और प्रेरक वातावरण में होता है.
रिपोर्ट- हिमांशु मिश्रा