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New Covid Variant: बदलते मौसम में बढ़ रहे सर्दी-जुकाम और वायरल के मरीज, कोरोना के बीच ऐसे रखें खुद का ख्याल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 के नए सब-वैरिएंट जेएन.1 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में क्लासिफाइड किया है. इधर बदलते मौसम के बीच लोगों में सर्दी-जुकाम और वायरल का खतरा भी बढ़ गया है. चूंकि कोरोना के लक्षण आम वायरल से मिलते जुलते हैं ऐसे में लोगों की चिंता और बढ़ गई है.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 20 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 12:38 PM IST
  • सर्दी-जुकाम और वायरल का खतरा भी बढ़ा
  • जानें कोविड-19 सबवैरिएंट JN.1 के लक्षण

देश में कोविड के नए सब वैरिएंट (JN.1 Coronavirus ) पाए जाने के बाद सरकारें अलर्ट हो गई हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 के नए सब-वैरिएंट जेएन.1 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में क्लासिफाइड किया है. इधर बदलते मौसम के बीच लोगों में सर्दी-जुकाम और वायरल का खतरा भी बढ़ गया है. चूंकि कोरोना के लक्षण आम वायरल से मिलते जुलते हैं ऐसे में लोगों की चिंता और बढ़ गई है.

ऐसे रखें खुद का ख्याल

  • भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें.

  • सर्दी जुकाम होने पर मास्क का इस्तेमाल करें.

  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट में यात्रा करते हुए मास्क लगाएं

  • खांसते और छींकते हुए रुमाल का प्रयोग करें.

  • खांसने या छींकने वाले किसी भी व्यक्ति के निकट संपर्क से बचें.

  • इस्तेमाल किए गए टिश्यू को डस्टबिन में ही फेंके.

  • संतुलित और स्वस्थ आहार भी लें.

कोविड-19 सबवैरिएंट JN.1 के लक्षण

  • बुखार, सिरदर्द

  • नाक से पानी बहना

  • गला खराब होना

  • गैस्ट्रो-इंटसटाइनल समस्याएं

घबराने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में जेएन.1 से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रयासों पर जोर दिया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने कहा, हमें सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. आइए हर 3 महीने में एक बार सभी अस्पतालों में मॉक ड्रिल करें. हमारी तैयारी में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए और मैं राज्यों को केंद्र की ओर से पूरे सहयोग का आश्वासन देता हूं.'

जीनोम सीक्वेंसिंग पर जोर
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने अस्पतालों में निगरानी बढ़ाने और नियमित मॉक ड्रिल की आवश्यकता पर जोर दिया है. उन्होंने कहा, "निगरानी तेज कर दी गई है, और सभी परीक्षणों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जा रहा है. अस्पताल की तैयारी, इक्वीपमेंट, पीपीई किट सभी की नियमित समीक्षा की जा रही है. बता दें कि 18 दिसंबर को भारत में भी जेएन.1 वैरिएंट का पहला मामला सामने आया था. केरल में एक 79 वर्षीय महिला इससे संक्रमित हुई थी. इस मामले के सामने आने के बाद केरल समेत सभी राज्यों में एडवाइजरी जारी की गई है.

 

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