गर्दन चटकाना हो सकता है जानलेवा साबित, पांच दिन बाद हुई महिला स्ट्रोक की शिकार

अक्सर तनाव में लोग गर्दन चटकाते हैं. ऐसे ही मामले में एक युवती ने गर्दन चटकाई. जिसके बाद उन्हें थोड़ा दर्द महसूस हुआ. उन्होंने डॉक्टर को भी दिखाया. लेकिन केवल 5 दिन बाद अचानक उन्हें स्ट्रोक आ गया.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में गर्दन अकड़ना और राहत पाने के लिए उसे हल्का सा चटकाना बहुत आम हो गया है. ज़्यादातर लोग इसे बिल्कुल सामान्य मानते हैं, लेकिन अमेरिका की रहने वाली केलाइन फेल्थागर के साथ हुई घटना ने इस आदत के खतरनाक पहलू को सामने ला दिया है. उनका अनुभव अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि रोज़मर्रा की यह आदत कितनी जोखिमभरी हो सकती है.

केलाइन एक दिन वॉलमार्ट से खरीदारी कर घर लौट रही थीं. रास्ते में उन्हें हल्का सिरदर्द महसूस हुआ. तनाव कम करने के लिए उन्होंने आदतन अपनी गर्दन को दाईं ओर खींचकर स्ट्रेच किया. गर्दन से हल्की सी चटक की आवाज़ आई, जिसे उन्होंने पहले की तरह नज़रअंदाज़ कर दिया. लेकिन इस बार इसके तुरंत बाद उनकी गर्दन में तेज़ दर्द शुरू हो गया, जो पहले से बिल्कुल अलग था.

दर्द रहा बरकरार
दर्द कई दिनों तक बना रहा, लेकिन उन्होंने डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय दर्द निवारक दवाइयों से काम चलाया. उन्हें लगा कि कुछ समय में सब ठीक हो जाएगा. पांचवें दिन हालात अचानक बिगड़ गए. वह किचन में बैठकर डेट के लिए मेकअप कर रही थीं, तभी उनकी दाईं आंख के सामने तेज़ रोशनी चमकी और उनकी नजर अचानक चली गई. करीब 15 मिनट तक उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दिया. नजर लौटने पर उन्होंने इसे अजीब लेकिन अस्थायी घटना मानकर टाल दिया.

कुछ ही देर बाद उनके शरीर के दाहिने हिस्से में झनझनाहट शुरू हुई, जो धीरे-धीरे सुन्नपन में बदल गई. सबसे डरावना पल तब आया जब वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं. शब्दों की जगह मुंह से अस्पष्ट आवाज़ें निकलने लगीं. यह देख उनके पति घबरा गए और तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए.

गर्दन चटकाने से आया स्ट्रोक
अस्पताल में डॉक्टरों ने सीटी स्कैन किया, जिसकी रिपोर्ट देखकर स्थिति साफ हो गई. केलाइन को स्ट्रोक आ चुका था. जब डॉक्टरों ने गर्दन दर्द के बारे में पूछा, तो उन्होंने गर्दन चटकाने की पूरी घटना बताई. जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि गर्दन चटकाने से उनकी गर्दन की एक नस फट गई थी, इसी वजह से खून का थक्का बना, जो दिमाग तक पहुंच गया और स्ट्रोक का कारण बना.

डॉक्टरों के अनुसार, केलाइन की किस्मत अच्छी थी कि खून का थक्का समय रहते घुल गया और सर्जरी की ज़रूरत नहीं पड़ी. सही वक्त पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई. अब वह धीरे-धीरे रिकवरी की ओर बढ़ रही हैं. यह घटना एक सख्त चेतावनी है कि गर्दन चटकाने जैसी मामूली लगने वाली आदत भी गंभीर और जानलेवा साबित हो सकती है.

 

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