बारिश के बाद उमस क्यों बढ़ जाती है? इस मौसम में AC में ये वाली सेटिंग रहेगी सबसे बेस्ट

उमस का मतलब है हवा में पानी की भाप (Water Vapour) की मात्रा बढ़ जाना. जब बारिश होती है या वातावरण में नमी ज्यादा होती है, तो हवा पहले से ही पानी से भरी रहती है. ऐसे में शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी सूख नहीं पाता.

Humid Heat
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST
  • उमस से राहत पाने के आसान तरीके
  • Dry Mode पर चलाएं AC

बारिश होने के बाद अक्सर लोग कहते हैं, गर्मी तो कम हुई, लेकिन उमस ने जीना मुश्किल कर दिया. कई बार तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस ही होता है, फिर भी पसीना रुकने का नाम नहीं लेता. एसी वाले कमरे से बाहर निकलते ही चिपचिपाहट महसूस होने लगती है. इसकी वजह सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि हवा में बढ़ी नमी यानी उमस (Humidity) होती है.

उमस आखिर होती क्या है?
उमस का मतलब है हवा में पानी की भाप (Water Vapour) की मात्रा बढ़ जाना. जब बारिश होती है या वातावरण में नमी ज्यादा होती है, तो हवा पहले से ही पानी से भरी रहती है. ऐसे में शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी सूख नहीं पाता. चूंकि पसीना नहीं सूखता, इसलिए शरीर अपनी गर्मी बाहर नहीं निकाल पाता और हमें ज्यादा गर्मी, चिपचिपाहट और बेचैनी महसूस होती है.

उमस में ज्यादा गर्मी क्यों लगती है?
हमारा शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा करता है. जब पसीना त्वचा से उड़ता (Evaporate) है, तब शरीर का तापमान कम होता है.

लेकिन उमस में हवा पहले से ही नमी से भरी होती है, इसलिए पसीना उड़ नहीं पाता. नतीजा यह होता है कि शरीर लगातार गर्म महसूस करता है और थोड़ी देर चलने या काम करने पर भी खूब पसीना आने लगता है.

यही वजह है कि कई बार 34°C की उमस वाली गर्मी, 40°C की सूखी गर्मी से भी ज्यादा परेशान कर सकती है.

उमस से क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं?

  • लगातार पसीना आना

  • डिहाइड्रेशन

  • थकान और कमजोरी

  • चक्कर आना

  • सिरदर्द

  • हीट एग्जॉशन और गंभीर स्थिति में हीट स्ट्रोक का खतरा

  • त्वचा पर घमौरियां और फंगल इंफेक्शन

उमस में AC की कौन-सी सेटिंग सबसे बेहतर है?
ज्यादातर लोग उमस होने पर एसी का तापमान 18-20°C कर देते हैं. लेकिन इससे हमेशा राहत नहीं मिलती.

अगर आपके AC में Dry Mode (ड्राई मोड) है, तो उमस के समय यही सेटिंग ऑन कर दें.

Dry Mode कैसे काम करता है?
Dry Mode का मुख्य काम कमरे की नमी (Humidity) कम करना होता है. इसमें कंप्रेसर लगातार नहीं चलता, बल्कि बीच-बीच में चलता है और हवा से अतिरिक्त नमी निकाल देता है. इससे कमरा ज्यादा आरामदायक लगता है, पसीना कम आता है और बिजली की खपत भी सामान्य कूल मोड की तुलना में कम हो सकती है.

कब इस्तेमाल करें Dry Mode?

  • बारिश के मौसम में

  • जब तापमान बहुत ज्यादा न हो लेकिन उमस हो

  • सुबह और शाम के समय

  • समुद्र किनारे या अधिक नमी वाले इलाकों में

अगर बाहर का तापमान 40°C से ऊपर है और उमस भी ज्यादा है, तो पहले Cool Mode से कमरा ठंडा करें, फिर जरूरत हो तो Dry Mode का इस्तेमाल करें.

उमस से राहत पाने के आसान तरीके

  • पर्याप्त मात्रा में पानी और ORS पिएं.

  • सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें.

  • कमरे में हवा का आवागमन बनाए रखें.

  • बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन कम खाएं.

  • दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचें.

  • पंखे और एसी का संतुलित इस्तेमाल करें.

  • घर में नमी कम रखने के लिए वेंटिलेशन का ध्यान रखें.

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