उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक लड़की ने अपनी शादी के लिए इकट्ठा किए पैसों को अपने सपने को साकार करने में खर्च कर डाले. पिता ने खुशी-खुशी सारे पैसे बेटी के सपने को पूरा करने में खर्च कर दिये. बेटी ने इन पैसों से एक जिम की शुरुआत की. आज मानसी मिश्रा कई लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं.
शादी के लिए जुटाए थे पैसे, बेटी के सपने के लिए कर डाले खर्च-
जिम के बाहर लगे बोर्ड पर लिखा स्लोगन "पापा की परी भी अब डेडलिफ्ट करती है, तुम जिम कब आओगी? शहर के आनंदपुरम कॉलोनी की रहने वाली मानसी मिश्रा ने नवादा इंदेपुर में एक जिम खोला है. मानसी मिश्रा पढ़ाई कर रही थी. पढ़ाई पूरी होते ही उनके पिता ने बेटी के सामने शादी का प्रस्ताव रखा. बेटी ने अपने पिता से कहा कि जो पैसा उन्होंने उसकी शादी के लिए जमा किया है, वही पैसा उसे अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए खर्च करें. बेटी के जज्बे से खुश होकर पिता ने उसके लिए महिलाओं का जिम बनाकर तैयार कर दिया.
110 KG था वजन, अब हो गया 60 किलोग्राम-
मानसी मिश्रा का पहले वजन 100 किलोग्राम था, जो अब घटकर 60 किलोग्राम रह गया. मानसी बताती हैं कि उन्होंने बहुत संघर्ष किया. उनको थायराइड भी थी. जिसके बाद उन्होंने दिल्ली में जिम जॉइन किया और वेट लॉस किया. अब उनकी थायराइड भी कंट्रोल में है. इसके बाद ही उन्होंने फैसला लिया कि क्यों ना शहर में महिलाओं के लिए एक जिम खोला जाए? अपनी आंखों में यह सपना संजोकर उन्होंने अपने पिता से कहा कि पापा आपकी परी अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है. पिता ने अपनी बेटी के सपने को साकार कर दिया.
जिम में महिलाओं को देती हैं काम-
मानसी अपने बड़े भाई और बड़ी तीन बहनों में सबसे छोटी है. मानसी मिश्रा का कहना है कि शादी मेरे लिए प्राथमिकता नहीं है, जितना मेरे लिए फिटनेस और महिलाओं की हेल्प करना. जो खर्च बेटी की शादी में लगता है, मैंने कहा कि पाप वह पैसा आप मेरे लिए यहां लगवा दें, ताकि मैं कुछ पॉजिटिव चीजें कर सकूं, बजाए शादी करने के. वहीं, मानसी के जिम में जॉब करने वाली सोनी का कहना है कि मानसी मिश्रा हमारी मालिक है. उन्होंने हमको जॉब भी दी है, साथ ही साथ फिटनेस की भी ट्रेनिंग दी है, ताकि हम और महिलाओं को फिटनेस के बारे में बता सकें. यहां ज्यादातर महिलाएं अपनी प्रॉब्लम को लेकर आती हैं. फिटनेस से वह अपनी प्रॉब्लम को खुद ही सॉल्व कर सकती हैं.
बेटी को मिला पिता का साथ-
मानसी के पिता धीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि शादी तो हर कोई करना चाहता है. लेकिन बेटी ने शादी नहीं की, लेकिन आत्मनिर्भर बनाकर अपना काम कर रही है. मैं भी बेटी के साथ जिम में समय दे पाता हूं. फिलहाल शाहजहांपुर की एक बेटी ने महिला सशक्तिकरण के लिए मिसाल पेश की है.
(विनय पांडेय की रिपोर्ट)
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