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Beauty Parlour Stroke Syndrome: क्या है ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम? खूबसूरत बालों का शौक आपको कर सकता है बीमार

लोग अपने बालों को वॉश करने के लिए और कई तरह की ट्रीटमेंट लेने के लिए सैलून या पार्लर का सहारा लेते हैं लेकिन पार्लर में बालों पर ट्रीटमेंट लेने से या हेयर वॉश कराने से ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का खतरा होता है.

beauty parlour stroke syndrome
नीतू झा
  • नई दिल्ली,
  • 12 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

शादियों के सीजन की शुरुआत हो गई है. ऐसे में ब्यूटी पार्लर और सलून में बालों का ट्रीटमेंट लेने वाले लोगों की लंबी लाइन लगी होती है. हर कोई चाहता है कि किसी फंक्शन में वो अच्छे नजर आए. यही वजह है कि लोग अपने बालों को वॉश करने के लिए और कई तरह की ट्रीटमेंट लेने के लिए सैलून या पार्लर का सहारा लेते हैं लेकिन पार्लर में बालों पर ट्रीटमेंट लेने से या हेयर वॉश कराने से ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का खतरा होता है.

स्ट्रोक आने का होता है खतरा
इसे लेकर राम मनोहर लोहिया की न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर ज्योति गर्ग ने बताया, लंबे समय तक अगर गर्दन झुकी रहे तो ऐसे में दिल और दिमाग का कनेक्शन ठीक ढंग से नहीं हो पाता क्योंकि दिमाग तक ऑक्सीजन का फ्लो कम हो जाता है. वहीं कई सैलून में हेड मसाज भी दिए जाते हैं और शोल्डर मसाज की जाती है. अगर वह लोग ठीक से मसाज करने वाले नहीं हों तो स्ट्रोक आने का खतरा हो सकता है.

ठीक ढंग से होनी चाहिए हेयर वॉश करने की प्रक्रिया
बड़े शहरों में ब्यूटी पार्लर या सैलून में हेयर वॉश कराना काफी आम होता है. कई लोग महीने में 1 से 2 बार पार्लर में हेयर वॉश करने जाते हैं, इस बारे में जब गुड न्यूज टुडे की टीम ने दिल्ली के एक सैलून संचालक से बात की तो उन्होंने बताया कि जो लोग प्रोफेशनल नहीं होते, उन्हें ठीक ढंग से हेयर वॉश करने की प्रक्रिया के बारे में नहीं पता होता है. अमूमन एक शख्स का हेयर वॉश 10 से 15 मिनट में होता है. ऐसे में इस चीज का जरूर ध्यान रखना चाहिए कि जब भी आप किसी क्लाइंट को बिठाते हैं तो यह जरूर देखें कि वह कंफर्टेबल है या नहीं और हैंड वॉश करने के बाद उन्हें मसाज जरूर दें ऐसा करने से ऑक्सीजन और ब्लड फ्लो ठीक हो जाता है.

 

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