गुजरात के सूरत शहर से मानव सेवा और पुलिस की तत्परता का एक बेहद सराहनीय मामला सामने आया है. ट्रैफिक पुलिस के एक जवान की सूझबूझ और सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा (CPR) के कारण एक व्यक्ति की जान बच गई. ट्रैफिक पुलिस कर्मी द्वारा अधेड़ उम्र के व्यक्ति को सीपीआर देकर होश में लाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है.
पुलिस वाले CPR देकर बचाई जान-
सूरत के गोडादरा इलाके में एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति पैदल जा रहे थे. अचानक उन्हें तेज चक्कर आया और वे बेहोश होकर सीधे सड़क पर गिर पड़े थे. घटना के समय पास में ही ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी परेश माली की नजर उन पर पड़ी तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत कंट्रोल रूम और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी. एम्बुलेंस के आने में कुछ समय लग सकता था और व्यक्ति की हालत को देखते हुए इंतजार करना जानलेवा साबित हो सकता था. ऐसे में ट्रैफिक जवान परेश माली ने अपनी सीपीआर देने की ट्रेनिंग का इस्तेमाल करने का फैसला किया था.
पूरी तरह से सेफ है शख्स-
परेश माली ने तुरंत सड़क पर ही बेहोश पड़े व्यक्ति को CPR (कार्डियोपुलमोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया था. लगातार सीपीआर देने का चमत्कारिक असर हुआ और बेहोश व्यक्ति धीरे-धीरे होश में आ गया. कुछ ही देर में 108 एम्बुलेंस भी मौके पर पहुँच गई. मेडिकल टीम ने प्राथमिक जांच की और व्यक्ति की तबीयत पूरी तरह स्थिर पाई गई. इसके बाद सुरक्षित रूप से उन्हें उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो-
सूरत शहर पुलिस के ट्रैफिक पुलिस जवान परेश की इस त्वरित कार्रवाई, मानवीय संवेदना और सूझबूझ की पूरी घटना का वीडियो सोश्यल मीडिया पर सामने आते ही लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे है. मुसीबत के समय दिखाई गई इस मुस्तैदी ने साबित कर दिया कि पुलिस की ट्रेनिंग केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही नहीं, बल्कि बहुमूल्य जिंदगियां बचाने में भी उतनी ही कारगर है.
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