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Smog returns to Delhi: दिल्ली में लौटने लगा स्मॉग, सर्दियों से पहले संभल जाएं, प्रदूषण से बचने के लिए अभी से बरतें ये सावधानियां

20 अक्टूबर को देशभर में दशहरा मनाया गया. दिल्ली में भी जगह-जगह रामलीला, रावण दहन और आतिशबाजी हुई. पटाखों से हवा में बारीक कण और दूसरे प्रदूषक फैल सकते हैं.

Smog After Dussehra
अपूर्वा राय
  • नई दिल्ली ,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:17 AM IST
  • कई इलाकों में AQI 200 के पार पहुंचा
  • प्रदूषण से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

देशभर में 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया गया. रावण दहन और आतिशबाजी के अगले दिन यानी 21 अक्टूबर की सुबह दिल्ली-NCR के लोगों की शुरुआत धुंध और प्रदूषण की मोटी चादर के बीच हुई. सुबह कई इलाकों में धुंध छाई रही. तापमान में गिरावट के साथ हवा की गुणवत्ता भी बिगड़ने लगी है. ऐसे में अगर आप सुबह टहलने जाते हैं, बच्चों को स्कूल छोड़ने निकलते हैं या काम के लिए घर से बाहर जाते हैं, तो सावधानी बरतना जरूरी है.

वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली (AQEWS) के मुताबिक, दिल्ली की हवा बुधवार से शुक्रवार, 23 अक्टूबर तक खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है. मंगलवार को दिल्ली का AQI 179 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है. बुधवार की शुरुआत में ही कई इलाकों का AQI 200 के पार पहुंच गया. इसका मतलब है कि प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है.

कई इलाकों में AQI 200 के पार पहुंचा
बुधवार आधी रात के आसपास दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई थी.

  • बवाना में AQI 273 दर्ज किया गया.

  • द्वारका सेक्टर-8 में AQI 262 रहा.

  • दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के इलाके में AQI 248 दर्ज हुआ.

AQI का स्तर 201 से 300 के बीच होने पर हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है. इस स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है. अस्थमा, फेफड़ों और दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के साथ बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है.

दशहरे पर आतिशबाजी से कितना बढ़ा प्रदूषण?
20 अक्टूबर को देशभर में दशहरा मनाया गया. दिल्ली में भी जगह-जगह रामलीला, रावण दहन और आतिशबाजी हुई. पटाखों से हवा में बारीक कण और दूसरे प्रदूषक फैल सकते हैं. ऐसे में दशहरे के बाद प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है. राजधानी में प्रदूषण बढ़ने की कई वजहें हैं. गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल, कारखानों से होने वाला उत्सर्जन और कचरा जलाने से भी हवा दूषित होती है.

तापमान गिरने के साथ क्यों बढ़ता है प्रदूषण?
दिल्ली में तापमान धीरे-धीरे नीचे आ रहा है. मंगलवार को सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दोनों सामान्य से कुछ कम थे.

सर्दी बढ़ने के साथ कई बार हवा की गति कम हो जाती है और वातावरण में ऐसी स्थितियां बनती हैं, जिनमें प्रदूषक आसानी से ऊपर नहीं जा पाते. नतीजतन, वाहनों, उद्योगों और अन्य स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषक जमीन के करीब जमा होने लगते हैं.

यही वजह है कि सर्दियों में दिल्ली-NCR में धुंध और स्मॉग की समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है. AQEWS के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 अक्टूबर तक हवा खराब श्रेणी में रह सकती है. इसके बाद के छह दिनों के लिए भी अनुमान खराब हवा की ओर इशारा करता है.

प्रदूषण से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
N95 मास्क पहनें: बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क लगाएं. यह हवा में मौजूद बारीक कणों के संपर्क को कम करने में मदद करता है. साधारण कपड़े का मास्क बारीक प्रदूषक कणों से उतनी सुरक्षा नहीं देता.

सुबह की सैर का समय बदलें: अगर बाहर धुंध और प्रदूषण ज्यादा है, तो खुले में टहलने या दौड़ने से बचें. व्यायाम घर के अंदर करें या हवा की गुणवत्ता बेहतर होने पर बाहर जाएं.

बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें: बच्चों को लंबे समय तक प्रदूषित हवा में खेलने न दें. बुजुर्गों और सांस या दिल की बीमारी वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.

आंखों को सुरक्षित रखें: धुंध के कारण आंखों में जलन हो तो आंखों को रगड़ने से बचें. जरूरत पड़ने पर चश्मे का इस्तेमाल करें.

अपने इलाके का AQI चेक करें: बाहर जाने से पहले अपने इलाके का AQI जांचें. अगर हवा बहुत खराब है, तो गैर-जरूरी बाहरी गतिविधियां टाल दें.

घर के अंदर भी प्रदूषण से बचाव जरूरी
खिड़की-दरवाजे बंद रखने से बाहर की प्रदूषित हवा का घर में आना कुछ हद तक कम हो सकता है. हालांकि, घर में हवा का आवागमन पूरी तरह रोकने के बजाय वेंटिलेशन का ध्यान रखें और हवा की गुणवत्ता बेहतर होने पर खिड़कियां खोलें.

एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करें: HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद बारीक कणों को कम करने में मदद कर सकता है. इसे कमरे के आकार के हिसाब से चुनें और फिल्टर समय पर बदलें.

अगरबत्ती जलाने से बचें: घर के अंदर सिगरेट, अगरबत्ती और ऐसी चीजें जलाने से बचें, जिनसे धुआं निकलता है. इससे घर के अंदर भी प्रदूषण बढ़ सकता है.

गीले कपड़े से सफाई करें: फर्श पर झाड़ू लगाने या सूखे कपड़े से धूल उड़ाने के बजाय गीले कपड़े से सफाई करें. HEPA फिल्टर वाला वैक्यूम क्लीनर भी उपयोगी हो सकता है.

1 नवंबर से लागू होगा दिल्ली सरकार का विंटर एक्शन प्लान
दिल्ली सरकार 1 नवंबर से शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण योजना लागू करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत वाहनों से होने वाले प्रदूषण, निर्माण स्थलों की धूल और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे.

योजना में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को ईंधन नहीं देने की नीति शामिल है. इसके अलावा, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI मानक का पालन नहीं करने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है. इस नियम में कुछ छूट लागू हो सकती हैं.

सरकार ने 50% कर्मचारियों के लिए घर से काम करने, निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने या प्रतिबंध लगाने, धूल की निगरानी बढ़ाने और सड़कों की मशीनों से सफाई जैसे कदमों की भी घोषणा की है. प्रदूषण बढ़ने पर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत भी चरणबद्ध तरीके से सख्त कदम उठाए जा सकते हैं.

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