YouTube और Instagram पर AI से बने फर्जी डॉक्टर फैला रहे गंभीर बीमारियों को लेकर झूठी जानकारी, कहीं आप भी तो नहीं फंसे AI इन्फोकलिप्स के चक्कर में

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे YouTube और Instagram पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें AI जनरेटेड डॉक्टर सफेद कोट पहनकर गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर और हार्ट अटैक पर इलाज बताते नजर आते हैं. दे

AI infocalypse
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:23 PM IST

इंटरनेट पर अब एक खतरनाक ट्रेंड तेजी से फैल रहा है AI से बने नकली डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट, जो असली लगते हैं, लेकिन पूरी तरह फर्जी होते हैं. ये वीडियो और सोशल मीडिया अकाउंट लोगों को ऐसी सलाह दे रहे हैं जो कभी गलत, कभी अधूरी और कई बार सीधा नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है. यही स्थिति अब AI Infocalypse कही जा रही है, यानी AI के जरिए फैलने वाला गलत जानकारी का बड़ा संकट.

AI से बने नकली डॉक्टर, असली पहचान का धोखा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे YouTube और Instagram पर ऐसे कई वीडियो हैं, जिनमें AI जनरेटेड डॉक्टर सफेद कोट पहनकर गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर और हार्ट अटैक पर इलाज बताते नजर आते हैं. देखने में ये डॉक्टर पूरी तरह असली लगते हैं क्लिनिक सेटअप, ICU बैकग्राउंड और मेडिकल टर्म्स के साथ. लेकिन इनमें से कई डॉक्टर असल में मौजूद ही नहीं हैं. कुछ मामलों में असली डॉक्टरों की पहचान का गलत इस्तेमाल भी किया गया है. उदाहरण के तौर पर Dr William Li जैसे डॉक्टर की इमेज का इस्तेमाल करके फर्जी दावे फैलाए गए, जबकि उन्होंने ऐसे बयान कभी दिए ही नहीं.

झूठे दावों से फैल रही गलत जानकारी
इन वीडियो में कई बार यह दावा किया जाता है कि किसी आसान तरीके से कैंसर सेल्स को खत्म किया जा सकता है या गंभीर बीमारियों का घरेलू इलाज संभव है. ऐसे दावे लोगों को अपनी तरफ खींचते हैं, खासकर जब कमेंट सेक्शन में लोग धन्यवाद देते या दवाइयां आजमाने की बात करते दिखते हैं. लेकिन यह बेहद खतरनाक है क्योंकि इससे लोग डॉक्टर की सलाह लेने के बजाय सोशल मीडिया पर भरोसा करने लगते हैं.

AI डॉक्टर और फेक हेल्थ इन्फ्लुएंसर का नेटवर्क
सिर्फ YouTube ही नहीं, Instagram पर भी ऐसे दर्जनों AI-जनरेटेड हेल्थ अकाउंट सामने आए हैं. ये अकाउंट सफेद कोट, स्टेथोस्कोप और हॉस्पिटल बैकग्राउंड के साथ खुद को MD या health Expert बताते हैं. कुछ अकाउंट्स में तो Board-certified doctor जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश की जाती है. कई प्रोफाइल्स पर हजारों से लेकर लाखों फॉलोअर्स तक हैं.

लोकल भाषा में बन रहा भरोसा, और बढ़ रहा खतरा
अब यह ट्रेंड सिर्फ अंग्रेजी तक सीमित नहीं है. कई AI-जनरेटेड आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और देशी दादी जैसे कैरेक्टर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में सलाह दे रहे हैं. ये लोग पारंपरिक इलाज और घरेलू नुस्खों के नाम पर ऐसी बातें फैलाते हैं जो मेडिकल रूप से साबित नहीं होतीं. उदाहरण के तौर पर एक वीडियो में डैंड्रफ के इलाज के लिए बालों पर बेकिंग सोडा डालने की सलाह दी गई, जबकि ऐसा करना आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकता है.

सोशल मीडिया बन रहा है कमाई का जरिया
इन नकली अकाउंट्स का मकसद सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि पैसा कमाना भी है. कई प्रोफाइल ब्रांड प्रमोशन, प्रोडक्ट लिंक और स्पॉन्सर्ड पोस्ट के जरिए कमाई कर रहे हैं. इस तरह AI से बना भरोसा सीधे मार्केटिंग और बिक्री में बदला जा रहा है.

क्यों है यह खतरा गंभीर?
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग इन वीडियो को असली मान लेते हैं. हेल्थ जैसे संवेदनशील विषय पर गलत जानकारी गंभीर नुकसान कर सकती है गलत इलाज, देर से सही इलाज और कई मामलों में जान का खतरा भी. WHO जैसी संस्थाएं भी AI के गलत इस्तेमाल और भरोसेमंद दिखने वाली झूठी जानकारी को लेकर चेतावनी दे चुकी हैं, लेकिन अभी तक ऐसे AI-जनरेटेड डॉक्टर अवतार पर सख्त नियम नहीं बन पाए हैं.

इनपुट-बिदिशा साहा
 

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