देश के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS में MRI और CT Scan के लिए लंबा इंतजार करने वाले मरीजों को अब इस समस्या से राहत मिलने वाली है. दरअसल, इन जांचों की वेटिंग लिस्ट को खत्म करने के लिए एम्स एक खास योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत निजी लैब के साथ करार कर ओपीडी मरीजों के CT Scan और MRI जैसे टेस्ट जल्द कराने की योजना बनाई जा रही है.
ओपीडी मरीजों की MRI और CT Scan की वेटिंग लिस्ट होगी खत्म
दिल्ली एम्स में ओपीडी मरीजों को MRI और CT Scan कराने के लिए 3 साल तक की वेटिंग लिस्ट का इंतजार करना पड़ता है. वेटिंग लिस्ट खत्म करने के लिए निजी लैब से करार कर मरीजों को किफायती दर पर टेस्ट उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है.
देश के सबसे बड़े अस्पताल राजधानी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में MRI और CT Scan के लिए लंबा इंतजार करने वाले मरीजों को अब इस समस्या से छुटकारा मिलने वाला है. दरअसल, इन जांचों की वेटिंग लिस्ट को खत्म करने के लिए एम्स खास योजना पर काम कर रहा है. निजी लैब के जरिए करार कर ओपीडी मरीजों के CT Scan और MRI जैसे टेस्ट जल्द कराने की योजना पर काम किया जा रहा है. इसे लेकर करीब 20 निजी लैब ने दिलचस्पी दिखाई है, जिनकी जांच की जा रही है.
6 महीने के लिए दिल्ली एम्स में लागू किया जाएगा
सब कुछ सही रहने पर इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 महीने के लिए दिल्ली एम्स में लागू किया जाएगा. इसके बाद ओपीडी में इलाज कराने वाले ऐसे मरीज, जिन्हें CT Scan या MRI कराने के लिए कई-कई साल तक वेटिंग लिस्ट में इंतजार करना पड़ता है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा. वे किफायती दर पर निजी लैब में अपना टेस्ट बिना वेटिंग के करा सकेंगे.
टेस्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा
दिल्ली एम्स में वेटिंग को लेकर कई खबरें सामने आती रहती हैं. मरीजों को अपने इलाज के लिए लंबे इंतजार के साथ ही टेस्ट कराने के लिए भी लंबी तारीख मिलती है, जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अब इसी समस्या का समाधान निजी लैब के जरिए तलाशने का प्रयास किया जा रहा है. इसको लेकर दिल्ली एम्स की ओर से निजी लैब से करार करने की दिशा में काम शुरू किया गया है. इसे लेकर कई लैब ने रुचि भी दिखाई है.
MRI और CT Scan जैसे टेस्ट महज चार दिनों में लोगों को उपलब्ध हो सकेंगे
इन निजी लैब के तय मापदंडों की जांच एम्स की ओर से की जाएगी. जो निजी टेस्ट लैब सरकारी मापदंडों पर खरी उतरेंगी, उन्हें इस योजना से जोड़ा जा सकेगा. योजना से जुड़ने के बाद ऐसे मरीज, जिन्हें डॉक्टर MRI या CT Scan कराने की सलाह देते हैं, वे चयनित निजी लैब में अपनी जांच करा सकेंगे. वहीं, इस योजना के शुरू होने पर उम्मीद है कि MRI और CT Scan जैसे टेस्ट महज चार दिनों में लोगों को उपलब्ध हो सकेंगे, जिसके लिए फिलहाल दिल्ली एम्स में 3 साल तक का वेटिंग पीरियड चल रहा है.
बता दें कि यह योजना मुख्य रूप से ओपीडी मरीजों को लाभ देगी, क्योंकि ओपीडी मरीजों को काफी लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता है. एम्स में टेस्ट के लिए लंबी तारीख मिलने से लोगों को परेशानी होती है. हालांकि, भर्ती मरीजों के लिए यह सुविधा उपलब्ध है और उनकी जरूरत के हिसाब से टेस्ट समय पर कर दिए जाते हैं.
ओपीडी में प्रतिदिन 15 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं
बता दें कि दिल्ली एम्स देश का सबसे बड़ा अस्पताल है, जहां हजारों की संख्या में लोग प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं. अगर बात ओपीडी की करें तो यहां करीब 15 हजार मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचते हैं और उनमें से कई मरीजों को अलग-अलग प्रकार के टेस्ट की जरूरत पड़ती है. ऐसे मरीजों को एम्स में अपना टेस्ट कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है. अब इसी समस्या के समाधान के लिए निजी लैब से करार करने की योजना पर काम चल रहा है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस योजना को लागू किया जाएगा.
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