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Explainer: कोरोना के बाद क्या ये है अगली महामारी? जानिए लासा वायरस के बारे में, इसके लक्षण और कैसे करें बचाव

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लासा बुखार से संक्रमित होने वाले लगभग 80 प्रतिशत लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं. पांच में से एक इंसान को ये गंभीर बीमारी होती है. ये वायरस आपके स्प्लीन, किडनी और लिवर को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है.

Lassa Fever
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 5:11 PM IST
  • चूहों के मल-मूत्र से फैलने वाला यह संक्रमण पहले भी कई जगह फैल चुका है.
  • कई लोग होते हैं एसिम्पटोमैटिक

कोरोना वायरस दुनिया से अभी तक खत्म नहीं हुआ है और एक नई बीमारी ने फिर दस्तक दे दी है. इंग्लैंड में लासा बुखार (Lassa Fever) नाम की बीमारी सामने आई है. इस बुखार से दो लोग संक्रमित पाए गए हैं, जबकि एक और मरीज को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. बता दें, ये तीनों मामले एक ही परिवार के हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लासा बुखार मल या मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है

आपको बता दें, ये एक जूनोटिक बीमारी है. जो बीमारी जानवरों और पक्षियों से इंसानों में फैलती है उन्हें हम विज्ञान की भाषा में 'जूनोटिक डिजीज' कहते हैं. जैसे जीका वायरस, इबोला और कोरोना. 

लासा बुखार क्या है और कैसे फैलता है?

लासा बुखार खाने या कचरे या दूषित वस्तुओं के संपर्क में आने से लोगों में फैलता है. चूहों के मल-मूत्र से फैलने वाला यह संक्रमण पहले भी कई देशों में फैल चुका है. लासा बुखार एक गंभीर वायरल हीमोरेजिक बीमारी है, जो लासा वायरस से फैलती है. साइंस की भाषा में कहें, तो ये एरेनावाइरस परिवार का सदस्य है. यह जानवरों के जरिए होने वाली एक बीमारी है.

आपको बता दें, इस बुखार इंसानों में करीब 6 से 21 दिनों तक रहता है. साथ ही ये हमारे शरीर से निकलने वाले फ्लूइड के माध्यम से भी फैल सकता है और दूसरों को संक्रमित कर सकता है. 

किसे है सबसे ज्यादा खतरा?

गौरतलब है कि चूहों के मल-मूत्र से फैलने वाली इस बीमारी से पश्चिमी अफ्रीका स्थानीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा है. जो लोग जोखिम वाले व्यवसायों में काम करते हैं जैसे मेडिकल, अस्पताल, या दूसरे हेल्पर्स, उन्हें इससे सबसे ज्यादा खतरा है.

बीमारी के लक्षण क्या हैं?

ज्यादातर मामलों में ये लक्षण सामने आए हैं: 

1. बुखार
2. थकान
3. उल्टी आना 
4. दस्त
5. सिर दर्द
6. पेट के दर्द
7. गले में खराश

कई लोग होते हैं एसिम्पटोमैटिक 

ध्यान रहे कि कई लोगों में इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं. वे लोग एसिम्पटोमैटिक (Asymptomatic) होते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लासा बुखार से संक्रमित होने वाले लगभग 80 प्रतिशत लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं. पांच में से एक इंसान को ये गंभीर बीमारी होती है. ये वायरस आपके स्प्लीन, किडनी और लिवर को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है. 

ब्रिटेन में लासा बुखार के कितने मामले सामने आए हैं?

गौरतलब है कि पश्चिम अफ्रीका के बाद इंग्लैंड में लासा बुखार के मामले सामने आए हैं.  वहीं, ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने 9 फरवरी को बताया कि लासा बुखार से दो लोग संक्रमित पाए गए हैं. लस्सा बुखार के एक और संभावित मामले की जांच की जा रही है. ये तीनों ही मामले पूर्वी  इंग्लैंड में एक ही परिवार के हैं.

यूकेएचएसए के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ सुसान हॉपकिंस ने कहा, "इंग्लैंड में लस्सा बुखार के 2 मामलों की पहचान की गई है, और एक और संभावित मामले की जांच चल रही है. मामले एक ही परिवार के हैं और हाल ही में उन्होंने पश्चिम अफ्रीका की यात्रा की थी. लासा बुखार के मामले लोगों के बीच आसानी से नहीं फैलते हैं."

हालांकि, एक मरीज के ठीक होने की खबर है और दूसरे को रॉयल फ्री लंदन एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में विशेषज्ञ देखभाल के लिए भेजा जाएगा. 

क्या लासा बुखार खतरनाक है?

डब्लूएचओ के मुताबिक, लासा बुखार वाले ज्यादातर लोग पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं, हालांकि कुछ व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं या उनकी मृत्यु हो सकती है. डॉ हॉपकिंस कहते हैं कि ब्रिटेन में इस बीमारी से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है. ये आसानी से नहीं फैलती है. उन्होंने बताया कि इस वक्त सभी इसे मॉनिटर कर रहे हैं. 

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