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Cholesterol in Youth: युवाओं में बढ़ रही दिल की बीमारियां, रोकने के लिए अपने कोलेस्ट्रॉल को करें मैनेज, जानें कैसे 

युवाओं में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कई मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि, इसके लिए उनकी जीवनशैली और डाइट कहीं न कहीं जिम्मेदार है. लोग आए दिन फैट वाला खाना और प्रोसेस्ड फूड खाते हैं.

Cholesterol (Credit: Unsplash)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 12:01 PM IST
  • कोलेस्ट्रॉल के बढ़ रहे मामले 
  • शुरुआत में ही रोकना जरूरी है बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल 

हाल के कुछ सालों में, दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है. युवा आबादी में कोलेस्ट्रॉल की शिकायत भी बढ़ रही है. ये वो लोग हैं जिनकी उम्र 20 साल से ऊपर है. हालांकि, अक्सर ये माना जाता है कि बढ़ती उम्र के साथ बीमारियां आती हैं जबकि अब 20 साल की उम्र वाले लोगों में भी बीमारियां दस्तक दे रही हैं. लेकिन अगर सही समय पर एक्सपर्ट्स की सलाह ले ली जाए तो कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है. 

कोलेस्ट्रॉल के बढ़ रहे मामले 

कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन लिवर करता है. कोलेस्ट्रॉल हार्मोन प्रोडक्शन, विटामिन डी सिंथेसिस और पाचन के लिए जरूरी पित्त नमक (बाइल सॉल्ट) के बनने में जरूरी भूमिका निभाता है. ये इसके बाद खून में लिपोप्रोटीन (HDL) के रूप में ले जाया जाता है. एचडीएल, को अक्सर "अच्छा कोलेस्ट्रॉल" कहा जाता है. ये आदर्श रूप से ये 50 मिलीग्राम/डीएल से ज्यादा होना चाहिए, वहीं लॉ-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (low-density lipoprotein), या "खराब कोलेस्ट्रॉल" का स्तर कम रखा जाना चाहिए. 

लेकिन भारतीयों के लिए, जिनको दिल की बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है उनमें एलडीएल का लेवल ज्यादा रहता है. जबकि आदर्श रूप से इसे 100 मिलीग्राम/डीएल से नीचे रहना चाहिए. जिसकी वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा और भी बढ़ जाता है. 

युवाओं में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण 

युवाओं में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कई मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि, इसके लिए उनकी जीवनशैली और डाइट कहीं न कहीं जिम्मेदार है. लोग आए दिन फैट वाला खाना और प्रोसेस्ड फूड खाते हैं. इसके अलावा, फास्ट फूड और अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि का भी इसमें बड़ा हाथ है. ये सबकुछ कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, सॉफ्ट ड्रिंक, स्नैक्स, शुगर इन्टेक ज्यादा हो जाने से लिपिड असंतुलन और बढ़ गया है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. 

शुरुआत में ही रोकना जरूरी है बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल 

अगर आप चाहते हैं की बाद में जाकर आपको दिल से जुड़ी किसी बीमारी का सामना न करना पड़े, इसके लिए रोइने चेकअप जरूरी है. इससे आप जितना जल्दी हो सकता है अपने बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का पता कर पाएंगे. 20 साल और उससे ज्यादा उम्र के व्यक्तियों के लिए हर पांच साल में नियमित कोलेस्ट्रॉल जांच की सिफारिश की जाती है. अपनी डाइट ठीक रखें, नियमित एक्सरसाइज कर्ण, धूम्रपान बंद करें और कम से कम शराब पिएं. 


 

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